Image Slider

-नगर आयुक्त की मौजूदगी में ग्रामवासियों और अधिकारियों के बीच बनी सहमति
-11 स्थानीय किसानों और 12 अधिकारियों को मिलाकर गठित की गई जांच समिति
-समिति की रिपोर्ट के आधार पर ही आगे बढ़ेगी प्लांट से जुड़ी कार्यवाही

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। लोनी तहसील के ग्राम मीरपुर में प्रस्तावित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र को लेकर चल रहा ग्रामीणों का धरना आखिरकार समाप्त हो गया। नगर आयुक्त की मौजूदगी में ग्रामवासियों और नगर निगम के अधिकारियों के बीच हुई बैठक में आपसी सहमति बनते हुए धरना समाप्त करने का निर्णय लिया गया। साथ ही संयंत्र से जुड़े पर्यावरणीय प्रभावों की जांच के लिए एक संयुक्त समिति का गठन भी किया गया है। ग्राम मीरपुर में वर्ष 2012 में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए भूमि चिन्हित की गई थी। इसी भूमि पर आधुनिक तकनीक से लैस ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र स्थापित करने की प्रक्रिया चल रही है। वर्तमान में इस संयंत्र के लिए अत्याधुनिक मशीनें भी स्थापित की जा चुकी हैं। हालांकि स्थानीय ग्रामीणों के मन में संयंत्र के पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर कई तरह की आशंकाएं थीं, जिसके चलते वे विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इन आशंकाओं को दूर करने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रशासन ने स्थानीय ग्रामीणों और अधिकारियों की संयुक्त समिति बनाने का निर्णय लिया। इस समिति में 11 स्थानीय ग्राम प्रतिनिधियों और 12 अधिकारियों को शामिल किया गया है, जो संयंत्र के पर्यावरणीय पहलुओं की जांच करेंगे और अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।

नगर आयुक्त से मुलाकात के दौरान ग्रामवासियों ने उन्हें ज्ञापन सौंपकर अपनी चिंताएं और मांगें रखीं। इसके बाद नगर आयुक्त की उपस्थिति में ग्रामीणों और नगर निगम के अधिकारियों के बीच विस्तृत बैठक हुई, जिसमें पर्यावरणीय परीक्षण कराने और उसके आधार पर आगे की कार्यवाही करने पर सहमति बनी। इसी के साथ ग्रामीणों ने अपना धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी। गठित समिति में प्रशासन और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। इनमें अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व,अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी,क्षेत्रीय अधिकारी यूपीपीसीबी,उप जिलाधिकारी लोनी,अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद लोनी, यूपीसीडा, जीडीए सचिव, जीडीए चीफ इंजीनियर, अपर नगर आयुक्त, नगर निगम के चीफ इंजीनियर, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, अधिशासी अभियंता प्रकाश को समिति में रखा गया है।

इसके अलावा ग्राम मीरपुर के प्रतिनिधियों के रूप में रविंद्र त्यागी, मास्टर महेंद्र सिंह त्यागी, रविंद्र मंडार, पवन मंडार, मोनू त्यागी, चेतन त्यागी, दीपक त्यागी, लीलू त्यागी, मोहम्मद इरशाद, विपिन कुमार ‘बिल्लू’ और प्रवीण मलिक को समिति में शामिल किया गया है। अधिकारियों के अनुसार यह समिति संयंत्र से जुड़े सभी पर्यावरणीय पहलुओं की जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्यवाही तय की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्र आधुनिक तकनीक से तैयार किया जा रहा है, जिससे पर्यावरण पर न्यूनतम प्रभाव पड़े और शहर के कचरा प्रबंधन की समस्या का समाधान हो सके। बैठक के बाद ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि समिति निष्पक्ष जांच कर सही रिपोर्ट देगी और उनके पर्यावरण तथा स्वास्थ्य से जुड़े सभी मुद्दों को ध्यान में रखा जाएगा। वहीं प्रशासन ने भी आश्वासन दिया कि जनभावनाओं का पूरा सम्मान किया जाएगा और किसी भी निर्णय से पहले पर्यावरणीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||