-सराय काले खां से जेवर एयरपोर्ट तक हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की तैयारी तेज
-नोएडा सेक्टर-148 और जेवर एयरपोर्ट जीटीसी में प्रस्तावित दो स्टेशन
-मेट्रो, नमो भारत और एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा देश का पहला हाईस्पीड रेल कनेक्टेड एयरपोर्ट
उदय भूमि संवाददाता
ग्रेटर नोएडा। दिल्ली से वाराणसी तक प्रस्तावित हाईस्पीड ट्रेन परियोजना को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जोड़ने की प्रक्रिया तेज हो गई है। मंगलवार को नेशनल हाईस्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) की टीम यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) कार्यालय पहुंची और एयरपोर्ट के आसपास विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर तथा ट्रेन के एलाइनमेंट पर विस्तृत चर्चा की।
यीडा के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया ने बताया कि दिल्ली–वाराणसी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर के लिए गौतमबुद्ध नगर में दो स्टेशन प्रस्तावित हैं। पहला स्टेशन नोएडा के सेक्टर-148 में बनाया जाएगा, जबकि दूसरा स्टेशन जेवर में बन रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के ग्राउंड ट्रांसपोर्टेशन सेंटर (जीटीसी) में भूमिगत बनाया जाएगा। इस रूट को केंद्रीय बजट में मंजूरी मिल चुकी है। बैठक में एनएचएसआरसीएल के प्रिंसिपल चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर सुधीर कुमार गुप्ता अपनी टीम के साथ मौजूद रहे। उन्होंने एयरपोर्ट के आसपास तैयार हो रहे ढांचागत विकास और प्रस्तावित परियोजनाओं की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि एयरपोर्ट के जीटीसी में पहले से ही मेट्रो और नमो भारत ट्रेन के भूमिगत स्टेशन प्रस्तावित हैं। इसके अलावा चोला से रुंधी तक ट्रैक बिछाकर भी एयरपोर्ट को जोड़ा जाएगा। बैठक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि भविष्य में जब हाईस्पीड ट्रेन का भूमिगत स्टेशन बनाया जाए, तब पहले से प्रस्तावित या निर्माणाधीन परियोजनाएं प्रभावित न हों। साथ ही सभी परियोजनाओं को ध्यान में रखते हुए स्टेशन को हाईस्पीड रेल परियोजना की डीपीआर में शामिल किया जा सके।
परियोजना के तहत दिल्ली के सराय काले खां से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक करीब 70 किलोमीटर का सफर हाईस्पीड ट्रेन से मात्र 21 मिनट में पूरा होने का दावा किया जा रहा है। प्रस्ताव के अनुसार रेलवे ट्रैक नोएडा और ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के बीच के हिस्से में एलिवेटेड बनाया जाएगा और यमुना एक्सप्रेसवे के रास्ते एयरपोर्ट के जीटीसी तक पहुंचेगा। अधिकारियों के अनुसार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश का पहला ऐसा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा होगा, जो सीधे हाईस्पीड ट्रेन से जुड़ा होगा। एयरपोर्ट को मेट्रो, नमो भारत ट्रेन के अलावा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, यमुना-गंगा एक्सप्रेसवे, एनएच-34, एनएच-91 और ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे से भी जोड़ा जा रहा है। इससे यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। यीडा के सीईओ आरके सिंह ने बताया कि बैठक का मुख्य उद्देश्य एनएचएसआरसीएल की टीम को एयरपोर्ट के आसपास के इंफ्रास्ट्रक्चर से अवगत कराना था, ताकि किसी भी परियोजना को प्रभावित किए बिना हाईस्पीड ट्रेन के भूमिगत स्टेशन को डीपीआर में शामिल किया जा सके।

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा)
दिल्ली–वाराणसी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर के तहत गौतमबुद्ध नगर में दो स्टेशन प्रस्तावित किए गए हैं। इनमें एक स्टेशन नोएडा के सेक्टर-148 में बनाया जाएगा, जबकि दूसरा जेवर में विकसित हो रहे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के ग्राउंड ट्रांसपोर्टेशन सेंटर में भूमिगत होगा। बैठक का उद्देश्य एनएचएसआरसीएल की टीम को एयरपोर्ट क्षेत्र में विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर से अवगत कराना था, ताकि भविष्य में हाईस्पीड रेल का स्टेशन तैयार करते समय पहले से प्रस्तावित या निर्माणाधीन परियोजनाओं पर कोई प्रभाव न पड़े और सभी व्यवस्थाओं को ध्यान में रखते हुए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा सके।
शैलेंद्र भाटिया
एसीईओ, यीडा
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