Image Slider

नई दिल्ली. यूं तो इंडस्ट्री में होली पर कई गाने बने हैं. लेकिन बात अगर भोजपुरी इंडस्ट्री की हो और होली गीत का जिक्र न हो ऐसा तो हो ही नहीं सकता. अब तक भोजपुरी के ऐसे कई गाने आ चुके हैं, जो होली के मौके पर छा जाते हैं. उन गानों को होली के मौके पर सुनने के बाद लोग मस्ती मूड में आ जाते हैं. अब तक ऐसे कई भोजपुरी गीत आए हैं, जिन्होंने होली के माहौल को और भी मस्ती भरा बना दिया है. ये भोजपुरी गाने होली पार्टी की शान होते हैं.

भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में होली की अपनी एक अलग ही अहमियत है. खासतौर पर पवन सिंह या खेसारी लाल के ‘होली गीत’ पूरे उत्तर भारत में बजते हैं और यह एक अलग मार्केट है. भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में होली का त्योहार पारंपरिक लोकगीतों और सुपरस्टार्स के धमाकेदार गानों का मिश्रण है, जो उत्तर भारत में होली का माहौल बनाते हैं. पवन सिंह और खेसारी लाल यादव के होली गीत – जैसे ‘लहंगवा लस-लस करता’ और ‘दई रुपया’ – अपनी मस्ती, ढोलक और डीजे बीट्स के कारण बिहार, यूपी से लेकर दिल्ली तक हर जगह छाए रहते हैं.

धमाल मचा देते हैं पवन सिंह के होली गीत

पवन सिंह के होली गानों की खासियत यह है कि उनमें सिर्फ नाच-गाना नहीं, बल्कि ठेठ भोजपुरी अंदाज, मस्ती, नोकझोंक और रोमांस का तड़का भी होता है. उनके गानों में ढोलक की थाप, तेज बीट और बोलों की शरारत लोगों को झूमने पर मजबूर कर देती है.उनके कई होली गीत यूट्यूब पर करोड़ों व्यूज बटोर चुके हैं. इनमें ‘लहंगा लस-लस करता, होली में गाली, रंग डलवाला भतार, सईया के साड़ी से रंग डलवाएंगे, छपरा में होली मनाएंगे, भौजी के देवरा रंग डाले, होली में पिया जी घर आना,रंगवा डाल देब सइयां और देवरवा रंग डाले जैसे गाने होली के मौके पर धूम मचा देते हैं.

खेसारी के गाने होली का मजा कर देते हैं दोगुना

भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव का इडंस्ट्री में अपना एक अलग ही टोरा है. उनके गानों पर मीलियन व्यूज आते हैं. उनके गाने रिलीज होते ही छा जाते हैं. उन्होंने कई होली गीत भी किए हैं. उनके होली पर फिल्माए गाने तो धमाल मचा देते हैं. उनकी आवाज में देसी जोश, शरारत और मस्ती का ऐसा तड़का होता है कि बिना उनके गानों के होली अधूरी लगती है. अपने अब तक करियर में उन्होंने , होली में उड़े ला गुलाल, भतार ऐहे होली के बाद, रंग डाल देहली, देवर रंग डाले, होली में गाना बजा के, सईया अरब गए ना (होली वर्जन), रंगवा पेटीकोट में जाए, होली में देवरा ढूंढता और फगुआ में फुल गइनी जैसे गीत शामिल हैं.

कुल मिलाकर कहा जाए तो भोजपुरी सिनेमा ने होली को सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं रहने दिया, बल्कि उसे भावनाओं, मस्ती और लोकसंस्कृति से जोड़ दिया है. जब तक ढोलक पर ठेठ भोजपुरी फाग नहीं गूंजता, तब तक होली का जश्न अधूरा ही लगता है. यही वजह है कि भोजपुरी सिनेमा के बिना होली की कल्पना करना मुश्किल सा लगता है.

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||