Image Slider

होमताजा खबरदेशतमिलनाडु: कांग्रेस ने DMK के साथ सीट शेयरिंग समझौते का जिम्मा चिदंबरम को सौंपा

Last Updated:

कांग्रेस और डीएमके साझेदारी को बनाए रखने और चुनाव आयोग द्वारा जल्द ही घोषित किए जाने वाले चुनाव कार्यक्रम से पहले अनिश्चितता से बचने के लिए उत्सुक हैं.

तमिलनाडु: कांग्रेस ने DMK के साथ सीट शेयरिंग समझौते का जिम्मा चिदंबरम को सौंपाZoom

तमिलनाडु चुनाव में डीएमके और कांग्रेस में सीट बंटवारे को लेकर बातचीत चल रही है. (फाइल फोटो)

चेन्नई. कांग्रेस हाई कमान ने पार्टी के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम को आगामी चुनावों के लिए तमिलनाडु की सत्तारूढ़ द्रविड़ मुन्नेत्र कजगम (डीएमके) के साथ सीट बंटवारे के समझौते को अंतिम रूप देने का जिम्मा सौंपा है. यह निर्णय नई दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के बीच हुए विचार-विमर्श के बाद लिया गया, जिससे संकेत मिलता है कि कांग्रेस नेतृत्व बातचीत को शीघ्रता से पूरा करके राज्य में चुनाव तैयारियों को आगे बढ़ाना चाहता है.

पार्टी सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को इस व्यवस्था के लिए अपनी सहमति दे दी है. इस सहमति के आधार पर, खड़गे ने चिदंबरम को डीएमके नेतृत्व के साथ अंतिम दौर की बातचीत करने और गठबंधन समझौते को अंतिम रूप देने की जिम्मेदारी सौंपी है. इस कदम से अनुभवी पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रभावी रूप से मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की पार्टी के साथ बातचीत के केंद्र में आ गए हैं, जो तमिलनाडु में सत्तारूढ़ गठबंधन का नेतृत्व कर रही है.

बातचीत से परिचित सूत्रों ने बताया कि डीएमके ने गठबंधन फॉर्मूले के तहत कांग्रेस को अब तक 27 विधानसभा सीटें देने की पेशकश की है. हालांकि, संकेत मिल रहे हैं कि कांग्रेस नेतृत्व की मांगों को पूरा करने के लिए अंतिम समझौते में सीटों की संख्या थोड़ी बढ़ाकर 28 की जा सकती है. विधानसभा सीटों के अलावा, दोनों सहयोगी दलों के बीच व्यापक राजनीतिक समझौते के तहत कांग्रेस को एक राज्यसभा सीट भी मिलने की संभावना है.

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि राज्यसभा सीट गठबंधन में संतुलन बनाए रखने के लिए तैयार किए गए समझौते का एक अहम हिस्सा होगी. डीएमके और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर कई हफ्तों से बातचीत चल रही थी, जिसमें गहन चर्चाएं हुईं. शुरुआत में कांग्रेस ने अधिक सीटों की मांग की थी.

इस बातचीत से गठबंधन में संभावित तनाव की अटकलें तेज हो गई थीं, जो तमिलनाडु के सत्ताधारी गठबंधन का एक प्रमुख स्तंभ रहा है. हालांकि, हालिया घटनाक्रम से संकेत मिलता है कि दोनों पार्टियां साझेदारी को बनाए रखने और चुनाव आयोग द्वारा जल्द ही घोषित किए जाने वाले चुनाव कार्यक्रम से पहले अनिश्चितता से बचने के लिए उत्सुक हैं.

About the Author

authorimg

Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||