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Animal Husbandry: कन्नौज में खेती के साथ पशुपालन किसानों की आय बढ़ाने का मजबूत जरिया बनता जा रहा है. पशुपालन विभाग के अनुसार अगर किसान सही नस्ल की गाय चुनें और सरकारी योजनाओं का लाभ लें, तो दूध उत्पादन से अच्छी कमाई कर सकते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि गाय की कुछ खाद नस्लें किसानों के लिए मुनाफे का बड़ा मौका बन सकती हैं. साथ ही विभाग की ट्रेनिंग, टीकाकरण और सब्सिडी योजनाएं इस काम को और आसान बना रही हैं. आइए जानते हैं कौनसी है वो किस्में.
कन्नौज: ग्रामीण क्षेत्रों में खेती के साथ-साथ पशुपालन अब किसानों की आय बढ़ाने का सबसे बड़ा जरिया बनता जा रहा है. उत्तर प्रदेश के कन्नौज में भी अब किसान पारंपरिक खेती के साथ बेहतर नस्ल के पशु पालकर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रहे हैं. मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के अनुसार, अगर किसान सही नस्ल का चुनाव करें और सरकारी योजनाओं का सही समय पर लाभ उठाएं, तो पशुपालन एक शानदार बिजनेस बन सकता है.
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सरदूल सिंह बताते हैं कि ज्यादा दूध उत्पादन के लिए सही नस्ल का चुनाव सबसे जरूरी है. उन्होंने गिर, साहिवाल और थारपारकर जैसी गायों को पालने की सलाह दी है. इन नस्लों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये न केवल भारी मात्रा में दूध देती हैं, बल्कि इनके दूध की गुणवत्ता भी बहुत शानदार होती है. अगर किसान इन गायों को वैज्ञानिक तरीके से पालते हैं और उनके खान-पान का ध्यान रखते हैं, तो दूध की बिक्री से उनकी आमदनी कई गुना बढ़ सकती है.
पशुपालन विभाग की मुफ्त तकनीकी सहायता
पशुपालन विभाग केवल सलाह ही नहीं, बल्कि किसानों को पशुओं के सही पालन-पोषण के लिए ट्रेनिंग भी दे रहा है. विभाग की ओर से समय-समय पर पशुओं का मुफ्त टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच और संतुलित आहार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाती हैं. इससे पशु बीमारियों से बचे रहते हैं और दूध देने की क्षमता भी कम नहीं होती. डॉ. सरदूल सिंह ने बताया कि विभाग पशुओं की बीमारियों को रोकने के लिए गांवों में लगातार सक्रिय रूप से काम कर रहा है.
पशुपालकों की मदद के लिए सरकार कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है. इन योजनाओं के तहत नई गाय या भैंस खरीदने, पशुओं के रहने के लिए आधुनिक शेड बनाने और डेयरी उद्योग शुरू करने के लिए सरकार की ओर से बड़ी आर्थिक सहायता और बैंक लोन की सुविधा दी जाती है. किसान भाई इन योजनाओं की विस्तृत जानकारी अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय या विभाग के कार्यालय से प्राप्त कर सकते हैं. इन योजनाओं का मकसद कम लागत में किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है.
रोजगार का बेहतरीन मौका
डॉ. सरदूल सिंह का कहना है कि पशुपालन केवल किसानों की आय ही नहीं बढ़ाता, बल्कि गांवों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करता है. जैसे-जैसे दूध उत्पादन बढ़ता है, वैसे-वैसे डेयरी सेक्टर में भी काम बढ़ता है. अगर युवा और किसान भाई सही जानकारी और आधुनिक तकनीकों के साथ इस व्यवसाय से जुड़ते हैं, तो यह उनके लिए आर्थिक रूप से तरक्की करने का सबसे सुनहरा मौका साबित हो सकता है.
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सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें
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