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-सतत विकास की नई दिशा: गाजियाबाद में 10 मार्च को होगा ‘सीएसआर एवं सस्टेनेबिलिटी कॉन्क्लेव 2026’
-प्रशासन-उद्योग साझेदारी से विकास को मिलेगा संरचित मॉडल, सीडीओ अभिनव गोपाल की पहल
-कौशल विकास, स्वास्थ्य, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन व डीकार्बोनाइजेशन पर होगा मंथन
-कॉर्पोरेट भागीदारी से बनेगी दीर्घकालिक जिला विकास रणनीति, पीपीपी मॉडल को मिलेगा बल

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। जनपद को सतत और संतुलित विकास की दिशा में अग्रसर करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन 10 मार्च 2026 को  ‘गाजियाबाद सीएसआर एवं सस्टेनेबिलिटी कॉन्क्लेव 2026’ का आयोजन करेगा। यह कार्यक्रम प्रात: 9:30 बजे से सायं 6:00 बजे तक रेडिसन ब्यू होटल मेंं आयोजित किया जाएगा। कॉन्क्लेव की जानकारी मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल ने मंगलवार को विकास भवन स्थित दुर्गावती देवी सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि यह कॉन्क्लेव नई दिल्ली स्थित प्रबंधन परामर्श संस्था सार्थक कलेक्टिव के साथ रणनीतिक साझेदारी में आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य जनपद में कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) निवेश, सतत विकास पहलों और उद्योग सहभागिता को प्रशासन की प्राथमिक विकास आवश्यकताओं के साथ एक संरचित ढांचे में जोडऩा है। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल की कार्यशैली इस पहल में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है। वे विकास योजनाओं को केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित न रखते हुए उद्योग, नागरिक समाज और प्रशासन के संयुक्त सहयोग से परिणामोन्मुख मॉडल विकसित करने पर जोर देते हैं। इस दौरान जिला सूचना अधिकारी योगेंद्र प्रताप सिंह मौजूद रहे।

उनके नेतृत्व में यह प्रयास सीएसआर व्यय को बिखरी गतिविधियों के बजाय दीर्घकालिक जिला विकास रणनीति में परिवर्तित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कॉन्क्लेव का उद्देश्य विभिन्न कॉर्पोरेट संस्थानों, उद्योग संगठनों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों, नागरिक समाज संस्थाओं और प्रशासनिक तंत्र के बीच सार्थक संवाद स्थापित करना है। इस संवाद के माध्यम से गाजियाबाद के लिए प्राथमिकताओं पर आधारित, मापनीय और प्रभावी जिला सामाजिक कार्य योजना तैयार की जाएगी। यह पहल सीएसआर गतिविधियों में व्याप्त विखंडन को समाप्त कर उन्हें साझा दृष्टि, आंकड़ा-आधारित नीति और जवाबदेह क्रियान्वयन प्रणाली से जोडऩे का प्रयास है। कॉन्क्लेव में जनपद के सामाजिक-आर्थिक एवं पर्यावरणीय परिदृश्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

इनमें औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा एवं व्यावसायिक कौशल विकास, सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवाओं का सुदृढ़ीकरण और दूरस्थ स्वास्थ्य सेवाओं का एकीकरण, भूजल पुनर्भरण और जल संसाधन प्रबंधन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छ शहरी व्यवस्था, पशु कल्याण और ग्रामीण आजीविका संवर्धन, तथा जिला स्तर पर कार्बन उत्सर्जन में कमी और पर्यावरणीय, सामाजिक एवं प्रशासनिक मानकों पर आधारित विकास शामिल हैं। इस अवसर पर एक संरचित जिला डीकार्बोनाइजेशन ढांचा भी प्रस्तुत किया जाएगा, जिसका उद्देश्य गाजियाबाद को जलवायु-अनुकूल विकास के लिए तैयार करते हुए एक आदर्श औद्योगिक जनपद के रूप में स्थापित करना है। यह ढांचा उद्योगों को पर्यावरणीय उत्तरदायित्व अपनाने और भविष्य की विनियामक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार रहने में सहायक होगा।

कॉन्क्लेव को डाबर रेड पेस्ट द्वारा प्रायोजित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त कोंटिनेटल कार्बन इंडिया आतिथ्य साझेदार, समरकूल टेक्रोलॉजीस एमएसएमई साझेदार, हमदर्द लेबोरेटरिस स्वास्थ्य साझेदार, श्रीराम पिस्टनस एंड रिंग्स मोबिलिटी साझेदार तथा एडीएफसी बैंक बैंकिंग साझेदार के रूप में सहयोग प्रदान कर रहे हैं। ये साझेदारियां उद्योग जगत की उस सामूहिक प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं जिसके माध्यम से जनपद के संरचित और सतत विकास रोडमैप को मजबूत किया जा सके। कार्यक्रम में राज्य स्तरीय जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन एवं नगर निकायों के वरिष्ठ अधिकारियों, सार्वजनिक उपक्रमों, अग्रणी कॉर्पोरेट संस्थानों के सीएसआर प्रमुखों, औद्योगिक संगठनों, एमएसएमई प्रतिनिधियों तथा नागरिक समाज संगठनों की भागीदारी अपेक्षित है।

इस मंच के माध्यम से शासन और उद्योग के बीच स्थायी सार्वजनिक-निजी साझेदारी को सुदृढ़ करने का मार्ग प्रशस्त होगा। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल ने कहा कि जनपद का विकास तभी संभव है जब प्रशासन, उद्योग और समाज साझा दृष्टि के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि यह कॉन्क्लेव गाजियाबाद को एक अग्रदर्शी, पर्यावरण-अनुकूल और सामाजिक रूप से उत्तरदायी औद्योगिक मॉडल के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित होगा। कॉन्क्लेव से अपेक्षा की जा रही है कि यह जनपद में सीएसआर निवेश की दिशा, प्राथमिकताओं और क्रियान्वयन प्रणाली को स्पष्ट एवं संस्थागत स्वरूप प्रदान करेगा। साथ ही, यह पहल गाजियाबाद को सतत विकास और उत्तरदायी औद्योगिक प्रगति के राष्ट्रीय मानचित्र पर एक सशक्त उदाहरण के रूप में स्थापित कर सकती है।

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