– केंद्रीय मंत्री जे. पी. नड्डा ने किया उद्घाटन, तकनीक आधारित स्वास्थ्य सेवा की नई दिशा
– रियल-टाइम मॉनिटरिंग से गंभीर मरीजों को मिलेगा समय रहते उपचार
– गरीब मरीजों के लिए सुलभ होगी उच्च स्तरीय आईसीयू सेवाएं
उदय भूमि संवाददाता
दिल्ली-एनसीआर।स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीकी नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए यशोदा मेडिसिटी ने एमएमजी जिला अस्पताल, गाजियाबाद के साथ एआई-सक्षम ई-आईसीयू कमांड सेंटर की शुरुआत की है। यह पहल यशोदा फाउंडेशन्स के अंतर्गत कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) कार्यक्रम के रूप में शुरू की गई है, जिसका उद्देश्य गंभीर मरीजों की देखभाल को आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ निगरानी के माध्यम से बेहतर बनाना है। इस अत्याधुनिक कमांड सेंटर का उद्घाटन मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा रसायन एवं उर्वरक मंत्री जे. पी. नड्डा ने यशोदा मेडिसिटी के वरिष्ठ प्रबंधन, चिकित्सकों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में किया। इस दौरान महापौर सुनीता दयाल, सांसद अतुल गर्ग, शहर विधायक संजीव शर्मा, मुरादनगर विधायक अजीत पाल त्यागी, पश्चिम उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय अध्यक्ष सत्येंद्र सिसोदिया, सीडीओ अभिनव गोपाल, सीएमओ डॉ अखिलेश मोहन, यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के कार्यकारी निदेशक शुभांग अरोड़ा आदि मौजूद रहे। इस पहल के अंतर्गत यशोदा मेडिसिटी के बेस कमांड सेंटर को एमएमजी जिला अस्पताल के आईसीयू से जोड़ा गया है, जिससे विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी अब डिजिटल माध्यम से निरंतर उपलब्ध रहेगी।
इससे जिला अस्पतालों में भी वैश्विक मानकों के अनुरूप क्रिटिकल केयर सेवाएं सुनिश्चित की जा सकेंगी। यह पहल आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मरीजों के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध होगी। उच्च स्तरीय आईसीयू सुविधाओं तक पहुंच अक्सर सीमित होती है, लेकिन इस डिजिटल नेटवर्किंग मॉडल के माध्यम से विशेषज्ञ उपचार अधिक सुलभ और किफायती बन सकेगा। इसके साथ-साथ यह प्रणाली स्थानीय चिकित्सा टीमों के प्रशिक्षण और क्षमता विकास का भी माध्यम बनेगी, जिससे उपचार की गुणवत्ता और एकरूपता सुनिश्चित होगी। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री जे. पी. नड्डा ने कहा कि एआई-सक्षम ई-आईसीयू जैसी पहल यह दर्शाती है कि तकनीक के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को किस प्रकार सुदृढ़ किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि यह सीएसआर पहल गंभीर मरीजों को निरंतर विशेषज्ञ निगरानी उपलब्ध कराएगी और अन्य संस्थानों को भी समाजहित में योगदान देने के लिए प्रेरित करेगी। यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. पी. एन. अरोड़ा ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य हर मरीज को विश्वस्तरीय इलाज उपलब्ध कराना है। इस तकनीक के माध्यम से आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं और विशेषज्ञ देखरेख को अस्पताल की भौतिक सीमाओं से बाहर तक पहुंचाया जा रहा है। वहीं एग्ज़ीक्यूटिव डायरेक्टर शुभांग अरोड़ा ने कहा कि एआई और रियल-टाइम निगरानी के जरिए क्रिटिकल केयर के मानकों को मजबूत किया जा रहा है।
यह पहल यशोदा मेडिसिटी की दीर्घकालिक सीएसआर रणनीति का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत एक जुड़े हुए क्रिटिकल केयर नेटवर्क का निर्माण किया जा रहा है। भविष्य में इस मॉडल का विस्तार अन्य जिला अस्पतालों तक करने की योजना है, ताकि अधिक से अधिक मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं का लाभ मिल सके। यशोदा मेडिसिटी दिल्ली-एनसीआर का एक अत्याधुनिक क्वाटरनरी केयर अस्पताल है, जो तीन दशकों की चिकित्सा विरासत पर आधारित है। लगभग आठ एकड़ में फैले परिसर में 1,200 बेड की क्षमता विकसित की जा रही है, जिनमें से प्रथम चरण में 635 बेड कार्यरत हैं।
65 से अधिक चिकित्सा विशेषताओं और अनेक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से युक्त यह संस्थान आधुनिक तकनीक, डिजिटल स्वास्थ्य प्रणाली और रोगी-केंद्रित देखभाल के माध्यम से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मरीजों को उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहा है। एआई-सक्षम ई-आईसीयू कमांड सेंटर की शुरुआत स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीकी परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की डिजिटल स्वास्थ्य पहलों से न केवल उपचार की गुणवत्ता सुधरेगी, बल्कि भारत के सार्वजनिक स्वास्थ्य ढांचे को भी नई मजबूती मिलेगी।
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