Image Slider

सांकेतिक तस्वीर
– फोटो : Adobe Stock

विस्तार

देशभर में लोगों को फर्जी ट्रैफिक चालान के मैसेज भेजकर ठगी गई रकम कुवैत भेजी जा रही थी। दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस ने फर्जी ट्रैफिक चालान मैसेज के जरिये होने वाली धोखाधड़ी, संगठित एसएमएस फिशिंग और अंतरराष्ट्रीय मनी म्यूल नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 


आरोपियों पर देशभर में दर्ज 544 साइबर शिकायतें मिली हैं और इनके खातों में 10 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी का लेनदेन सामने आया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों मोती सिंह बघेला, हर्षपाल, विक्की, विशाल दास वैष्णव और बृजेश कुमार के कब्जे से 15 मोबाइल फोन और टैबलेट, 59 डेबिट कार्ड, 52 पासबुक और चेकबुक, 14 फर्मों की मुहरें, पांच पीओएस मशीनें, आठ क्यूआर स्कैनर, एक सोने की चेन और एक कार बरामद की है। 

दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि गत वर्ष 28 नवंबर को जिले के साइबर थाने में 2.21 लाख रुपये की ठगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी। पीड़ित ने शिकायत में बताया था कि ट्रैफिक चालान के भुगतान के नाम पर उसे एक लिंक भेजा गया था। लिंक खोलने के बाद उसके खाते से 2.21 लाख रुपये निकल गए। जांच में पता चला कि इस तरह के करीब 3,300 फर्जी एसएमएस भेजे गए थे। पुलिस जांच में एसएमएस भेजने के लिए इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर और विंगो कैश एप का पता चला। 

पुलिस ने रिवॉर्ड एप के जरिये यूजर को भुगतान करने वाले बैंक खाते की पड़ताल की। यह खाता मुंबई की श्री बालाजी एंटरप्राइजेज के नाम पर था, जिसे आरोपी मोती सिंह बघेला संचालित कर रहा था। पुलिस उपायुक्त गोयल ने बताया कि इस खाते से महज तीन दिनों में 41 हजार से अधिक लोगों को छोटे-छोटे भुगतानों के रूप में करीब दो करोड़ रुपये भेजे गए थे। इसी रकम के लेनदेन की जांच से गिरोह के बैंकिंग नेटवर्क का पता चला। ठगी की रकम के लेनदेन का एक वित्तीय सुराग नेशनल बैंक ऑफ कुवैत में संचालित खाते तक भी पहुंचा।

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||