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Jio History : जियो ने साल 2016 में अपनी शुरुआत के बाद से अब तक कई पड़ाव पार किए हैं. कंपनी ने बीते 10 साल में कई उपलब्धियां हासिल कीं और अब अपना आईपीओ उतारने की तैयारी में है जो देश का सबसे बड़ा आईपीओ भी बन सकता है. निवेशकों ने भी इस आईपीओ पर काफी भरोसा जताया है और इसकी वजह 10 साल से कंपनी की सर्विस और भारतीय बाजार में उसकी जबरदस्त भागीदारी है. जियो को भारत की डिजिटल क्रांति का सूत्रधार कहा जाए तो कम नहीं होगा.

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जियो एक कंपनी नहीं, भारत में डिजिटल क्रांति की सूत्रधार, 10 साल में क्या बदला Zoom

जियो का आईपीओ 21 अक्टूबर को लॉन्च हो सकता है.

नई दिल्ली. लंबे अंतराल और इंतजार के बाद आखिरकार जियो का आईपीओ भी बाजार में उतरने ही वाला है. अगले सप्ताह जियो प्लेटफॉर्म शेयर बाजार में उतार जाएगी और इसमें आम निवेशकों को पैसे कमाने का भरपूर मौका मिलेगा. जियो के आईपीओ का क्रेज अभी से ही बाजार में दिख रहा है और निवेशक इसमें लगाने के लिए अलग से पैसा जुटा रहे हैं. जियो के आईपीओ को लेकर यह भरोसा और क्रेज अचानक नहीं बना है, बल्कि इस कंपनी की 10 साल से भारत में की जा रही डिजिटल सेवाओं का ही नतीजा है. जियो के आने से पहले भारत में इंटरनेट और मोबाइल कनेक्टिविटी काफी महंगी होती थी, लेकिन आज यह गरीब-अमीर सभी के लिए सुलभ है. यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि भारत में डिजिटल क्रांति की सूत्रधार जियो ही है.

जियो ने अपनी शुरुआत से अब तक कई पड़ाव पार किए हैं और अब एक और माइलस्टोन अपनी इस विकास यात्रा में पार करने जा रही है. जियो सिर्फ खुद को बाजार में लिस्ट कराने के मकसद से आईपीओ नहीं ला रही, ब्लकि इसका मकसद कारोबार को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है. जियो के आईपीओ का साइज 30 हजार करोड़ से भी ज्यादा रहने का अनुमान है, जो देश का सबसे बड़ा आईपीओ होगा. आईपीओ से पहले कंपनी पर दुनिया का कितना भरोसा है, इसकी बानगी निवेशकों की ओर से मिल रहे ऑफर बताते हैं. कंपनी को गई ग्लोबल निवेशकों से 20 अरब डॉलर की पेशकश मिली है. साल 2016 में अपनी शुरुआत से अब तक जियो ने कई बड़ी उपलब्धियां प्राप्त की हैं.

2016 से 2025 का सफर
सबसे पहले बात करते हैं डाटा की. साल 2016 से पहले भारत में एक जीबी डाटा की कीमत करीब 228 रुपये होती थी, लेकिन आज यह 7.90 रुपये का है. यानी तब से अब तक डाटा 97 फीसदी सस्ता हो चुका है. यही वजह है कि साल 2016 से पहले डाटा की खपत प्रति व्यक्ति 0.2 जीबी प्रति महीने होती थी, लेकिन आज यह औसतन 25.7 जीबी पहुंच गया है, जबकि जियो के मामले में तो यह 42.3 जीबी का आंकड़ा दिखाता है. इंटरनेट की औसत डाउनलोड स्पीड साल 2016 से पहले 6 एमपीबीएस के आसपास रहती थी, जो आज बढ़कर 107 एमबीपीएस तक जा पहुंची है.

तीन हो गए इंटरनेट यूजर्स
यह जियो का ही कमाल है कि भारत में इंटरनेट यूजर्स साल 2016 के मुकाबले अब तक तीन गुना बढ़ चुके हैं. तब देश में कुल इंटरनेट यूजर करीब 34 करोड़ थे, जबकि आज यह संख्या बढ़कर 110 करोड़ को भी पार कर चुकी है. तब 4जी इस्तेमाल करने वाले इंटरनेट यूजर्स की संख्या 1 करोड़ से भी कम थी, लेकिन आज ऐसे यूजर्स की संख्या 52.4 करोड़ पहुंच गई है. इतना ही नहीं, 5जी इंटरनेट यूजर्स की संख्या भी आज बढ़कर 26.8 करोड़ पहुंच गई है, जो चीन के बाहर सबसे बड़ा 5जी यूजर बेस है.

(डिस्क्लेमर – नेटवर्क18 और टीवी18 कंपनियां चैनल/वेबसाइट का संचालन करती हैं, जिनका नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज एकमात्र लाभार्थी है.)

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Pramod Kumar Tiwari

प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्‍वेस्‍टमेंट टिप्‍स, टैक्‍स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…

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