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CJP नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को तिहाड़ जेल में अलग-अलग रखा गया है. सौरव दास जेल नंबर 2 में हैं जबकि आशुतोष रांका को जेल नंबर 4 में भेजा गया है. दोनों को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से जुड़े मामले में पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया. पुलिस का आरोप है कि दोनों नेताओं ने पहले शांति बनाए रखने के लिए मुचलका भरा था और उसकी शर्तों का उल्लंघन किया. इसी मामले में CJP के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे को भी हिरासत में लिया गया था. हालांकि शिंदे नया मुचलका भरने के बाद रिहा हो गए. वहीं रांका और सौरव दास दोनों ने पटियाला हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की है.
सौरव दास तिहाड़ के जेल नंबर 2 और आशुतोष रांका जेल नंबर 4 में रहेंगे. (फाइल फोटो)
CJP यानी कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को तिहाड़ जेल में अलग-अलग रखा गया है. सौरव दास को जेल नंबर 2 में भेजा गया है जबकि आशुतोष रांका जेल नंबर 4 में रहेंगे. दोनों नेताओं को दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन से जुड़े मामले में न्यायिक हिरासत में भेजा गया है. यह मामला उस समय चर्चा में आया जब CJP नेताओं ने मंगलवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की कोशिश की. पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया था. इसके बाद अदालत ने दोनों को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया. अब तिहाड़ जेल में दोनों की अलग-अलग बैरक और जेल नंबर को लेकर चर्चा हो रही है. इस पूरे मामले में पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ शांति बनाए रखने के लिए भरे गए मुचलके का मुद्दा भी अहम हो गया है. हालांकि आशुतोष रांका और सौरव दास ने पटियाला हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की है.
सौरव दास और आशुतोष रांका के साथ CJP के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे को भी हिरासत में लिया गया था. हालांकि शिंदे को मुचलका भरने के बाद रिहा कर दिया गया. पुलिस का आरोप था कि तीनों नेताओं ने जंतर-मंतर पर बिना अनुमति प्रदर्शन करने की कोशिश की और शांति भंग होने की आशंका पैदा हुई. पुलिस ने अदालत में यह भी दलील दी कि दास और रांका पहले भी एक साल तक शांति बनाए रखने का मुचलका भर चुके थे. पुलिस के मुताबिक दोनों ने उसकी शर्तों का उल्लंघन किया. इसी आधार पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई. दूसरी ओर शिंदे के मामले में पहले से लागू मुचलके की स्थिति अलग बताई गई. इसलिए उन्हें नया मुचलका भरने के बाद रिहा कर दिया गया.
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिए गए थे नेता
यह पूरा मामला दिल्ली के जंतर-मंतर से जुड़ा है. CJP नेताओं ने वहां प्रदर्शन करने की कोशिश की थी. पुलिस के मुताबिक जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में अधिसूचित सूची से हटाए जाने के बाद वहां बिना अनुमति जुटना नियमों का उल्लंघन था. इसी आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की. नेताओं को हिरासत में लेने के बाद मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया. मामले में पुलिस ने सार्वजनिक व्यवस्था और शांति भंग होने की आशंका का हवाला दिया.
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