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  • बहाने नहीं, जमीन पर दिखाएं काम की रफ्तार: विक्रमादित्य सिंह मलिक
  • सीएम ग्रिड फेस-2 की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश, लेवलिंग के लिए 15 दिन की डेडलाइन
  • यूटिलिटी का काम पूरा, 100-100 मीटर क्षेत्र को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने की तैयारी
  • निर्धारित समय में काम पूरा नहीं हुआ तो कार्रवाई, अतिक्रमण और अव्यवस्था पर भी नगर आयुक्त का कड़ा रुख

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। इंदिरापुरम में चल रहे विकास कार्यों की धीमी रफ्तार को लेकर नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने सख्त रुख अपनाया है। विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं करने की नीति पर चलते हुए नगर आयुक्त ने सोमवार को मौके पर पहुंचकर अधिकारियों और संबंधित ठेकेदारों के साथ बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने सीएम ग्रिड फेस-2 समेत इंदिरापुरम में चल रहे विभिन्न विभागों के कार्यों की प्रगति जानी और जहां काम की रफ्तार अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिली, वहां अधिकारियों और ठेकेदारों को स्पष्ट चेतावनी दी। नगर आयुक्त ने मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी और संबंधित टीम को सीएम ग्रिड फेस-2 के लेवलिंग कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए इसके लिए 15 दिन की समयसीमा तय की। उन्होंने साफ कहा कि निर्धारित समय में कार्य पूरा होना चाहिए। काम में अनावश्यक देरी या लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। नगर आयुक्त की सख्ती का असर समीक्षा बैठक में साफ दिखाई दिया। उन्होंने संबंधित ठेकेदारों को टीम बढ़ाकर काम कराने के निर्देश दिए, ताकि परियोजना निर्धारित समय में अंतिम चरण तक पहुंच सके।

इंदिरापुरम के साथ वैशाली और कौशांबी में भी सीएम ग्रिड फेस-2 के कार्य चल रहे हैं। नगर आयुक्त ने बताया कि परियोजना के तहत यूटिलिटी से जुड़े कार्य पूरे किए जा चुके हैं, जबकि मेन हॉल और लेवलिंग का कार्य प्रगति पर है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लेवलिंग का काम तेज गति से कराया जाए, जिससे सड़क व्यवस्था बेहतर हो और निर्माण कार्य के कारण यातायात प्रभावित न हो। नगर आयुक्त ने कार्य को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 100-100 मीटर के हिस्से को पूरी तरह तैयार करते हुए आगे बढ़ा जाए, ताकि एक साथ बड़े क्षेत्र में अव्यवस्था की स्थिति न बने और लोगों को निर्माण कार्य के दौरान कम से कम परेशानी हो।

समीक्षा के दौरान नगर आयुक्त ने केवल सीएम ग्रिड फेस-2 पर ही ध्यान केंद्रित नहीं किया, बल्कि इंदिरापुरम में नगर निगम के सभी विभागों द्वारा कराए जा रहे कार्यों की भी स्थिति जानी। उन्होंने निर्माण, जलकल, उद्यान, प्रकाश और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से कार्यों की प्रगति रिपोर्ट ली और प्रत्येक कार्य को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर नगर आयुक्त अवनींद्र कुमार, उद्यान प्रभारी डॉ. अनुज कुमार सिंह, महाप्रबंधक जल केपी आनंद, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथिलेश कुमार, मुख्य अभियंता निर्माण नरेंद्र कुमार चौधरी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और ठेकेदार मौजूद रहे। नगर आयुक्त ने सभी को स्पष्ट संदेश दिया कि विकास कार्यों में देरी की गुंजाइश नहीं है और अब हर कार्य की प्रगति पर लगातार नजर रखी जाएगी।

18 निर्माण कार्यों की बिंदुवार समीक्षा
निर्माण विभाग के इंदिरापुरम में चल रहे 18 कार्यों की समीक्षा की गई। इसमें नाला निर्माण और आरसीसी सड़क निर्माण सहित अन्य कार्य शामिल रहे। नगर आयुक्त ने अधिकारियों से कार्यों की वर्तमान स्थिति जानी और जहां कार्य में गति बढ़ाने की जरूरत थी, वहां तत्काल संसाधन बढ़ाने के निर्देश दिए। जलकल विभाग के 28 कार्यों पर भी समीक्षा हुई। इनमें जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर करने के लिए पंप लगाने और पाइपलाइन डालने से संबंधित कार्य शामिल हैं।

नगर आयुक्त ने निर्देश दिया कि इन कार्यों को भी निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए, ताकि क्षेत्र के लोगों को सुविधाओं का लाभ जल्द मिल सके। उद्यान विभाग के 17 कार्यों की भी बिंदुवार समीक्षा हुई। इसमें ग्रीन बेल्ट और पार्कों में चल रहे विकास कार्य शामिल रहे। वहीं प्रकाश विभाग के 58 कार्यों की स्थिति पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रकाश विभाग के अधिकांश कार्य लगभग पूर्ण हो चुके हैं। नगर आयुक्त ने शेष कार्यों को भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की जानकारी नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने दी।

अतिक्रमण पर भी नगर आयुक्त का सख्त रुख
नगर आयुक्त ने बैठक के दौरान वसुंधरा जोन के जोनल प्रभारी को भी विशेष निर्देश दिए। उन्होंने इंदिरापुरम में बढ़ रहे अतिक्रमण पर प्रभावी कार्रवाई करने को कहा। अवैध रूप से मार्ग बाधित करने वाले रेहड़ी-पटरी वालों को व्यवस्थित करने और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए नियमित अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों के साथ यातायात और जनसुविधाओं से जुड़े मामलों में भी लापरवाही नहीं चलेगी। सड़क पर अतिक्रमण या अव्यवस्थित ढंग से लगने वाली रेहडिय़ों के कारण यातायात प्रभावित नहीं होना चाहिए।

मौके पर निगरानी, कागजों से आगे कार्रवाई
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक की कार्यशैली का खास पहलू यह रहा कि उन्होंने केवल कार्यालय में बैठकर समीक्षा करने के बजाय मौके पर पहुंचकर कार्यों की वास्तविक स्थिति देखी। अधिकारियों और ठेकेदारों से सीधे जवाब लिया और प्रत्येक कार्य के लिए समयसीमा निर्धारित की। उन्होंने अधिकारियों को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा कि काम की गुणवत्ता से समझौता किए बिना तय समय में कार्य पूरा कराना प्राथमिकता है।

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