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  • हिंदी हमारी संस्कृति और पहचान की अभिव्यक्ति : डॉ. निशा सिंह
  • मॉडर्न कॉलेज में हिंदी दिवस पर काव्य-पाठ प्रतियोगिता, विद्यार्थियों ने दिखाई रचनात्मक प्रतिभा
  • सामाजिक सरोकार, भारतीय संस्कृति और युवा चेतना पर स्वरचित कविताओं से दिया संदेश

उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। आनंद औद्योगिक क्षेत्र, मोहन नगर स्थित मॉडर्न कॉलेज ऑफ प्रोफेशनल स्टडीज में हिंदी दिवस के अवसर पर सोमवार को सांस्कृतिक एवं सह-पाठ्यक्रम समिति के तत्वावधान में काव्य-पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपनी स्वरचित कविताओं के माध्यम से हिंदी भाषा के प्रति प्रेम, सामाजिक संवेदनाओं, भारतीय संस्कृति, युवा चेतना और मानवीय भावनाओं को प्रभावशाली अंदाज में प्रस्तुत किया। मंच पर विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को साहित्यिक और रचनात्मक रंग से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर हिंदी भाषा के महत्व, उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और वर्तमान समय में उसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला गया। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों में हिंदी भाषा एवं साहित्य के प्रति रुचि विकसित करने के साथ उनकी रचनात्मक अभिव्यक्ति, आत्मविश्वास और मंचीय प्रस्तुति क्षमता को बढ़ावा देना रहा।

काव्य-पाठ प्रतियोगिता में महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लिया। बीकॉम से तान्या और शशांक, बीबीए से तान्या, बीसीए से श्रुति और आयुष तथा बीएड प्रथम वर्ष से हिमानी शर्मा, प्रियंका, मुस्कान परवीन, चेतना, इशिका, अनुप कुमार, सिमरन, आकांक्षा शर्मा, कृति, सरिता यादव, उमा, निक्की और स्नेहा ने अपनी स्वरचित कविताओं का पाठ किया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों का निर्धारित मानदंडों के आधार पर मूल्यांकन किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर बीसीए की छात्रा श्रुति ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। बीएड प्रथम वर्ष के अनुप कुमार ने द्वितीय स्थान हासिल किया, जबकि मुस्कान परवीन और चेतना ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। मंच का संचालन एमएड के छात्र दुर्गेश ने किया। कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने उत्साह और आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

कविताओं में दिखी समाज और संस्कृति की तस्वीर
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी कविताओं के माध्यम से अलग-अलग विषयों को बेहद प्रभावी ढंग से सामने रखा। किसी कविता में सामाजिक सरोकारों की झलक दिखाई दी तो किसी में मानवीय संवेदनाओं को शब्द मिले। भारतीय संस्कृति, युवा चेतना और हिंदी भाषा के महत्व से जुड़े विचार भी विद्यार्थियों की रचनाओं में प्रमुखता से उभरे। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों में भावनाओं और विचारों का सुंदर समन्वय देखने को मिला। उनकी रचनाओं ने यह संदेश भी दिया कि जब भावनाओं को शब्दों का साथ मिलता है तो कविता जन्म लेती है। विद्यार्थियों के आत्मविश्वास और प्रभावशाली मंचीय प्रस्तुति ने उपस्थित शिक्षकों और साथियों को प्रभावित किया। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. (डॉ.) निशा सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए हिंदी भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, विचारों, भावनाओं और पहचान की सशक्त अभिव्यक्ति है। उन्होंने विद्यार्थियों को हिंदी के साथ भारत की सभी भाषाओं का सम्मान करने तथा हिंदी के सही और सुंदर प्रयोग को अपने जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों और उपस्थित सदस्यों ने हिंदी भाषा के सम्मान, संवर्धन और प्रचार-प्रसार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी विभागाध्यक्ष, शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे। हिंदी दिवस पर आयोजित इस आयोजन ने विद्यार्थियों में साहित्यिक अभिरुचि और सृजनात्मकता को बढ़ावा देने के साथ हिंदी भाषा के प्रति गौरव की भावना को भी मजबूत किया।

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