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-एयरपोर्ट शुरू होना विकास के नए दौर का निर्णायक मोड़, आवासीय के साथ वाणिज्यिक क्षेत्र में भी तेज हुई हलचल : प्रदीप गुप्ता
-अपार्टमेंट के दाम पांच साल में तीन गुना तक बढ़े, भूखंडों की कीमतों में भी आया जबरदस्त उछाल
-बेहतर संपर्क मार्गों से दिल्ली-गुरुग्राम समेत आसपास के शहरों को फायदा, रोजगार और उद्योग के नए अवसर बढऩे की उम्मीद

उदय भूमि संवाददाता
नोएडा। नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, जेवर से उड़ान सेवाओं की शुरुआत पूरे क्षेत्र के लिए विकास के नए दौर का निर्णायक मोड़ साबित हो रही है। एयरपोर्ट से विमानों की आवाजाही शुरू होने के साथ ही नोएडा, ग्रेटर नोएडा, ग्रेटर नोएडा वेस्ट और यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास रियल एस्टेट क्षेत्र में सकारात्मक माहौल बन गया है। जमीन और मकान में निवेश करने वालों के साथ अब यहां खुद रहने के लिए घर खरीदने वाले लोगों की दिलचस्पी भी बढ़ रही है। व्यापारी एकता समिति संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप गुप्ता का कहना है कि जेवर एयरपोर्ट केवल हवाई संपर्क का माध्यम नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और रियल एस्टेट के लिए विकास का नया इंजन बनकर उभरा है। प्रदीप गुप्ता के मुताबिक, एयरपोर्ट से उड़ान शुरू होने के बाद जेवर और इसके आसपास के क्षेत्रों की विश्वसनीयता और निवेश आकर्षण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। पिछले पांच वर्षों में ही कई क्षेत्रों में अपार्टमेंट की कीमतें करीब तीन गुना तक पहुंच गई हैं, जबकि भूखंडों की कीमतों में भी लगभग डेढ़ गुना तक बढ़ोतरी देखने को मिली है।

उनका मानना है कि एयरपोर्ट के पूरी तरह विकसित होने के साथ आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र की तस्वीर और तेजी से बदल सकती है। उन्होंने कहा कि अब यमुना एक्सप्रेसवे, नोएडा एक्सप्रेसवे और ग्रेटर नोएडा को केवल निवेश के नजरिये से नहीं देखा जा रहा है। बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी यहां घर खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं, जो स्वयं यहां रहना चाहते हैं। बेहतर संपर्क मार्ग, रोजगार के अवसर और तेजी से विकसित होती सुविधाओं के कारण यह इलाका रहने के लिहाज से भी आकर्षक बन रहा है। प्रदीप गुप्ता ने कहा कि व्यक्तिगत रूप से उन्हें इस पूरे क्षेत्र में सबसे बड़ा उछाल वाणिज्यिक क्षेत्र में दिखाई दे रहा है।

अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की वजह से देश-विदेश की कंपनियों की गतिविधियां बढऩे की उम्मीद है। इससे कार्यालयों के लिए जगह की मांग में भी तेजी आएगी। उनके मुताबिक आने वाले वर्षों में नोएडा में हर साल 20 से 30 लाख वर्ग फुट उच्च गुणवत्ता वाले कार्यालयों की मांग बन सकती है। उन्होंने कहा कि केवल कार्यालय क्षेत्र ही नहीं, बल्कि खुदरा बाजार, मिश्रित उपयोग वाली परियोजनाएं, माल परिवहन, भंडारण केंद्र और औद्योगिक गतिविधियों में भी निवेशकों की रुचि बढ़ रही है। एयरपोर्ट के आसपास कारोबार का विस्तार होने से स्थानीय व्यापारियों को भी इसका सीधा लाभ मिलने की संभावना है।

बेहतर संपर्क मार्ग बने विकास की सबसे बड़ी ताकत
व्यापारी नेता ने कहा कि वाणिज्यिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में सबसे बड़ी भूमिका बेहतर संपर्क मार्गों की है। यमुना एक्सप्रेसवे, ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेसवे, मेट्रो, नमो भारत रैपिड रेल और यूईआर-दो जैसी परियोजनाओं से दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न हिस्सों की जेवर से कनेक्टिविटी मजबूत हो रही है। इससे दिल्ली, गुरुग्राम और फरीदाबाद समेत आसपास के शहरों से जेवर तक पहुंच आसान हुई है। प्रदीप गुप्ता ने कहा कि मजबूत परिवहन नेटवर्क किसी भी क्षेत्र के आर्थिक विकास की बुनियाद होता है। यही कारण है कि नोएडा और ग्रेटर नोएडा अब केवल आवासीय क्षेत्रों के रूप में नहीं, बल्कि मजबूत आर्थिक और कारोबारी केंद्र के रूप में विकसित हो रहे हैं।

जेवर से फिल्म सिटी तक दिखेगा असर
उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट का लाभ केवल जेवर तक सीमित नहीं रहेगा। फरीदाबाद, दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारे और प्रस्तावित फिल्म सिटी समेत आसपास के कई क्षेत्रों में इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा। एयरपोर्ट के कारण उद्योग, रोजगार और पर्यटन गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है। इससे आवासीय और वाणिज्यिक दोनों क्षेत्रों में मांग बढ़ सकती है। प्रदीप गुप्ता ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट के संचालन से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर यात्रियों और उड़ानों का दबाव कम करने में भी मदद मिलेगी। वहीं जेवर और आसपास के क्षेत्रों में नए रोजगार, उद्योग, व्यापार और पर्यटन के अवसर पैदा होंगे। एयरपोर्ट की उड़ान शुरू होना इस पूरे इलाके के लिए टर्निंग पॉइंट है और आने वाले वर्षों में इसका असर जमीन से लेकर कारोबार तक हर क्षेत्र में दिखाई देगा।

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