गोचर की समयावधि और ज्योतिषीय महत्व
18 मई 2025 से राहु कुंभ राशि में और केतु सिंह राशि में स्थित हैं, जो कि 5 दिसंबर 2026 तक इसी अवस्था में रहेंगे। इसके बाद 5 दिसंबर 2026 को राहु मकर में और केतु कर्क राशि में गोचर करेंगे।
राहु का प्रभाव: राहु को महत्वाकांक्षा, इच्छाओं, इंटरनेट, तकनीक, विदेश यात्रा और अचानक मिलने वाली सफलता या असफलता का प्रतीक माना जाता है।
केतु का प्रभाव: केतु अध्यात्म, वैराग्य, मोक्ष, अनुसंधान (Research) और आंतरिक शुद्धि का कारक ग्रह है।
किन राशियों के लिए यह अवधि रहेगी बेहद शुभ?
वर्तमान गोचर स्थिति के अनुसार, कुछ विशेष राशियों के लिए यह समय भाग्य के नए द्वार खोलने वाला साबित हो रहा है:
1. वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक उन्नति और करियर में नए अवसरों का है। यदि आप लंबे समय से किसी प्रोजेक्ट या नौकरी की तलाश में थे, तो राहु आपको अप्रत्याशित सफलता दिला सकता है। विदेश से जुड़े व्यापार में भी लाभ के योग बने हुए हैं।
2. तुला राशि
तुला राशि के जातकों को इस अवधि में मानसिक तनाव से राहत मिलेगी। केतु के प्रभाव से आपकी आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी और राहु आपके व्यावसायिक संपर्कों को मजबूत करेगा। कोर्ट-कचहरी या विवादों से जुड़े मामलों में फैसला आपके पक्ष में आने की संभावना है।
3. धनु राशि
धनु राशि के जातकों के लिए यह समय पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि लेकर आया है। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। आय के नए स्रोत बनेंगे और समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा।
4. मिथुन राशि
मिथुन राशि के स्वामी बुध ग्रह हैं, जो इस समय सूर्य के नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं। बुध और सूर्य का यह शुभ समन्वय आपके लिए अनुकूल परिणाम लेकर आएगा।
प्रभाव: इस अवधि में आपके संवाद कौशल और निर्णय लेने की क्षमता में जबरदस्त सुधार होगा। व्यापार में नई साझेदारियां लाभदायक रहेंगी। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या वेतन वृद्धि का लाभ मिल सकता है। जो लोग मीडिया, मार्केटिंग या आईटी क्षेत्र से जुड़े हैं, उनके लिए यह समय बेहद फलदायी साबित होगा।
5. मकर राशि
मकर राशि के स्वामी शनि देव हैं और राहु-केतु के इस गोचर चक्र में मकर राशि पर इसका सकारात्मक प्रभाव देखा जाएगा।
प्रभाव: आपके रुके हुए कार्य गति पकड़ेंगे और धन लाभ के नए अवसर सामने आएंगे। मकर राशि के जातकों को अपनी पुरानी मेहनत का अब सही फल मिलना शुरू होगा। भूमि, भवन या वाहन खरीदने के योग बनेंगे। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी और पिता या किसी वरिष्ठ व्यक्ति के सहयोग से बड़ा आर्थिक लाभ हो सकता है।
अशुभ प्रभावों से बचने के सरल और अचूक उपाय
- यदि आपकी कुंडली में राहु या केतु की स्थिति प्रतिकूल है, तो इस पूरी गोचर अवधि के दौरान निम्नलिखित उपाय करना लाभकारी रहेगा:
- भगवान शिव और हनुमान जी की उपासना: प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें और सोमवार को शिवलिंग पर जल अर्पित करें।
- दान-पुण्य: शनिवार के दिन काले तिल, उड़द की दाल या कंबल का जरूरतमंदों को दान करें।
- पक्षियों की सेवा: प्रतिदिन सुबह पक्षियों को बाजरा या सात तरह का अनाज (सप्तधान्य) डालें।
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