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साल 2023 में ‘गदर 2’ से इतिहास रचने से ठीक पहले सनी देओल लगभग 56 करोड़ के कर्ज से जूझ रहे थे. हाल ही में इस पर खुलकर बात करते हुए एक्टर ने बताया कि भारी आर्थिक संकट और जुहू वाले बंगले की नीलामी का नोटिस मिलने के बावजूद उन्होंने अपनी दिमागी शांति नहीं खोई. सनी के मुताबिक, उन्होंने अपनी ही प्रॉपर्टी बेचकर बैंक का बकाया चुकाया और इस बेहद कठिन दौर में भी वह पूरी तरह खुश और बेफिक्र रहे.

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सनी देओल ने अपने स्ट्रगल के दिनों को लेकर बात की.

नई दिल्ली. सनी देओल बॉलीवुड के पॉपुलर स्टार्स में से एक हैं. लेकिन एक वक्त उनका करियर डूबने की कगार पर पहुंच गया था. इस बीच वह सिनेमाघरों में ‘गदर 2’ लेकर आए जो बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित हुई. हाल ही में सनी देओल ने उस मुश्किल दौर को याद किया जब 2000 के दशक की शुरुआत में बैक-टू-बैक ब्लॉकबस्टर देने के बावजूद उन्हें अच्छी फिल्मों के लिए संघर्ष करना पड़ा था.

सनी देओल ने फिल्म डायरेक्शन और प्रोडक्शन में उतरने के बाद झेले गए भारी वित्तीय नुकसान पर भी खुलकर बात की. उन्होंने अपने जुहू वाले बंगले पर जारी हुए ई-ऑक्शन नोटिस और सिर पर चढ़े कर्ज के उस कठिन दौर का भी जिक्र किया. शुभंकर मिश्रा के पॉडकास्ट पर बात करते हुए सनी देओल ने साल 2001 का दौर याद किया, जब उनकी फिल्म ‘गदर: एक प्रेम कथा’ रिलीज हुई थी. आमिर खान की ‘लगान’ से क्लैश के बावजूद ‘गदर’ ने घरेलू बॉक्स ऑफिस पर करीब 77 करोड़ का जबरदस्त बिजनेस किया था.

‘लगान’ से ज्यादा था ‘गदर’ का बिजनेस

सनी देओल ने कहा, ‘गदर के साथ ही मैंने ‘इंडियन’ भी दी थी, जिसने उस दौर की ‘लगान’ और बाकी तमाम फिल्मों से कहीं ज्यादा कमाई की थी. उसका बिजनेस ‘लगान’ से दो से तीन गुना ज्यादा था और ‘गदर’ तो खैर उससे भी बहुत आगे निकल चुकी थी. इंडस्ट्री के बदलते माहौल पर दर्द साझा करते हुए सनी ने कहा, ‘अचानक कॉर्पोरेट कल्चर आ गया और फिल्म इंडस्ट्री के काम करने का पूरा फॉर्मेट ही बदलने लगा. मुझे समझ ही नहीं आया कि इतनी बड़ी हिट्स देने के बाद भी मुझे सही कहानियां और सही मेकर्स क्यों नहीं मिल पा रहे थे.’

‘जो बोले सो निहाल’ पर हुआ था विवाद

सनी देओल ने साल 2005 में आई अपनी एक्शन-कॉमेडी फिल्म ‘जो बोले सो निहाल’ को लेकर हुए बड़े विवाद को याद किया. राहुल रवैल के निर्देशन में बनी इस फिल्म का सिख समुदाय के एक वर्ग ने कड़ा विरोध किया था. फिल्म के हश्र पर बात करते हुए सनी देओल ने कहा, ‘वह फिल्म राजनीति का शिकार हो गई और आगे नहीं बढ़ सकी. कुछ विवादों की वजह से हमें आखिरकार उसे सिनेमाघरों से हटाना पड़ा. आजकल जिस तरह फिल्मों में राजनीति हावी हो रही है, वैसा नहीं होना चाहिए., हम कुछ गलत नहीं कर रहे हैं, हम सिर्फ मनोरंजन करने वाले कलाकार हैं.’

पैसों के लिए काम नहीं करते सनी देओल

बॉक्स ऑफिस पर लगातार फ्लॉप फिल्मों और निर्देशन-प्रोडक्शन के क्षेत्र में हाथ आजमाने की वजह से सनी देओल पर भारी वित्तीय संकट मंडराने लगा था. एक्टर का मानना है कि पैसों ने कभी उनके फैसलों को तय नहीं किया. सनी ने कहा, ‘मैं सिर्फ पैसों के लिए काम नहीं कर सकता. सच कहूं तो मैं हर हाल में खुश रहता हूं. जब मैं कर्ज में डूबा था, तब भी मैं बेहद खुश था और अपनी जिंदगी सुकून से जी रहा था.’

कर्ज में डूब गए थे सनी देओल

बता दें कि 2023 में ‘गदर 2’ की बंपर सफलता के ठीक बाद एक बैंक ने मुंबई के जुहू स्थित उनके बंगले सनी विला को लेकर ई-ऑक्शन का नोटिस जारी कर दिया था. उन पर करीब 55.99 करोड़ का बकाया और ब्याज था. हालांकि, बाद में सनी देओल के भुगतान की सहमति देने पर यह नोटिस वापस ले लिया गया था. इस पर सफाई देते हुए सनी ने कहा, ‘जो पैसा मुझे चुकाना था, वह मेरा अपना था. मैंने किसी से उधार नहीं मांगा था और न ही मुझ पर किसी का कोई व्यक्तिगत बकाया था. मुझे बस अपनी ही एक संपत्ति बेचकर अपना कर्ज चुकाना था.’

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Kamta PrasadSenior Sub Editor

कामता प्रसाद (KP) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में काम करने का 11 सालों का लंबा अनुभव है. वर्तमान में वह न्यूज18 हिंदी में बतौर सीनियर सब एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. कामता को एंटरटेनमेंट …

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