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होमताजा खबरधर्मनाग पंचमी की पूजा में इन 6 छोटी-छोटी बातों का रखें विशेष ध्यान, जानें सही क्रम

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Nag Panchami 2026 Puja Rules: नाग पंचमी पर सर्पदेव की पूजा का विशेष महत्व है. इस दिन पूजा करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. क्या आप जानते हैं कि नाग पंचमी पर पहले शिवजी की पूजा करनी चाहिए या सर्पदेव की? इस रिपोर्ट में हम आपको नाग पंचमी की पूजा से जुड़ी 6 छोटी-छोटी मगर महत्वपूर्ण बातें बताएंगे, जो आपकी पूजा को सफल बनाने में मदद करेंगी.

नाग पंचमी की पूजा में इन 6 छोटी-छोटी बातों का रखें विशेष ध्यान, जानें सही क्रमZoom

Nag Panchami 2026 Puja Rules: सावन का पावन महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है. इस दौरान पड़ने वाली नाग पंचमी का पर्व भी धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण होता है. इस बार 17 अगस्त दिन सोमवार को नाग पंचमी का पर्व मनाया जाएगा. इस दिन नाग देवता की पूजा के साथ भगवान शिव का अभिषेक करने की परंपरा है. साल 2026 में नाग पंचमी का विशेष संयोग सावन सोमवार के साथ बन रहा है, जिससे शिव पूजा और नाग आराधना का महत्व और बढ़ गया है. अगर आप नाग पंचमी का पर्व मनाते हैं तो छोटी-छोटी बातों का विशेष ध्यान रखना होता है, जिससे आपकी पूजा बिना किसी विघ्न के पूरी हो. दरअसल जाने-अनजाने कई बार ऐसी गलतियां कर देते हैं, जिससे पूजा का पूरा फल नहीं मिल पाता है. आइए जानते हैं नाग पंचमी पर किन बातों का विशेष ध्यान रखें…

नाग पंचमी की पूजा में इन बातों का रखें ध्यान

  1. नाग पंचमी पर पूजा के लिए नाग देवता का चित्र या मिट्टी से बनी प्रतिमा स्थापित की जा सकती है. चंदन, हल्दी, पुष्प, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें. परंपरा के अनुसार दूध, खील और अन्य नैवेद्य भी चढ़ाया जाता है. पूजा के बाद नाग देवता से परिवार की सुख-शांति और भय से मुक्ति की प्रार्थना करें.
  2. शास्त्रों के अनुसार, नाग पंचमी के दिन जीवित नाग की पूजा नहीं की जाती. नाग देवता की पूजा प्रतीकात्मक रूप से चित्र या प्रतिमा के सामने करना ही उचित है. साथ ही आप चांदी के नाग के जोड़े लाकर भी उनकी पूजा कर सकते हैं. इससे सांप और इंसान दोनों की सुरक्षा बनी रहती है.
  3. शास्त्रों के अनुसार, नाग पंचमी के दिन भूमि की खुदाई नहीं की जाती है. साथ ही ना तो हल चलाया जाता है और जुताई का काम भी नहीं किया जाता. ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि सांप व उसके बच्चों को नुकसान ना पहुंचे.
  4. सबसे जरूरी बात यह है कि नाग पंचमी के दिन सांप को दूध पिलाने से बचना चाहिए. सांप के लिए दूध जहर के समान होता है, जिससे चलते उसकी मृत्यु भी हो सकती है. बताया जाता है कि कई बार तो सांप को दूध पिलाने से वे अंधे भी हो जाते हैं. सांपों का सामान्य आहार चूहे, मेंढक, छिपकली और दूसरे छोटे जीव होते हैं. सांप ही चूहे की आबादी को रोकते हैं और उनसे खेतों को बचाते भी हैं.
  5. नाग पंचमी के दिन भूलकर भी लोहे के बर्तन का प्रयोग नहीं करना चाहिए. साथ ही गैस व चूल्हे पर तवा नहीं रखना चाहिए और ना ही रोटी बनानी चाहिए. ऐसा करने से नाग देवता नाराज हो सकते हैं और कुंडली में कालसर्प दोष बन सकता है. इस दिन पूड़ी हलवा या दाली बाटी खाने की प्रथा है.
  6. नाग पंचमी के दिन सिलाई-बुनाई के साथ सुई-चाकू जैसी धारदार चीजों का प्रयोग करने से बचना चाहिए. साथ ही इस दिन सांप समेत किसी भी अन्य जीवों को परेशान करने से बचना चाहिए क्योंकि उनको सताना महापाप की श्रेणी में आता है. साथ ही नाग पंचमी के दिन मांस-मदिरा या तामसिक भोजन करना वर्जित है.

पहले शिवजी की पूजा करें या नाग देवता की?
नाग पंचमी पर पूजा का क्रम स्थान और पारिवारिक परंपरा के अनुसार अलग-अलग हो सकता है. हालांकि, सावन सोमवार के संयोग में पहले भगवान शिव का पूजन और जलाभिषेक करना, इसके बाद नाग देवता की पूजा करना एक सरल और प्रचलित विधि मानी जाती है. पहले शिवलिंग पर जल अर्पित करें. इसके बाद बेलपत्र, फूल, अक्षत, चंदन और धूप-दीप से भगवान शिव की पूजा करें. फिर नाग देवता के चित्र, प्रतिमा या प्रतीक का विधिपूर्वक पूजन करें. 2026 की पूजा-विधि संबंधी कुछ पंचांग स्रोत भी शिव पूजा के बाद नाग पूजा का क्रम बताते हैं.

शिव और नाग पूजा का क्या है संबंध?
धार्मिक मान्यता में नाग देवता का भगवान शिव से गहरा संबंध माना गया है. भगवान शिव अपने गले में नाग को धारण करते हैं. इसलिए नाग पंचमी पर शिवजी की आराधना के साथ नाग देवता की पूजा करने का विशेष महत्व बताया जाता है. मान्यता है कि श्रद्धा से की गई इस पूजा से भय और बाधाएं दूर होती हैं तथा परिवार में सुख-शांति बनी रहती है.

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Parag SharmaChief Sub Editor

पराग शर्मा Hindi News18 Digital में Chief Sub Editor के पद पर कार्यरत हैं. वर्तमान में धर्म, ज्योतिष, ग्रह-नक्षत्र, राशि और वास्तु से जुड़ी खबरों पर काम कर रहे हैं. भारतीय धार्मिक परंपराओं, ज्योतिष शास्त्र, मेद…

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