अयोध्या में महंत रामचंद्र दास परमहंस की 23वीं पुण्यतिथि मनाई गई. CM योगी आदित्यनाथ भी श्रद्धांजलि सभा में शामिल होंगे. इकबाल अंसारी ने परमहंस और हाशिम अंसारी के आपसी सम्मान को गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल पेश की. अदालत में महंत परमहंस दास और उनके पिता हाशिम अंसारी के बीच विचारों और पक्षों की लड़ाई थी, लेकिन निजी जीवन में दोनों एक-दूसरे का गहरा सम्मान करते थे.
इस बीच बाबरी मस्जिद के पूर्व पक्षकार रहे इकबाल अंसारी ने महंत परमहंस दास जी को याद करते हुए अयोध्या की गंगा-जमुनी तहजीब की एक महत्वपूर्ण मिसाल का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि अदालत में महंत परमहंस दास और उनके पिता हाशिम अंसारी के बीच विचारों और पक्षों की लड़ाई थी, लेकिन निजी जीवन में दोनों एक-दूसरे का गहरा सम्मान करते थे.
राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद का मुकदमा एक रिक्शे से जाते थे लड़ने
इकबाल अंसारी ने बताया कि राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद से जुड़े मुकदमे की सुनवाई के दौरान महंत परमहंस दास और हाशिम अंसारी कई बार एक ही रिक्शे से अदालत जाया करते थे. अदालत में दोनों अपने-अपने धर्म और पक्ष की पैरवी करते थे, लेकिन अदालत के बाहर उनके बीच अदब, तहजीब और आपसी सम्मान का रिश्ता कायम रहा. इकबाल अंसारी के मुताबिक हाशिम अंसारी साधु-संतों का सम्मान करते थे और महंत परमहंस दास भी उनके पिता का सम्मान करते थे.दोनों के बीच यह संबंध अयोध्या की उस परंपरा को दर्शाता है, जहां धार्मिक और वैचारिक मतभेदों के बावजूद इंसानियत और आपसी सम्मान को महत्व दिया जाता रहा है.
उन्होंने कहा कि अयोध्या की धरती सभी धर्मों और समुदायों का सम्मान करती है.यहां अपने-अपने धर्म और विश्वास के लिए संघर्ष करने के बावजूद लोग एक-दूसरे के सम्मान की परंपरा को निभाते आए हैं.महंत परमहंस दास और हाशिम अंसारी की दोस्ती इसी गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल रही है.
पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देने के लिए लोग उमड़ रहे
इकबाल अंसारी ने कहा कि महंत परमहंस दास जैसे संतों को अयोध्या और देश लंबे समय तक याद रखेगा. उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देने के लिए लोग उमड़ रहे हैं और उनके प्रति सम्मान प्रकट कर रहे हैं.उन्होंने कहा कि महंत परमहंस दास और हाशिम अंसारी के बीच का संबंध यह संदेश देता है कि विचारों की लड़ाई अपनी जगह हो सकती है, लेकिन व्यक्तिगत सम्मान और भाईचारा हमेशा कायम रह सकता है. अयोध्या में आज महंत रामचंद्र दास परमहंस की 23वीं पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया जा रहा है.उनकी स्मृतियां, उनका संघर्ष और अयोध्या की सामाजिक समरसता से जुड़ी उनकी विरासत लंबे समय तक लोगों के बीच चर्चा में रहेगी.
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Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…
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