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होमताजा खबरकृषिरबी में गाजर की खेती करने का सोच रहे हैं, तो पहले जान लें बीज-सिंचाई का हिसाब

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मुरादाबाद के किसान रबी सीजन में गाजर की खेती करके अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं. कृषि वैज्ञानिक के अनुसार गाजर के लिए बलुई दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है, जिसमें पानी का ठहराव न हो. खेत की तैयारी के बाद प्रति एकड़ करीब 3 से 4 किलो बीज की जरूरत होती है और कतार से कतार की दूरी 20 से 25 सेंटीमीटर रखी जा सकती है. सही देखभाल और सिंचाई से प्रति एकड़ 80 से 120 क्विंटल तक उत्पादन मिलने की संभावना रहती है.

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मुरादाबाद के किसान गाजर की खेती करके अच्छा मुनाफा कमा सकतें है.यह खेती बलुई दोमट मिट्टी में सबसे अच्छी होती है. खेत की गहरी जुताई कर मिट्टी भुरभुरी बनाएं. 10 टन गोबर की खाद डालें और 4-5 किलो बीज प्रति एकड़ की दर से मेड बेड बनाकर बुवाई करें. फसल को नियमित पानी दें और खरपतवार से मुक्त रखें. इस प्रकार किसान साथी खेती करेंगे तो निश्चित ही उन्हें अच्छा मुनाफा होगा और उनकी आय में वृद्धि हो जाएगी.

रबी में करे खेती

कृषि वैज्ञानिक डॉ दीपक मेहंदी रत्ता ने बताया की गाजर की खेती के लिए अच्छी भूमि का चयन किया जाता है. गाजर के लिए ऐसी बलुई दोमट भूमि का चुनाव करें जिसमें पानी का ठहराव न होता हो. भूमि का पीएच मान 6.5 से 7.5 के बीच होना चाहिए. भारी पथरीली और ऊबड़-खाबड़ जमीन में गाजर की खेती से बचें. प्रति एकड़ 3 से 4 किलोग्राम बीज का उपयोग करें. पंक्ति से पंक्ति की दूरी 20 से 25 सेंटीमीटर रखें. पौधे से पौधे की दूरी 5 से 6 सेंटीमीटर रखें.

इसमें बीज की गहराई बीज को 1.5 से 2 सेंटीमीटर की गहराई पर बोएं और इसमें खाद का उर्वरक बुवाई से पहले खेत में अच्छी तरह से सड़ी हुई गोबर की खाद डालकर मिट्टी तैयार करें. रासायनिक उर्वरकों का प्रयोग हमेशा मिट्टी परीक्षण के आधार पर ही करें. इससे फसल अच्छी होगी और आपको अच्छा मुनाफा और लाभ भी प्राप्त होगा. तो वहीं उन्होंने बताया कि बुवाई के तुरंत बाद पहली सिंचाई कर दें.

रबी के सीजन में बहुत ज्यादा रहती है मांग

इसके पश्चात मौसम और मिट्टी की स्थिति के अनुसार 10 से 15 दिन के अंतराल पर सिंचाई करते रहे. यदि सही तरीके से देखभाल की जाए तो प्रति एकड़ लगभग 80 से 120 क्विंटल तक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है. यदि किसान भाई अगेती बुवाई करते हैं तो उन्हें बाजार में अच्छे दाम मिलते हैं. जिससे वे आर्थिक रूप से काफी अच्छा मुनाफा भी कर सकते हैं. यह खेती ऐसी खेती है जो कम समय में अधिक मुनाफा देती है. इसलिए किसान साथी इस फसल को कर अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं और मोटा मुनाफा कमा सकते हैं.

About the Author

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Vivek Kumar

विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…

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