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यह किस्सा 1982 में भारत और इंग्लैंड के बीच द ओवल में खेले गए तीसरे टेस्ट का है. इयान बोथम ने रवि शास्त्री की गेंद पर जोरदार ड्राइव खेली. सिली पॉइंट पर खड़े भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर को गेंद संभालने का मौका नहीं मिला और गेंद उनकी बाईं टांग पर जा लगी. चोट इतनी गंभीर थी कि उनकी टिबिया में फ्रैक्चर हो गया और उन्हें मैदान से बाहर जाना पड़ा. इसके बाद जो हुआ उसने इस टेस्ट मैच को यादगार बना दिया.
सुनील गावस्कर के प्लास्टर पर ऑटोग्राफ देते इयान बोथम.
भारत के दौरे का बदला लेने उतरी थी इंग्लैंड की टीम
इस सीरीज की कहानी दिलचस्प थी. 1982 की शुरुआत में इंग्लैंड की टीम भारत के दौरे पर गई थी, जहां उसे टेस्ट और वनडे दोनों में हार का सामना करना पड़ा था. कुछ ही महीनों बाद दोनों टीमें इंग्लैंड में आमने-सामने थीं और मेजबान टीम के पास हिसाब बराबर करने का मौका था. पहले टेस्ट में इंग्लैंड ने लॉर्ड्स पर भारत को हराया. मैनचेस्टर में खेला गया दूसरा टेस्ट बारिश के कारण ड्रॉ रहा. इसके बाद सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला द ओवल में शुरू हुआ. इस टेस्ट में सबसे ज्यादा चर्चा बोथम की रही.
बोथम का बल्ला गरज रहा था
उस दौर में बोथम अपने करियर के सबसे शानदार दौर से गुजर रहे थे. द ओवल टेस्ट में उन्होंने ऐसा दोहरा शतक जड़ा, जिसने उस समय नया रिकॉर्ड बना दिया. बोथम ने सिर्फ 220 गेंदों में डबल सेंचुरी पूरी की. वह लगातार आक्रामक क्रिकेट खेल रहे थे. उनके इस आक्रामक अंदाज को रोकने के लिए गावस्कर ने फैसला लिया कि वह सिली पॉइंट पर खड़े होंगे. हालांकि, उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि यह फैसला उन्हें मुकाबले से ही बाहर करा देगा.
एक जोरदार ड्राइव और गावस्कर मैदान से बाहर
बोथम ने रवि शास्त्री की गेंद पर जोरदार ड्राइव खेली. शॉट इतनी तेजी से निकला कि सिली पॉइंट पर खड़े गावस्कर को प्रतिक्रिया देने का समय नहीं मिला. गेंद सीधे उनकी बाईं टांग से जा टकराई. गावस्कर तुरंत दर्द से परेशान हो गए. भारतीय कप्तान को मैदान से बाहर ले जाना पड़ा. बाद में पता चला कि बाएं पैर की टिबिया में फ्रैक्चर हुआ था. इस चोट के कारण गावस्कर उस टेस्ट में आगे नहीं खेल सके. भारत के लिए यह बड़ा झटका था.
बोथम ने दिखाई दरियादिली
बोथम ने जानबूझकर गावस्कर को निशाना नहीं बनाया था. वह एक सामान्य क्रिकेटिंग शॉट था, लेकिन उसकी ताकत और फील्डर की स्थिति ने उसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बना दिया. दिन का खेल खत्म होने के बाद बोथम ने अपनी चिंता जाहिर करते हुए कहा था कि उन्हें पता था कि उन्होंने शॉट काफी जोर से मारा था और अफसोस भी था कि इस वजह से गावस्कर टेस्ट से बाहर हो गए. हालांकि, इसके बाद जो उन्होंने किया, उसने क्रिकेट फैंस का दिल छू लिया.
अस्पताल पहुंचकर जाना हाल-चाल और…
जिस खिलाड़ी के बल्ले से निकले शॉट ने गावस्कर की टांग तोड़ दी थी, वही खिलाड़ी बाद में उनसे अस्पताल मिलने पहुंचा. गावस्कर के पैर पर प्लास्टर चढ़ा हुआ था. बोथम ने उस प्लास्टर पर अपना ऑटोग्राफ किया और लिखा- ‘Best Wishes Sunil’. इसके साथ ही उन्होंने तारीख भी लिखी. अस्पताल से सामने आए इस फोटो ने दर्शाया कि क्रिकेट को क्यों ‘जेंटलमेंस गेम’ कहा जाता है. भारत और इंग्लैंड का यह टेस्ट ड्रॉ पर खत्म हुआ. इंग्लैंड ने तीन मैचों की सीरीज 1-0 से अपने नाम की. रिकॉर्ड में ये आंकड़े दर्ज हैं, लेकिन दशकों बाद उस मुकाबले को याद करने पर सबसे पहले स्कोर नहीं, बल्कि गावस्कर के प्लास्टर पर बोथम का किया हुआ ऑटोग्राफ याद आता है.
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परिचय
शिवम उपाध्याय एक खेल पत्रकार हैं, जो नवंबर 2025 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं. क्रिकेट उनकी विशेषज्…
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