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राजू मलिक, अमर उजाला, गाजियाबाद
Published by: Vijay Singh Pundir

Updated Sat, 08 Aug 2026 08:55 AM IST

गाजियाबाद में महिला थाना और परिवार परामर्श केंद्र तक कई ऐसे मामले पहुंच रहे हैं।आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 के पहले सात महीनों में पारिवारिक विवाद की 1219 शिकायतें दर्ज हुई थीं, जबकि वर्ष 2026 की समान अवधि में यह संख्या 26.5 प्रतिशत बढ़कर 1542 हो गई। वर्ष 2026 में आए मामलों में से 1204 मामलों में बच्चे भी सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं। 


Children's childhood affected by conflicts between husband and wife

दो दिलों की लड़ाई, बच्चों की जिंदगी पर भारी
– फोटो : अमर उजाला/AI



विस्तार

पति-पत्नी के बीच रिश्तों में खटास केवल दो लोगों तक सीमित नहीं रहती। इसका सबसे गहरा असर उन बच्चों पर पड़ रहा है, जिनकी दुनिया माता-पिता के इर्द-गिर्द बसती है। परिवार टूटने के बाद उनके सामने सबसे बड़ा सवाल होता है कि वे किसके साथ रहेंगे। कोई मां की ममता से दूर हो जाता है तो किसी के सिर से पिता का साया छूट जाता है। कई बच्चों को माता-पिता के पुनर्विवाह के बाद नए रिश्तों और बदले हुए पारिवारिक माहौल में खुद को ढालने की चुनौती का सामना करना पड़ता है।


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