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एक तरफ देश में तीन राज्यों में उपचुनाव के परिणाम आने वाले हैं. दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल में आतंकी नेटवर्क की जांच अब सिर्फ गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं रह गई है. इस मामले में एसटीएफ उन लोगों की भी पहचान में जुटी है, जिन्होंने बीजेपी विधायक के संवेदनशील जानकारियां कथित तौर पर संदिग्धों तक पहुंचाईं हैं. जांच में कई डिजिटल और तकनीकी पहलुओं को भी खंगाला जा रहा है. एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं.

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उपचुनाव मतगणना के बीच बंगाल STF का बड़ा एक्‍शन, BJP MLA का क्या है मामला?Zoom

हमीम मंडल से पूछताछ में खुला नया राज, BJP विधायक की जानकारी पहुंचाने के आरोप में हावड़ा से गिरफ्तारी. जानें पूरी खबर.

आज देश में बिहार के (बांकीपुर), गुजरात के (मांजलपुर) और मध्य प्रदेश के (दतिया) विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के परिणाम आने वाले हैं. इन तीनों सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजों पर पूरे देश की नजर है. इसी बीच
पश्चिम बंगाल में उपचुनाव के परिणाम के दिन स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्ध हमीम मंडल के दूसरे सहयोगी आदित्य सिंह उर्फ राज को गिरफ्तार कर लिया है. जांच एजेंसी का दावा है कि आरोपी ने बीजेपी विधायक उमेश राय और उनके परिवार से जुड़ी अहम जानकारी हमीम मंडल तक पहुंचाई थी. मीडिया में छपी खबरों के मुताबिक, इस गिरफ्तारी के बाद पूरे नेटवर्क की जांच और तेज कर दी गई है. जानें पूरी बात.

हमीम के बाद दूसरा एक्शन

पश्चिम बंगाल पुलिस की एसटीएफ ने सोमवार को हावड़ा से आदित्य सिंह उर्फ राज को गिरफ्तार किया. अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी को उसके घर से हिरासत में लिया गया. इसके बाद उससे लंबी पूछताछ हुई और फिर औपचारिक गिरफ्तारी दिखाई गई. जांच एजेंसी का कहना है कि आरोपी का नाम पहले गिरफ्तार किए गए हमीम मंडल और अर्पिता सरकार से पूछताछ के दौरान सामने आया था. इसी इनपुट के आधार पर एसटीएफ ने उसके खिलाफ कार्रवाई की.

विधायक की जानकारी पहुंचाने का आरोप

एसटीएफ के मुताबिक, आदित्य सिंह ने बीजेपी विधायक उमेश राय और उनके परिवार से जुड़ी अहम जानकारी हमीम मंडल तक पहुंचाई थी. जांच एजेंसी का दावा है कि इस जानकारी का इस्तेमाल कथित तौर पर आगे की साजिश के लिए किया जाना था. अधिकारियों का यह भी कहना है कि हाल में विधानसभा उपचुनाव के बाद उमेश राय को मिली धमकी भरी कॉल के पीछे भी आदित्य सिंह की भूमिका सामने आई है. फिलहाल इन सभी आरोपों की जांच जारी है.

पूछताछ से मिला बड़ा सुराग

जांच अधिकारियों के अनुसार, आदित्य सिंह तक पहुंचने का रास्ता हमीम मंडल और अर्पिता सरकार से हुई पूछताछ से मिला. दोनों से लगातार पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आईं. इसके बाद एसटीएफ की टीम रविवार देर रात आदित्य सिंह के घर पहुंची. पूरी रात पूछताछ चली. जांच एजेंसी को मिले जवाब और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सोमवार सुबह उसे गिरफ्तार कर लिया गया.

शहजाद भट्टी नेटवर्क पर नजर

जांच एजेंसी का कहना है कि हमीम मंडल और अर्पिता सरकार के पाकिस्तान स्थित आतंकवादी-आपराधिक समूह ‘शहजाद भट्टी नेटवर्क’ (एसबीएन) से संबंध होने के आरोप हैं. अधिकारियों के मुताबिक, यह नेटवर्क हनी ट्रैप, ब्लैकमेलिंग और जरूरत पड़ने पर अपहरण कर फिरौती मांगने जैसी गतिविधियों में शामिल रहता है. अब एसटीएफ यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क की पश्चिम बंगाल में कितनी पहुंच थी और किन-किन लोगों से इसके संपर्क थे.

पहले भी हुई थीं दो गिरफ्तारियां

एसटीएफ ने पिछले शुक्रवार को बर्दवान से हमीम मंडल को गिरफ्तार किया था. उसी रात झारखंड के साहिबगंज से अर्पिता सरकार को भी पकड़ा गया. जांच एजेंसी का दावा है कि हमीम मंडल के पास से पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के कार्यक्रम और आवाजाही से जुड़े अहम दस्तावेज भी बरामद हुए थे. फिलहाल हमीम मंडल और अर्पिता सरकार दोनों 14 दिन की एसटीएफ कस्टडी में हैं. एजेंसी अब पूरे नेटवर्क की हर कड़ी को जोड़ने की कोशिश कर रही है.

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