Image Slider

जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन को लेकर जांच एजेंसियां विदेशी फंडिंग समेत कई बिंदुओं पर जांच कर रही हैं। एजेंसियां पता लगा रही हैं कि किन माध्यमों से फंड जुटाए गए। जांच एजेंसियों के रडार पर पांच से ज्यादा कंपनियां हैं। इनमें कुछ डिजिटल मार्केटिंग, सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर के लिए काम करने वाली कंपनियां भी हैं।

बीते तीन दिनों में कंपनियों के मुंबई, बंगलूरू, गुरुग्राम व दिल्ली के कई ठिकानों पर छापे मारे गए। कंपनियों के वित्तीय लेन-देन, कैंपेन, इंफ्लूएंसर के बीच एग्रीमेंट समेत कई दस्तावेज खंगाले गए। कुछ डिजिटल डिवाइस भी जब्त किए गए हैं।

सूत्रों के अनुसार, जांच में कई संदिग्ध वित्तीय लेनदेन की बात भी सामने आई है। इसके जरिये सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर को भी जांच के दायरे में लाया जा रहा है। पुख्ता सबूत और लिखित, डिजिटल रिकॉर्ड जुटाने के बाद मामले में एफआईआर भी दर्ज होगी। 

2000 संदिग्ध अकाउंट की जांच

जांच में पता चला कि एआई एडिटेड वीडियो और गलत पोस्ट प्रसारित करवाए गए, ताकि पीएम और मंत्रियों की छवि खराब हो सके। करीब दो हजार से ज्यादा संदिग्ध अकाउंट की पहचान हुई है। जिनमें कई अकाउंट विदेश से, तो करीब 700 अकाउंट भारत मेंे चलाए जा रहे थे। एजेंसियां उनसे जुड़े डिजिटल डाटा सुरक्षित रखने संबंधी जानकारी भी जुटा रहीं हैं। 

जैश आतंकी की जंतर-मंतर पर तोड़फोड़ की थी साजिश

कोलकाता। पश्चिम बंगाल एसटीएफ ने गिरफ्तार जैश-ए-मोहम्मद के संदिग्ध आतंकी हामिम मंडल की साजिश का खुलासा किया है। मंडल ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन में पुलिस की वर्दी पहनकर तोड़-फोड़ करने की साजिश रची थी। सूत्रों ने बताया कि कई पुलिस अधिकारी और राजनेता भी हामिम के निशाने पर थे। 

जांच के दायरे में यूट्यूबर भी

बताया जा रहा है कि प्रदर्शन और हिंसा को लेकर जांच एजेंसियों के दायरे में कई यूट्यूबर भी हैं।  उनकी भूमिका संदिग्ध है जिसमें पैसों का खेल दिखाई दे रहा है। 

———-

🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।

 

Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||