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Vaibhav Sooryavanshi Vice Captain: जब ईस्ट जोन ने दलीप ट्रॉफी के लिए अपनी टीम का ऐलान किया तो ईशान किशन को कप्तान बनाए जाने पर किसी को ज्यादा हैरानी नहीं हुई. हालांकि, 15 साल के वैभव सूर्यवंशी को उपकप्तान बनाए जाने के फैसले ने सभी का ध्यान खींचा. हालांकि, सेलेक्टर्स का मानना है कि यह फैसला वैभव को भविष्य का लीडर बनाने की तैयारी का हिस्सा है.
वैभव सूर्यवंशी को भावी लीडर के रूप में देख रहे सेलेक्टर्स.
ईशान किशन कप्तान, वैभव सूर्यवंशी उपकप्तान
दलीप ट्रॉफी के लिए ईस्ट जोन टीम की कमान ईशान किशन को सौंपी गई है. हालांकि, सुर्खियों में वैभव सूर्यवंशी हैं, जिन्हें उपकप्तान बनाया गया. टीम में अभिमन्यु ईश्वरन, मोहम्मद शमी और मुकेश कुमार जैसे अनुभवी खिलाड़ी भी मौजूद हैं, लेकिन इसके बावजूद चयनकर्ताओं ने युवा वैभव पर भरोसा जताया है, इस वजह से कई सवाल भी खड़े हो रहे हैं.
वैभव को भावी कप्तान के रूप में देख रहे सेलेक्टर्स
ईस्ट जोन सेलेक्टर्स कमिटी में झारखंड के प्रतिनिधि मनीष वर्धन ने साफ किया कि यह फैसला सिर्फ मौजूदा टूर्नामेंट के लिए नहीं, बल्कि लंबी योजना का हिस्सा है. उनके मुताबिक, ‘उपकप्तान बनने से खिलाड़ी कप्तान के साथ हर फैसले को करीब से देखता और समझता है. वैभव जितना टीम मैनेजमेंट और लीडरशिप को सीखेंगे, उतना ही उनके करियर के लिए बेहतर होगा.’ सेलेक्टर्स का मानना है कि उनकी क्रिकेट प्रतिभा के साथ-साथ नेतृत्व क्षमता भी धीरे-धीरे विकसित की जानी चाहिए.
ईशान नहीं होंगे तो वैभव संभालेंगे कमान?
मनीष वर्धन ने यह भी साफ किया कि अगर किसी कारण से ईशान किशन उपलब्ध नहीं रहते हैं तो वैभव कप्तान की भूमिका नहीं निभाएंगे. ऐसी स्थिति में कोई अनुभवी खिलाड़ी टीम की कमान संभालेगा, जबकि वैभव उपकप्तान की भूमिका में रहकर सीखते रहेंगे.
भारतीय क्रिकेट के उज्जवल भविष्य हैं वैभव
सेलेक्टर्स का यह भी मानना है कि ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी दोनों लंबे समय तक भारतीय क्रिकेट का हिस्सा रह सकते हैं. इसी सोच के साथ दोनों को नेतृत्व की जिम्मेदारियां दी जा रही हैं, ताकि भविष्य में टीम इंडिया को तैयार लीडर मिल सकें. वर्धन ने कहा कि उपकप्तान का पद सिर्फ सम्मान नहीं होता, बल्कि सीखने और खुद को बेहतर बनाने का अवसर भी होता है.
वैभव सूर्यवंशी को उप कप्तान बनाए जाने पर चयनकर्ता ने दी सफाई.
पहले भी निभा चुके हैं यह जिम्मेदारी
ओडिशा के पूर्व क्रिकेटर और सेलेक्टर-कोच प्रवंजन मलिक ने बताया कि वैभव पहले भी बिहार की रणजी टीम के उपकप्तान रह चुके हैं. इसलिए यह भूमिका उनके लिए बिल्कुल नई नहीं है. उन्होंने कहा, ‘विकेटकीपर होने के कारण ईशान किशन खेल के हर पल में सक्रिय रहते हैं. ऐसे में वैभव उनके साथ रहकर मैदान पर फैसले लेने, खिलाड़ियों को संभालने और मैच की रणनीति बनाने जैसी अहम बातें सीख सकेंगे.’
‘एक दिन भारत के कप्तान भी बन सकते हैं’
प्रवंजन मलिक ने कहा कि सेलेक्टर्स की सोच सिर्फ दलीप ट्रॉफी तक सीमित नहीं है. उनका मानना है कि अगर वैभव इसी तरह आगे बढ़ते रहे तो भविष्य में भारतीय टीम की कप्तानी भी कर सकते हैं. उपकप्तान बनाना उसी दिशा में उठाया गया पहला बड़ा कदम है.
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परिचय
शिवम उपाध्याय एक खेल पत्रकार हैं, जो नवंबर 2025 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं. क्रिकेट उनकी विशेषज्…
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