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Mathura Vrindavan News: वृंदावन के ऐसे कई रहस्य हैं, जिससे आज तक पर्दा नहीं उठ पाया है. ऐसी ही एक कहानी फेमस है महाराज की. कहा जाता है कि वृंदावन में आज भी भगवान श्री कृष्ण गोपियों के साथ महारास करने आते हैं.
मथुरा: कहते हैं कि वृंदावन राधा कृष्ण के रहस्य से भरा हुआ है. वृन्दावन को ठाकुर जी की क्रीड़ा स्थली माना गया है. यहां कृष्ण अपने मित्रों के साथ खेले और यहां उन्होंने गोपियों के संग महारास भी किया. योगीराज कृष्ण के महारास के आज भी निशान और रहस्य देखने को मिलते हैं. आज भी भगवान के महारास की कहानी निधिवन में मिलती है. वृंदावन में एक जगह ऐसी है, जहां अंधेरा होते ही सभी पशु-पक्षी और इंसान निकल जाते हैं.
कहा जाता है कि यहां के आसपास बने हुए घर के दरवाजे और खिड़कियां बंद हो जाती हैं. यहां राधा कृष्ण के आने की आहट के बाद कोई भी यहां नहीं रुकता है. जो व्यक्ति या पशु-पक्षी गलती से रुक जाता है, तो वह अपना सुबह का सूरज देखने के लिए जीवित नहीं रहता और आज भी वह रहस्य बना हुआ है. आइए जानते हैं निधिवन की कहानी यहां के लोगों की जुबानी. राधा कृष्ण यहां आज भी महारास करते हैं और इस महारास का नजारा दिव्य और भव्य होता है. द्वापर युग की तरह यहां महारास होता है.
गोपियों के साथ कृष्ण करते हैं महारास
द्वापर काल में भगवान कृष्ण ने अनेकों लीलाओं का मंचन किया. यहां उन्होंने काफी गोचारण लीला की, तो कहीं उन्होंने गोपियों के वस्त्र चुराए. वृन्दावन का कण-कण कृष्ण की लीलाओं का उद्घोष करता है. वृन्दावन में जहां भगवान कृष्ण ने हजारों गोपियों के साथ महारास रचाया था, उसका प्रमाण आज भी देखने को मिलता है. आज भी पेड़ों के रूप में भगवान कृष्ण और गोपियां वृन्दावन के इस वन में मौजूद हैं. वृन्दावन के इस वन को निधिवन के नाम से जाना जाता है. हर दिन हजारों की संख्या में भक्त निधिवन राज के दर्शन करने आते हैं.
16108 गोपियों के साथ महाराज
वहीं निधिवन राज में मौजूद रंग महल मंदिर के पुजारी रोहित गोस्वामी से जब यहां की मान्यता के बारे में लोकल 18 की टीम ने जानना चाहा. उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि भगवान ने गोपियों के साथ महारास किया था. ये द्वापर काल से ही यहां रहस्य बने हुए हैं. निधिवन में आप जो वृक्ष देख रहे हैं, वो कृष्ण और गोपियों के स्वरुप हैं. सभी वृक्ष एक-दूसरे के साथ जुड़े हुए हैं. वृंदावन के निधिवन में आज भी 16108 गोपियों के साथ कृष्ण महाराज करते हैं. आज भी भगवान कृष्ण की गोपियां निधिवन में रास करने के लिए आती हैं. आज भी पेड़ नुमा गोपियां निधिवन में एक दूसरे से छिपी हुई हैं. ऐसी मान्यता है कि यहां गोपियां कृष्ण एक दूसरे के साथ नृत्य अवस्था में जुड़े हुए हैं.
आज भी होता है महारास
लोकल 18 से बातचीत के दौरान निधिवन के गाइड मदन गोपाल ने यह भी बताया कि रात में भगवान आज भी महाराज करने के लिए निधिवन आते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि रंग महल में रखे हुए दातुन, पान, पानी का प्रयोग हुआ मिलता है, तो वहीं सैया इधर-उधर मिलती है. उन्होंने यह भी बताया कि प्रसाद रूपी यह सभी चीज भक्तों को दी जाती हैं. यहां कोई भी रात के समय विश्राम या रुकने की सोच भी नहीं सकता. रात होते ही यहां से सभी पशु-पक्षी भी चले जाते हैं, क्योंकि निधिवन में जब महारास करते हैं, भगवान श्री कृष्णा अपनी गोपियों के साथ तो जो भी व्यक्ति उसे महाराज को देख लेता है या तो वह मर जाता है या अंधा हो जाता है.
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आर्यन सेठ, News18 Hindi में डिजिटल डेस्क पर जुड़े हैं और जनवरी 2026 से उत्तर प्रदेश की राजनीति, अपराध, प्रशासन, वायरल और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर खबरें लिखते हैं. जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ल…
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.
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