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भारतीय सिनेमा में ‘रामायण’ की छाप हमेशा से गहरी रही है. बॉलीवुड के निर्देशकों ने इस पौराणिक महागाथा को न केवल धार्मिक फिल्मों के रूप में, बल्कि मॉडर्न एक्शन थ्रिलर और फैमिली ड्रामा के ताने-बाने में भी बखूबी पिरोया है. ‘सिंघम अगेन’ की पुलिसिया जंग से लेकर ‘हम साथ-साथ हैं’ के पारिवारिक ‘वनवास’ तक, कई फिल्मों में रामकथा की झलक देखने को मिलती है. इनमें 600 करोड़ रुपये के भारी-भरकम बजट में बनी एक मूवी भी शामिल है.

नई दिल्ली. भारतीय सिनेमा की शुरुआत से ही ‘रामायण’ हमारी कहानियों की सबसे मजबूत नींव रही है. इस पौराणिक महागाथा ने निर्देशकों को हर दौर में प्रेरित किया है. फिर चाहे वो भगवान राम के जीवन पर बनी फिल्में हों या फिर फिर इमोशनल फैमिली ड्रामा, ‘रामायण’ के ताने-बाने को पर्दे पर नए-नए रंगों में पिरोया गया है. अब रणबीर कपूर की ‘रामायण’ भी जल्द ही थिएटर्स में दस्तक देने वाली है. आज हम आपको बॉलीवुड की ऐसी ही 7 हिंदी फिल्मों के बारे में बताते हैं, जिनके जरिए ‘रामायण’ की कहानी को एक नए और अनोखे अंदाज में दर्शकों के सामने पेश किया गया.

आदिपुरुष: बड़े बजट की यह फिल्म रामायण पर बनी है. इसमें प्रभास ने राघव और सैफ अली खान ने लंकेश का रोल निभाया था. इस फिल्म के जरिए सदियों पुरानी पौराणिक कथा को आज की युवा पीढ़ी से जोड़ने की कोशिश की गई है. इस महागाथा को पर्दे पर भव्य और आधुनिक रूप देने के लिए मेकर्स ने काफी हद तक मोशन-कैप्चर वीएफएक्स का सहारा लिया गया. इस फिल्म का बजट लगभग 600 करोड़ रुपये रहा.

रावण: मणिरत्नम की यह फिल्म अच्छाई और बुराई के पारंपरिक नजरिए को एक नए ढंग से चुनौती देती है. रामायण की पृष्ठभूमि पर बनी इस कहानी में आदिवासी विद्रोही बीरा एक पुलिस अफसर की पत्नी को अगवा कर लेता है. जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, दर्शक यह सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि कानून का पालन करने वाला पुलिसवाला वाकई सही है या फिर हक की लड़ाई लड़ने वाला वह बागी?.

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सिंघम अगेन: रोहित शेट्टी ने अपनी इस कॉप यूनिवर्स फिल्म का ताना-बाना ‘रामायण’ से जोड़कर बुना है. फिल्म में अजय देवगन (सिंघम) भगवान राम की तरह दिखाया जो जो अपनी किडनैप हुई पत्नी को बचाने के लिए सारी हद पार करता है. वहीं, टीम के बाकी पुलिस अफसर हनुमान, लक्ष्मण और गरुड़ जैसे पौराणिक किरदारों के मॉडर्न अवतार बनकर सिंघम का पूरा साथ देते हैं.

हम साथ-साथ हैं: डायरेक्टर सूरज बड़जात्या ने राम कथा के वनवास वाले हिस्से को एक आधुनिक कारोबारी परिवार के ताने-बाने में खूबसूरती से पिरोया है. सौतेली मां की असुरक्षा और जिद के कारण घर का बड़ा बेटा विवेक अपने पूरे व्यापार और संपत्ति को छोड़कर हंसते-हंसते घर छोड़ देता है. इस मुश्किल समय में उसकी समर्पित पत्नी और वफादार छोटा भाई भी सब कुछ छोड़कर उसके साथ खड़े नजर आते हैं.

राम सेतु: यह एक्शन-एडवेंचर फिल्म भारतीय पौराणिक मान्यताओं को साइंस और आर्कियोलॉजी की नजर से देखने का प्रयास करती है. अक्षय कुमार ने एक नास्तिक शोधकर्ता का किरदार निभाया है, जिसे समुद्र के नीचे बने प्राचीन पुल की जांच का काम सौंपा जाता है. वह ऐतिहासिक सबूतों और जमीनी खोज के जरिए यह साबित करने में जुट जाता है कि राम सेतु का पौराणिक इतिहास पूरी तरह सच है.

राम राज्य: विजय भट्ट की यह क्लासिक फिल्म उत्तर रामायण के भावुक प्रसंग पर आधारित है, जिसमें राजा के रूप में राम के कर्तव्य और सीता के प्रति उनके प्रेम के बीच का कठिन संघर्ष दिखाया गया है. इस फिल्म का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व बहुत गहरा है, क्योंकि यह इतिहास की इकलौती ऐसी फिल्म मानी जाती है, जिसे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने खुद सिनेमाघर में देखा था.

कलयुग और रामायण: बाबूभाई मिस्त्री के निर्देशन में बनी यह फिल्म एक बेहतरीन सामाजिक व्यंग्य है. इसमें दारा सिंह ने भगवान हनुमान का किरदार निभाया है, जो कलयुग के भारत में धरती पर कदम रखते हैं. यहां आकर उनका सामना आज के दौर के भ्रष्टाचार, लालच और पारिवारिक कलह से होता है. इसके बाद वह अपनी दिव्य शक्तियों और सूझ-बूझ के जरिए आधुनिक इंसान को धर्म, नैतिकता और सही जीवन मूल्यों का पाठ पढ़ाते हैं.

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