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Hyderabad News : हैदराबाद में 125 फीट ऊंची डॉ. बी.आर. अंबेडकर की प्रतिमा पर्यटकों का नया आकर्षण है. 14 अप्रैल 2023 को अनावरण हुई यह प्रतिमा 146 करोड़ रुपये में बनी है. इस स्मारक की सबसे खास बात इसका 50 फीट ऊंचा गोलाकार चबूतरा है, जिसे दिल्ली के पुराने संसद भवन की तर्ज पर डिजाइन किया गया है.

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हैदराबाद. तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में हुसैन सागर झील के किनारे खड़ी डॉ. बी.आर. अंबेडकर की भव्य प्रतिमा आज देशभर के पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र बन चुकी है. 125 फीट ऊंची यह विशाल कांस्य प्रतिमा न केवल शहर की खूबसूरती बढ़ा रही है, बल्कि देश के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों और संघर्षों की भी याद दिलाती है.

इस ऐतिहासिक स्मारक का अनावरण 14 अप्रैल 2023 को बाबासाहेब की 132वीं जयंती के अवसर पर किया गया था. इस पूरे प्रोजेक्ट को तैयार करने में करीब 146 करोड़ रुपये की लागत आई. यह स्मारक लगभग 11.7 एकड़ में फैले हरे-भरे परिसर में विकसित किया गया है.

संसद भवन जैसी डिजाइन वाला बेस भी है आकर्षण
इस स्मारक की सबसे खास बात इसका 50 फीट ऊंचा गोलाकार चबूतरा है, जिसे दिल्ली के पुराने संसद भवन की तर्ज पर डिजाइन किया गया है. यदि 125 फीट ऊंची प्रतिमा और 50 फीट ऊंचे चबूतरे को मिलाकर देखा जाए तो पूरे स्मारक की कुल ऊंचाई 175 फीट हो जाती है. प्रतिमा में बाबासाहेब के एक हाथ में भारत का संविधान भी दर्शाया गया है.

बेस के अंदर बना है म्यूजियम और लाइब्रेरी
संसद भवन जैसे दिखने वाले इस बेस के अंदर आधुनिक म्यूजियम और एक बड़ी लाइब्रेरी बनाई गई है. यहां आने वाले लोग बाबासाहेब के जीवन, उनके विचारों और भारतीय संविधान के निर्माण की यात्रा को करीब से जान सकते हैं. परिसर में बुजुर्गों और दिव्यांगों की सुविधा के लिए लिफ्ट और एस्केलेटर की भी व्यवस्था की गई है.

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के मूर्तिकार ने किया डिजाइन
इस भव्य प्रतिमा को देश के प्रसिद्ध मूर्तिकार राम वनजी सुतार और उनके बेटे अनिल राम सुतार ने डिजाइन किया है. राम वनजी सुतार वही मूर्तिकार हैं जिन्होंने गुजरात में स्थित दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का भी डिजाइन तैयार किया था. इस प्रतिमा के निर्माण में करीब 360 टन स्टील और 114 टन कांसे का उपयोग किया गया है, ताकि यह लंबे समय तक मजबूती के साथ खड़ी रह सके. आज यह स्मारक हैदराबाद की नई पहचान बन चुका है. शाम के समय जब प्रतिमा रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठती है तो हुसैन सागर झील का पूरा नजारा बेहद आकर्षक दिखाई देता है. यहां आने वाले पर्यटकों के लिए प्रवेश पूरी तरह निशुल्क रखा गया है.

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आनंद पाण्डेयContent Producer

आनंद पाण्डेय वर्तमान में News18 हिंदी (राजस्थान डिजिटल) में बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पिछले 5 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र में अ…

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