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होमताजा खबरदेशअपनी ही मिनिस्ट्री से केंद्रीय मंत्री ने ली 99 लाख की सब्सिडी, अब लौटा दी रकम

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Bhagirath Choudhary Subsidy Return: केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी ने विवाद पर सफाई देते हुए कहा था कि उन्होंने देश के हजारों किसानों की तरह ही सब्सिडी का लाभ उठाया है और वे कुछ भी छिपा नहीं रहे हैं. उन्होंने समाचार एजेंसी ANI से कहा था, ‘मैं एक किसान हूं और बचपन से ही खेती-बाड़ी से जुड़ा रहा हूं. मैंने कुछ भी नहीं छिपाया है. हजारों किसान पॉलीहाउस का इस्तेमाल करते हैं और सब्सिडी का लाभ उठाते हैं. इसलिए, मैंने भी ऐसा ही किया.’

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केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी ने सब्सिडी से मिली रकम लौटा दी है. (फाइल फोटो)

Bhagirath Choudhary Subsidy Refund: केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने अपनी ही मिनिस्ट्री की एक स्कीम के तहत अपने खीरे के खेत के लिए 99 लाख रुपए की सब्सिडी ली थी, जिसे अब उन्होंने वापस कर दिया है. लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने मंगलवार को यह जानकारी दी. उन्होंने यह भी बताया कि  भागीरथ चौधरी और राजस्थान के भाजपा सांसद लुंबाराम को पिछले 5 सालों में राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड की योजनाओं के तहत वित्तीय सहायता (सब्सिडी) मिली थी. हालांकि, चौधरी ने सब्सिडी वापस कर दी है.

रामनाथ ठाकुर ने बताया कि राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड की योजनाओं के तहत पात्र किसानों और उद्यमियों को व्यावसायिक बागवानी, संरक्षित खेती, फसल कटाई के बाद प्रबंधन और शीत भंडार अवसंरचना के विकास के लिए सब्सिडी के रूप में आर्थिक मदद दी जाती है. मंत्री ने पिछले पांच वर्षों में बोर्ड की योजनाओं के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त करने वाले मौजूदा केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों और उनके करीबी परिवार के सदस्यों का विवरण भी दिया. सूची के अनुसार, राजस्थान के सिरोही से भाजपा सांसद लुंबाराम को वर्ष 2025 में और केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री तथा अजमेर से सांसद भागीरथ चौधरी को वर्ष 2026 में यह वित्तीय सहायता मिली.

ठाकुर ने बताया, “भागीरथ चौधरी ने सूचित किया है कि उन्होंने योजना के तहत मिली सब्सिडी संबंधित बैंक को वापस कर दी है. संबंधित बैंक को सब्सिडी राशि बागवानी बोर्ड को लौटाने का निर्देश दिया गया है.” मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड योजना दिशानिर्देशों में लोक सेवकों या उनके परिवार के सदस्यों द्वारा दिए गए आवेदनों के संबंध में हितों के टकराव या खुद को प्रक्रिया से अलग करने का कोई विशेष प्रावधान नहीं है.

ठाकुर लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी के सवाल का जवाब दे रहे थे. बनर्जी ने पूछा था कि क्या पिछले पांच वर्षों में किसी मौजूदा केंद्रीय मंत्री, सांसद या उनके करीबी परिवार के सदस्यों को इन योजनाओं के तहत सब्सिडी मिली है. मंत्री ने बताया कि ये योजनाएं सभी पात्र आवेदकों के लिए उपलब्ध हैं, जिनमें व्यक्तिगत आवेदक, साझेदारी फर्म, कंपनियां, सहकारी संस्थाएं और अन्य वैध संस्थाएं शामिल हैं. इसके लिए निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करना जरूरी है. उन्होंने कहा कि योजना के तहत परियोजना की जमीन आवेदक के स्वामित्व में होनी चाहिए या कम से कम 10 साल की अवधि के लिए पट्टे पर ली गई होनी चाहिए और इसका रिकॉर्ड राजस्व अभिलेखों में दर्ज होना चाहिए.

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…

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