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मलयालम एक्टर मुरुगन पनाविला का 46 की उम्र में निधन हो गया. 25 जुलाई को मुरुगन ने इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया. जाते-जाते भी एक्टर ने कई लोगों को नया जीवनदान दिया. मौत के बाद उनके परिवार ने उनका अंग दान कर 5 लोगों की जिंदगी बचाई.

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एक्टर का निधन हो गया.

नई दिल्ली.  25 जुलाई को एंटरटेनमेंट जगत से एक ऐसी दुखद खबर आई जिसके बाद पूरी इंडस्ट्री में शोक लहर दौड़ पड़ी. मलयालम फिल्म इंडस्ट्री के नामी एक्टर मुरुगन पनाविला का निधन हो गया. वो 46 की उम्र में अचानक इस दुनिया को हमेशा के लिए छोड़ गए. मुरुगन अब भले ही हमारे बीच मौजूद नहीं हैं, लेकिन उनकी जिंदगी किसी मिसाल से कम नहीं है. एक्टर की लाइफ एक प्रेरणा स्रोत बन गई है. जाते-जाते ये कलाकार कई लोगों को जीवन दे गया है.

थिएटर, सीरियल और फिल्मों की दुनिया का जाना-माना नाम मुरुगन पनाविला इस दुनिया से जाते-जाते कई लोगों को जिंदगी दे गए. उन्होंने अंग दान यानी कि ऑर्गन डोनेशन के जरिए 5 लोगों को नई जिंदगी दी है. 46 वर्षीय श्रीमुरुगन 21 जुलाई को कोझिकोड के वडाकारा में एक थिएटर परफॉर्मेंस की रिहर्सल कर रहे थे. इसी दौरान उन्हें अचानक गंभीर ब्रेन हेमरेज हुआ और वह मंच पर ही गिर पड़े.

ब्रेन हैमरेज से हुआ एक्टर का निधन

एक्टर स्टेज रिहर्सल के दौरान वहीं जमीन पर गिर पड़े जिसके बाद उनके साथियों ने बिना देर किए उन्हें नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया. उनकी हालत गंभीर होने के कारण बाद में उन्हें तिरुवनंतपुरम के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने कई दिनों तक उनका इलाज किया.

25 जुलाई को दुनिया को कहा अलविदा

डॉक्टर्स की लाख कोशिशों के बावजूद मुरुगन पनाविला को बचाया नहीं जा सका. 25 जुलाई की दोपहर को मुरुगन को ब्रेन डेड घोषित कर दिया. इस मुश्किल वक्त में श्रीमुरुगन के परिवार ने ऐसा निर्णय लिया, जिसने कई परिवारों के जीवन में खुशियां लौट आईं. गहरे दुख के बीच उनके परिजनों ने उनके अंग दान करने की सहमति दी. इसके बाद चिकित्सकों ने पूरी प्रक्रिया के तहत उनके अंगों को सुरक्षित निकालकर जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचाया.

5 लोगों को दी नई जिंदगी

जानकारी के अनुसार, श्रीमुरुगन का लिवर सफलतापूर्वक किम्सहेल्थ अस्पताल में भर्ती एक मरीज को ट्रांसप्लांट किया गया है. वहीं उनका हृदय वाल्व श्री चित्रा तिरुनल इंस्टीट्यूट फॉर मेडिकल साइंसेज एंड टेक्नोलॉजी को सौंपा गया. उनकी दोनों कॉर्निया रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ ऑप्थैल्मोलॉजी भेजी गईं, जहां इनके माध्यम से दो लोगों की रोशनी लौटाने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. इसके अलावा उनकी त्वचा को सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के स्किन बैंक में दान किया गया, जिससे गंभीर रूप से झुलसे मरीजों के इलाज में मदद मिलेगी.

श्रीमुरुगन का यह फैसला भले ही उनके निधन के बाद उनके परिवार ने लिया हो, लेकिन उन्होंने जाने के बाद भी कई लोगों की जिंदगी बचाई. ये समाज और इंडस्ट्री के बाकी कलाकारों के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है.

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Pranjul SinghSub-Editor

From the precision of chemistry labs to the vibrant chaos of a newsroom, my journey has been about finding the perfect formula for a great story. A graduate in Chemistry Honours from the historic Scottish Churc…

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