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Sultanpur historical forts: 18 अगस्त 1857 को एम सी ओमनी जो जुडिशल कमिश्नर थे उन्होंने अवध के चीफ कमिश्नर सचिव को एक पत्र लिखा था जिसमें उन्होंने फैजाबाद, खैराबाद, लखनऊ और बहराइच संभाग में कुल किलो की संख्या बताई थी इसमें 574 किले थे. जिनमें से फैजाबाद जिले में 45 किले थे. राजा रुस्तम शाह दियरा सुलतानपुर की बड़ी ख्याति थी. इनके पास 6 किले थे. वहीं पूरे सुल्तानपुर जनपद में कुल किलों की संख्या 54 थी.

सुल्तानपुरः उत्तर प्रदेश का सुल्तानपुर जिला ऐतिहासिक दृष्टिकोण से काफी महत्वपूर्ण जिला माना जाता है. यहां पर मध्यकाल और नवाबी कल में कई ऐसी वास्तुकलाएं विकसित हुई जिसके कुछ नमूने आज भी देखने को मिलते हैं. हसनपुर का किला, राजा दियरा का किला, डॉक्टर संजय सिंह रामनगर किला आदि कई ऐसे किले हैं, जो आज भी सुल्तानपुर में मौजूद हैं. लेकिन क्या आपको पता है जब 1857 की क्रांति भारत में हुई तब सुल्तानपुर में कितने किले हुआ करते थे ?

सुल्तानपुर के वरिष्ठ पत्रकार विक्रम बृजेंद्र सिंह लोकल 18 से बातचीत के दौरान बताते हैं कि सुल्तानपुर में कई ऐसी रियासतें रही और कई ऐसे राजा रजवाड़े रहे जिनके किले वर्तमान में भी मौजूद हैं. कुछ किलो की देखरेख बरकरार है और वह सुरक्षित हैं लेकिन कुछ किले देखरेख और संरक्षण के अभाव में लगातार खंडहर होते जा रहे हैं. इससे न सिर्फ सुल्तानपुर की धरोहर मिट रही है बल्कि इतिहास भी खंडहर में तब्दील हो जा रहा है.

सुल्तानपुर में थे 54 किले

18 अगस्त 1857 को एम सी ओमनी जो जुडिशल कमिश्नर थे उन्होंने अवध के चीफ कमिश्नर सचिव को एक पत्र लिखा था जिसमें उन्होंने फैजाबाद, खैराबाद, लखनऊ और बहराइच संभाग में कुल किलो की संख्या बताई थी इसमें 574 किले थे. जिनमें से फैजाबाद जिले में 45 किले थे. राजा रुस्तम शाह दियरा सुलतानपुर की बड़ी ख्याति थी. इनके पास 6 किले थे. वहीं पूरे सुल्तानपुर जनपद में कुल किलों की संख्या 54 थी. जो की बहुत मजबूत थे जिसमें भदैंया के किले के मालिक दलपत सिंह और विश्वनाथ सिंह राजकुमार थे. जिसमें 250 सैनिक रहा करते थे. वहीं रामनगर अमेठी की गढ़ी भी बहुत मजबूत थी. जिसमें तीन तरफ से खाईं लगी थी और यह एक जंगल में मौजूद थी. इस किले में हर समय 1400 सैनिक रहते थे.

एमसी ओमनी के पत्र में लिखा है

एमसी ओमनी द्वारा लिखा गया यह पत्र आज सुल्तानपुर के इतिहास को समझने में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और यह बताता है कि 1857 में सुल्तानपुर जिले में कुल किलों की संख्या कितनी थी. इसका जिक्र फ्रीडम स्ट्रगल इन उत्तर प्रदेश के खंड एक में हुआ है. इसके साथ ही सुल्तानपुर इतिहास की झलक में भी वरिष्ठ पत्रकार व इतिहासकार राजेश्वर सिंह ने भी किलों की संख्या को इस पत्र के माध्यम से बताया है.

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Rajneesh Kumar Yadav

मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …

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