केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आते ही जंतर-मंतर का माहौल पलभर में बदल गया। कई दिनों से धरने पर बैठे छात्र और युवा खुशी से झूम उठे। किसी ने ढोल की थाप पर नृत्य किया तो किसी ने साथियों को गले लगाकर बधाई दी। लंबे आंदोलन के बाद मिली इस खबर ने प्रदर्शनकारियों के चेहरों पर राहत और उत्साह साफ झलक रहा था।
सबसे पहले पूरे परिसर में भारत माता की जय के नारे गूंजे। इसके बाद ऐसा नारा उठा, जिसने पूरे जश्न की पहचान बना ली-”थैंक यू कुच्चू पुच्चू”। शुरुआत कुछ युवाओं ने मजाकिया अंदाज में की, लेकिन देखते ही देखते पूरा जंतर-मंतर इसी नारे से गूंजने लगा। हर बार नारा लगने पर तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई देती और युवा ढोल की थाप पर झूम उठते।
जश्न के बीच ”एकदम से वक्त बदल दिया, जज्बात बदल दिए” डायलॉग भी लगातार सुनाई देता रहा। मंच से जैसे ही यह लाइन दोहराई जाती, प्रदर्शनकारी उत्साह के साथ उसे दोहराने लगते। कई लोगों ने ”धर्मेंद्र प्रधान झांकी हैं” जैसे राजनीतिक नारे भी लगाए, लेकिन पूरे दिन सबसे अधिक चर्चा ”थैंक यू कुच्चू पुच्चू” और ”एकदम से वक्त बदल दिया…” की रही। जंतर-मंतर पर सबसे अधिक गूंजा नारा ”थैंक यू कुच्चू पुच्चू” रहा।
कुछ युवाओं ने इसे हल्के-फुल्के अंदाज में शुरू किया, लेकिन देखते ही देखते यह पूरे आंदोलन का सबसे चर्चित नारा बन गया। हर बार इसके साथ तालियां बजीं, लोग मुस्कुराए और ढोल की थाप पर नाचते नजर आए। कई प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद मिली खुशी को उन्होंने इसी अनोखे अंदाज में जाहिर किया।
मीम्स में दिखी संघर्ष से जीत तक की कहानी
जंतर-मंतर का उत्साह सोशल मीडिया पर भी दिखाई दिया। इस्तीफे के बाद मीम्स और रील्स की बाढ़ आ गई। फिल्मों के दृश्य, वेब सीरीज के संवाद, क्रिकेट के यादगार पल और पुराने वायरल वीडियो के जरिए युवाओं ने अपनी खुशी जाहिर की। कई मीम्स में प्रतियोगी छात्रों की वर्षों की मेहनत, कोचिंग, लाइब्रेरी और परीक्षा केंद्रों के अनुभवों को हास्य के साथ प्रस्तुत किया गया। इन पोस्टों में हंसी के साथ लंबे संघर्ष और इंतजार की झलक भी साफ दिखाई दी। #DharmendraPradhanResign, #CjpZindabad ने बढ़ाई ऑनलाइन हलचल इस्तीफे के बाद सोशल मीडिया पर #DharmendraPradhanResign और #CjpZindabad तेजी से ट्रेंड करने लगे। हजारों लोगों ने हैशटैग के साथ प्रतिक्रियाएं साझा कीं। छात्र संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम यूजर्स ने इसे अलग-अलग नजरिए से देखा। किसी ने इसे युवाओं की जीत बताया तो किसी ने लोकतांत्रिक दबाव का परिणाम कहा। जेन-जी सबसे अधिक सक्रिय रहे।
जेएनयू शिक्षक संघ बोला शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लोकतंत्र की जीत
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) शिक्षक संघ ने केंद्रीय शिक्षा धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को देशव्यापी छात्र-युवा आंदोलन और भारतीय लोकतंत्र की बड़ी जीत बताया है। संघ ने कहा कि यह सफलता छात्रों के लंबे संघर्ष, एकजुटता और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। हालांकि मंत्री का इस्तीफा पर्याप्त नहीं है। जब तक शिक्षा व्यवस्था में मौजूद संरचनात्मक समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता। शिक्षक संघ ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को समाप्त करने और विश्वविद्यालयों को प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करने की स्वायत्तता वापस देने की मांग दोहराई।
एनटीए की केंद्रीकृत व्यवस्था ने उच्च शिक्षा में पारदर्शिता और शैक्षणिक गुणवत्ता को नुकसान पहुंचाया है। छात्रों, विशेषकर वंचित वर्गों, के लिए कठिनाइयां बढ़ाई हैं। शिक्षक संघ ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में भाग लेने से छात्रों और शिक्षकों को रोकने संबंधी विश्वविद्यालयों की एडवाइजरी की भी आलोचना की। इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण विरोध के संवैधानिक अधिकारों के विरुद्ध बताया।
जंतर-मंतर पर उत्सव जैसा माहौल
आंखों में खुशी के आंसू लिए प्रदर्शनकारियों ने धरनास्थल पर तिरंगा लहराया, देशभक्ति गीतों पर युवाओं ने नृत्य किया और वंदे मातरम् और भारत माता की जय के नारों से पूरी लुटियंस दिल्ली की सड़क गूंज उठी। सीजेपी के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन में शामिल छात्र और समर्थक एक-दूसरे को गले लगाकर खुशी जाहिर करते नजर आए। मंच पर बज रहे देशभक्ति गीत चक दे! इंडिया की धुन पर युवाओं ने जमकर नृत्य किया। कई प्रदर्शनकारी हाथों में तिरंगा और डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र व पोस्टर लिए हुए थे। इसी बीच सभा को संबोधित करते हुए सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि यह इस्तीफा लोकतांत्रिक आंदोलन की ताकत का प्रतीक है। कई प्रदर्शनकारी फोन से इस पल को रिकॉर्ड करते रहे तो कुछ ने फेसबुक लाइव किया। खुशी के इस माहौल के बीच अनुशासन भी देखने को मिला।
अभिजीत दीपके का भावुक पल बना चर्चा का विषय
आंदोलन समाप्त होने के ऐलान के बीच सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके का एक भावुक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर मिलते ही जंतर-मंतर पर आयोजित सभा में वह भावुक हो गए। वीडियो में वह घुटनों के बल बैठकर मंच पर हाथ मारते हुए अपनी खुशी जाहिर करते दिखाई दिए। यह दृश्य समर्थकों के लिए लंबे संघर्ष के बाद मिली सफलता और व्यवस्था में बदलाव की उम्मीद का प्रतीक बन गया।
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