सुल्तानपुर शहर में कई ऐसे नाले हैं जिनकी जून महीने में साफ सफाई हुई. इस उम्मीद के साथ कि बारिश में जल भराव नहीं होगा और नालों की चोक की समस्या खत्म हो जाएगी. लेकिन इस समय सारे दावे झूठे साबित हो रहे हैं क्योंकि सुल्तानपुर शहर के अंतर्गत ही आने वाला आईटीआई कॉलेज इसके ठीक सामने एक नाला गुजरता है. वहां पर कूड़े कचरे जमा होने की वजह से नाला चोक हो चुका है. जिससे न सिर्फ छात्र-छात्राओं को नाले की बदबू का सामना करना पड़ रहा है
सुल्तानपुरः स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत इसी उद्देश्य के साथ की गई थी कि साफ सफाई और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाएगा. इसके लिए सरकार द्वारा कई तरह की योजनाएं और अभियान के माध्यम से फंड भी रिलीज किए गए लेकिन स्वच्छ भारत मिशन के सपनों को धराशाई करता हुआ नजर आ रहा है. सुल्तानपुर के कई नाले जो कूड़े कचरो और गंदगी से चोक का शिकार हो गये है. ऐसे में आज हम आपको ग्राउंड रिपोर्ट में दिखाने वाले हैं इस नाले की स्थिति के बारे में कि य कि यह नाला किस तरह से सैकड़ों की आबादी को गंदगी मुहैया करा रहा है.
चोक नाले की समस्या नहीं हुई खत्म
सुल्तानपुर शहर में कई ऐसे नाल हैं जिनकी जून महीने में साफ सफाई हुई. इस उम्मीद के साथ कि बारिश में जल भराव नहीं होगा और नालों की चोक की समस्या खत्म हो जाएगी. लेकिन इस समय सारे दावे झूठे साबित हो रहे हैं क्योंकि सुल्तानपुर शहर के अंतर्गत ही आने वाला आईटीआई कॉलेज इसके ठीक सामने एक नाला गुजरता है. वहां पर कूड़े कचरे जमा होने की वजह से नाला चोक हो चुका है. जिससे न सिर्फ छात्र-छात्राओं को नाले की बदबू का सामना करना पड़ रहा है. बल्कि आने जाने वाले यात्रियों को और सैकड़ों आबादी को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है. इसके साथ ही गभड़िया नाला जिस पर अतिक्रमण और कुड़े के ढेर की वजह से वह भी चोक की स्थिति में बना हुआ है.
बदबू की मार झेल रहे लोग
नगर पालिका परिषद के अधिशाषी अधिकारी लालचंद्र सरोज ने बताया कि नगर पालिका द्वारा प्रत्येक वर्ष विशेष योजना के तहत नाले साफ कराए जाते हैं. इस क्रम में इस वर्ष भी अगले 15 दिन के भीतर सभी नाले साफ करा दिए जाएंगे. इसके लिए अलग से प्रदेश के बाहरी सफाईकर्मियों को भी बुलाया गया है. शहर के रहने वाले अनुज कुमार बताते हैं कि बारिश का मौसम चल रहा है और बगल में नाले की साफ सफाई ना होने की वजह से काफी बदबू भी आती है और मच्छर भी काटते हैं. ऐसे में यहां पर लोग खरीदारी करने आते हैं तो वह भी बदबू की मार झेल रहे हैं इसके साथ ही छात्र-छात्राएं भी गंदगी और बदबू की मार झेल रहे हैं. उनके प्रशासन से यह गुहार है कि नाले की साफ सफाई साल में एक बार ना कर कर बल्कि बीच-बीच में कराते रहें.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …
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