दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के दीवाने शायद 24 जुलाई 2020 को कभी नहीं भूलेंगे. ठीक 6 साल पहले, जब सुशांत की आखिरी फिल्म ‘दिल बेचारा’ डिजिटल प्लेटफॉर्म हॉटस्टार पर रिलीज हुई थी, तो दर्शकों का दिल भारी और आंखें नम हो गई थीं. सुशांत को हमेशा के लिए खोने के गम के बीच, फैंस के प्यार ने इस फिल्म को एक लैंडमार्क बना दिया. कैंसर के बैकग्राउंड पर बनी यह फिल्म न सिर्फ प्यार और जिंदगी की अहमियत सिखाती है, बल्कि जब यह अपने क्लाइमैक्स पर पहुंचती है, तो दर्शकों का सब्र जवाब दे जाता है.
नई दिल्ली. सुशांत सिंह राजपूत के फैंस के लिए 24 जुलाई सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि इमोशंस का सैलाब है. लाखों फैंस अपनी स्क्रीन के सामने फिल्म ‘दिल बेचारा’ देखने के लिए जमा हुए, जिसका प्रीमियर 2020 में इसी दिन OTT प्लेटफॉर्म पर हुआ था. एक्साइटमेंट और दुख के इस अनोखे कॉम्बिनेशन ने OTT सर्वर्स को ओवरलोड कर दिया था. बिना पेड सब्सक्रिप्शन के रिलीज हुई इस फिल्म को हर उस इंसान ने देखा, जिसने सुशांत की मासूम मुस्कान की तारीफ की. 6 साल बाद भी जब फिल्म स्क्रीन पर चलती है, तो ऐसा लगता है जैसे सुशांत आज भी ‘मैनी’ के रूप में हमारे बीच मौजूद हैं.
मुकेश छाबड़ा द्वारा डायरेक्टेड और जॉन ग्रीन के मशहूर नॉवेल ‘द फॉल्ट इन आवर स्टार्स’ पर आधारित यह फिल्म ‘किजी बसु’ (संजना सांघी) और ‘इमैनुएल राजकुमार जूनियर उर्फ मैनी’ (सुशांत सिंह राजपूत) की कहानी बताती है. थायरॉइड कैंसर से जूझ रही और हर पल अपनी जिंदगी से समझौता कर रही किजी की उदास दुनिया में मैनी एक नई सुबह की तरह आता है.
ऑस्टियोसारकोमा (हड्डी के कैंसर) से उबर रहे मैनी का जिंदगी को देखने का नजरिया अलग है. वह किजी को सिखाता है कि ‘हम यह तय नहीं कर सकते कि कब पैदा होना है और कब मरना है, लेकिन हम यह तय कर सकते हैं कि कैसे जीना है.’ पूरी फिल्म में सुशांत का खुशमिजाज स्वभाव और संजना के साथ उनकी मासूम केमिस्ट्री दर्शकों के दिलों को छू जाती है.
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‘दिल बेचारा’ में सुशांत सिंह राजपूत की एक्टिंग को एक्टिंग नहीं, बल्कि एक इमोशन कहा जा सकता है. उन्होंने मैनी के किरदार में अपनी पूरी जान डाल दी. एक डाई-हार्ड रजनीकांत फैन के तौर पर उनका डांस, संजना को हंसाने की उनकी बचकानी कोशिशें और इमोशनल सीन में बिना बोले आंखों से सब कुछ कह देने की उनकी काबिलियत सुशांत का स्टारडम हर फ्रेम में झलकता है. फिल्म का म्यूजिक, जिसे ऑस्कर जीतने वाले एआर रहमान की एक्टिंग कहानी के दर्द और मिठास को दस गुना बढ़ा देती है. टाइटल ट्रैक ‘दिल बेचारा’ में सुशांत का वन-टेक डांस आज भी देखने वालों के रोंगटे खड़े कर देता है.
फिल्म का आखिरी आधा घंटा और खासकर इसका क्लाइमैक्स किसी भी मजबूत दिल वाले इंसान को हिला देने के लिए काफी है. फिल्म के आखिर में जब मैनी (सुशांत) अपने मनगढ़ंत अंतिम संस्कार (प्री-फ्यूनरल) की तैयारी करता है और अपनी बीमारी के कारण दम तोड़ देता है, तो ऑन-स्क्रीन कहानी और असल जिंदगी की कड़वी सच्चाई के बीच का फर्क पूरी तरह मिट जाता है.
किजी के लिए मैनी का आखिरी वीडियो मैसेज थिएटर और घर पर सभी की आंखों में आंसू ला देता है. क्लाइमैक्स सीन दर्शकों को अंदर तक हिला देता है. आज फिल्म को रिलीज हुए 6 साल हो गए हैं, लेकिन ‘दिल बेचारा’ का जादू और सुशांत सिंह राजपूत की यादें आज भी उतनी ही जिंदा हैं. यह फिल्म हमें सिखाती है कि जिंदगी लंबी भले ही न हो, लेकिन बड़ी होनी चाहिए.
सुशांत आज भले ही हमारे बीच फिजिकली मौजूद न हों, लेकिन ‘एमएल धोनी’, ‘छिछोरे’, ‘केदारनाथ’ और ‘दिल बेचारा’ जैसी फिल्मों के जरिए वे हमेशा अपने फैंस के दिलों में जिंदा रहेंगे. हर साल 24 जुलाई सिनेमा लवर्स को याद दिलाएगा कि कैसे युवा बॉलीवुड ने अपने सबसे चमकते सितारों में से एक को खो दिया.
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