गोरखपुर का सबसे व्यस्त बाजारों में शामिल विरासत गलियारा (हेरिटेज कॉरिडोर) अब अपनी नई पहचान बना रहा है. लंबे समय तक निर्माण कार्य के कारण धूल, जाम और कारोबार में आई सुस्ती झेलने वाले इस इलाके में अब तस्वीर तेजी से बदल रही है. जैसे-जैसे सुंदरीकरण का काम अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे बाजार की रौनक भी लौटने लगी है. व्यापारियों का कहना है कि पहले जहां घंटों जाम लगा रहता था, वहीं अब यातायात पहले की तुलना में काफी सुचारु हो गया है.
गोरखपुरः शहर के सबसे व्यस्त बाजारों में शामिल विरासत गलियारा (हेरिटेज कॉरिडोर) अब अपनी नई पहचान बना रहा है. लंबे समय तक निर्माण कार्य के कारण धूल, जाम और कारोबार में आई सुस्ती झेलने वाले इस इलाके में अब तस्वीर तेजी से बदल रही है. जैसे-जैसे सुंदरीकरण का काम अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे बाजार की रौनक भी लौटने लगी है. व्यापारियों का कहना है कि पहले जहां घंटों जाम लगा रहता था, वहीं अब यातायात पहले की तुलना में काफी सुचारु हो गया है. बाजार में ग्राहकों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है, जिससे कारोबार में फिर से गति दिखाई देने लगी है.
निर्माण के दौरान हुआ नुकसान, अब दिखने लगा फायदा
इस बाजार में कई वर्षों से सोने-चांदी का कारोबार कर रहे व्यापारी ‘कैलाश चंद’ बताते हैं कि, शुरुआत में निर्माण कार्य के दौरान व्यापार पर बड़ा असर पड़ा था. सड़क खुदी रहने और लगातार चल रहे निर्माण के कारण ग्राहक बाजार आने से बचते थे, जिससे दुकानों की बिक्री प्रभावित हुई. कुछ व्यापारियों की दुकानें भी परियोजना की जद में आने से टूट गईं, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा.
हालांकि, उनका कहना है कि, अब हालात तेजी से बदल रहे हैं. जैसे-जैसे निर्माण पूरा हो रहा है, ग्राहक दोबारा बाजार का रुख कर रहे हैं. उनका मानना है कि विरासत गलियारा बनने के बाद बाजार पहले से कहीं अधिक आकर्षक और व्यवस्थित दिखाई दे रहा है. सबसे बड़ी राहत यह है कि जाम की समस्या में काफी कमी आई है, जिससे खरीदारी के लिए आने वाले लोगों को भी सुविधा मिल रही है.
बढ़ेगी बाजार की पहचान
सड़क किनारे दुकान लगाने वाले विक्रम, भी इस बदलाव को सकारात्मक मानते हैं. उनका कहना है कि पहले और अब के बाजार में बड़ा अंतर साफ दिखाई देता है. सुंदरीकरण के साथ-साथ पूरे क्षेत्र का विकास भी नजर आ रहा है. उनका विश्वास है कि जब यह परियोजना पूरी तरह तैयार हो जाएगी, तब यह बाजार शहर के सबसे आकर्षक व्यावसायिक क्षेत्रों में शामिल होगा. विक्रम कहते हैं कि चौड़ी सड़क पर वाहनों का आवागमन आसान होगा, जबकि विकसित फुटपाथ पर लोग आराम से पैदल चलते हुए खरीदारी कर सकेंगे. इससे न केवल बाजार की सुंदरता बढ़ेगी बल्कि व्यापार को भी नई गति मिलेगी.
विरासत के साथ विकास की नई पहचान
विरासत गलियारा परियोजना अब केवल सड़क चौड़ीकरण तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह गोरखपुर के बदलते शहरी स्वरूप का प्रतीक बनती जा रही है. शुरुआती चुनौतियों और विरोध के बावजूद अब बड़ी संख्या में व्यापारी और स्थानीय लोग इसे शहर के भविष्य के लिए सकारात्मक कदम मान रहे हैं. उनका मानना है कि बेहतर यातायात व्यवस्था, आकर्षक बाजार और बढ़ती व्यावसायिक गतिविधियां आने वाले समय में विरासत गलियारे को गोरखपुर की नई पहचान बना देंगी.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …
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