Ayodhya news: अयोध्या के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम के अनुसार शनि की वक्री चाल का सबसे अधिक प्रभाव मेष, कर्क, मकर और मीन राशि के जातकों पर पड़ सकता है.इस अवधि में करियर, व्यापार, आर्थिक स्थिति और मानसिक तनाव से जुड़े मामलों में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता रहेगी. हालांकि, भगवान शिव की उपासना और संयमित आचरण से इन प्रभावों को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
अयोध्या: वैदिक ज्योतिष में शनि देव को कर्म न्याय और अनुशासन का कारक ग्रह माना जाता है. जब भी शनि अपनी चाल बदलते हैं तो उसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर किसी न किसी रूप में देखने को मिलता है. ज्योतिषीय गणना के अनुसार 27 जुलाई से शनि देव मीन राशि में वक्री होने जा रहे हैं. शनि की यह वक्री चाल 11 दिसंबर तक प्रभावी रहेगी. इसी बीच 30 जुलाई से सावन माह का शुभारंभ भी हो रहा है. जिसे भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र समय माना जाता है. ऐसी स्थिति में शनि देव के वक्री चाल चलने से चार राशि के जातक के जीवन में परेशानियां आ सकती हैं.
शनि का वक्री चाल का पड़ेगा प्रभाव
अयोध्या के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित कल्कि राम के अनुसार शनि की वक्री चाल का सबसे अधिक प्रभाव मेष, कर्क, मकर और मीन राशि के जातकों पर पड़ सकता है.इस अवधि में करियर, व्यापार, आर्थिक स्थिति और मानसिक तनाव से जुड़े मामलों में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता रहेगी. हालांकि, भगवान शिव की उपासना और संयमित आचरण से इन प्रभावों को काफी हद तक कम किया जा सकता है. मेष राशि मेष राशि के जातकों के लिए वक्री शनि कार्यक्षेत्र में चुनौतियां बढ़ा सकता है. नौकरीपेशा लोगों पर अचानक कार्यभार बढ़ने की संभावना है, वहीं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मतभेद भी हो सकते हैं. व्यापारियों को इस दौरान बड़े निवेश या नई योजनाओं में जल्दबाजी से बचना चाहिए, क्योंकि धन फंसने की आशंका बनी रह सकती है.किसी भी विवाद या अनावश्यक बहस से दूर रहना लाभदायक रहेगा.
कर्क राशि कर्क राशि के लोगों को आर्थिक मामलों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है. अचानक बढ़ने वाले खर्च बजट बिगाड़ सकते हैं. परिवार में किसी बात को लेकर तनाव या मतभेद की स्थिति बन सकती है. स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को नजरअंदाज न करें और वाहन चलाते समय अतिरिक्त सावधानी रखें. धैर्य और संयम इस समय सबसे बड़ा सहारा साबित होगा. मकर राशि मकर राशि के जातकों के लिए यह समय व्यापारिक दृष्टि से परीक्षा का हो सकता है.लाभदायक दिखने वाले सौदे भी अंतिम समय में अटक सकते हैं.साझेदारी वाले कार्यों में सतर्कता जरूरी रहेगी. किसी को धन उधार देने या बिना जांच-पड़ताल के आर्थिक निर्णय लेने से बचना चाहिए.वाणी पर संयम रखने से कई विवादों से बचा जा सकता है.
मीन राशि मीन राशि के जातकों को वक्री शनि के दौरान मानसिक तनाव, कार्यों में देरी और अनिश्चितता का सामना करना पड़ सकता है. कई बनते हुए काम अंतिम समय में रुक सकते हैं, जिससे निराशा बढ़ सकती है.अनिद्रा, बेचैनी और अनजाने भय जैसी स्थितियां भी परेशान कर सकती हैं. कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में सावधानी बरतें और इस अवधि में नया निवेश करने से बचें.
सावन में करें भगवान शिव की आराधना
पंडित कल्कि राम के अनुसार जिन राशियों पर शनि की वक्री चाल का प्रभाव अधिक रहेगा, उन्हें सावन माह में भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना करनी चाहिए. नियमित रूप से शिवलिंग का जलाभिषेक करें, “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें, महामृत्युंजय मंत्र का पाठ करें और सोमवार का व्रत रखने का प्रयास करें.मान्यता है कि भगवान शिव की कृपा से शनि के अशुभ प्रभाव कम होते हैं तथा जीवन में आने वाली बाधाओं से राहत मिलती है.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …
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