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नई दिल्ली. क्रिकेट के किसी भी फॉर्मेट में शून्य से शतक तक का सफर आसान नहीं होता. अक्सर देखने को मिला है कि बहुत से खिलाड़ी 100 नंबर के जादुई आंकड़े तक पहुंचते पहुंचते रह जाते है. 90 से 100 के बीच में वैसे सिर्फ 10 रनो का फासला होता है पर कई बल्लेबाज सालों साल इस फासले को तय नहीं कर पाए और इतिहास के उन पन्नो पर अपना नाम लिखा गए जहां पर सैकड़ा नाम का कोई शब्द नहीं है.

क्रिकेट के सबसे लंबे और पारंपरिक प्रारूप, टेस्ट क्रिकेट में एक शतक लगाना हर बल्लेबाज़ का सपना होता है लॉर्ड्स के ऑनर्स बोर्ड से लेकर मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड तक, शतकों का एक अलग ही इतिहास है लेकिन इस खेल की खूबसूरती सिर्फ शतकों में नहीं, बल्कि उन जुझारू पारियों में भी है जो संकट के समय टीम को संभालती हैं. टेस्ट इतिहास में कुछ ऐसे भी खिलाड़ी हुए हैं, जिन्होंने अपनी निरंतरता और टीम के लिए प्रतिबद्धता से हजारों रन बना दिए, लेकिन किस्मत ने कभी उन्हें शतक का दीदार नहीं करने दिया. आइए जानते हैं ऐसे ही 5 दिग्गज खिलाड़ियों के बारे में जिन्होंने बिना शतक लगाए सबसे ज़्यादा टेस्ट रन बनाने का यह अनोखा रिकॉर्ड अपने नाम किया है.

  1. शेन वॉर्न (ऑस्ट्रेलिया) – 3,154 रन

क्रिकेट इतिहास के सबसे महान लेग स्पिनर शेन वॉर्न केवल गेंद से ही नहीं, बल्कि बल्ले से भी कमाल करना जानते थे. उन्होंने निचले क्रम में आकर ऑस्ट्रेलिया के लिए कई मैच जिताऊ पारियां खेलीं. वॉर्न ने अपने 145 मैचों के टेस्ट करियर में 12 अर्धशतकों की मदद से 3,154 रन बनाए. वह शतक के सबसे करीब साल 2001 में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहुंचे थे, जब वह 99 रन के निजी स्कोर पर डेनियल विटोरी की गेंद पर कैच आउट हो गए. भले ही वह 1 रन से शतक चूक गए, लेकिन बिना शतक सबसे ज़्यादा रनों का उनका यह रिकॉर्ड आज भी अटूट है.

2. निरोशन डिकवेला (श्रीलंका) – 2,757 रन

श्रीलंका के आक्रामक विकेटकीपर-बल्लेबाज़ निरोशन डिकवेला इस सूची में दूसरे स्थान पर आते हैं. डिकवेला ने अपने टेस्ट करियर में मध्य और निचले-मध्य क्रम में आकर तेज़ी से रन बनाने की शैली अपनाई. उन्होंने 54 टेस्ट मैचों में 2,757 रन बनाए हैं, जिसमें 22 अर्धशतक शामिल हैं. टेस्ट प्रारूप में उनका सर्वोच्च स्कोर 96 रन रहा है. सीमित ओवरों (वनडे) में उनके नाम शतक दर्ज हैं, लेकिन टेस्ट में वह तिहरे अंक तक पहुंचने से हमेशा चूकते रहे.

3. मिचेल स्टार्क (ऑस्ट्रेलिया) – 2,478 रन

आधुनिक दौर के सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजों में शुमार मिचेल स्टार्क निचले क्रम में बेहद उपयोगी बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं. अपनी लंबे शॉट खेलने की क्षमता के दम पर स्टार्क ने ऑस्ट्रेलिया के लिए कई महत्वपूर्ण साझेदारियां की हैं. उन्होंने अब तक 105 टेस्ट मैचों में 2,478 रन जोड़े हैं. स्टार्क भी शेन वॉर्न की तरह भारत के खिलाफ मोहाली टेस्ट (2013) में 99 रन पर आउट होकर नर्वस नाइंटीज का शिकार बने थे और शतक से महज एक कदम दूर रह गए थे.

4. टिम साउदी (न्यूजीलैंड) – 2,245 रन

न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान और बेहतरीन तेज गेंदबाज टिम साउदी टेस्ट क्रिकेट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और लंबे छक्के लगाने के लिए मशहूर रहे है. उन्होंने न्यूजीलैंड के लिए पाले में आई गेंदों को सीमा रेखा के पार भेजने का काम बखूबी किया. साउदी ने अपने टेस्ट करियर में 2,245 रन बनाए, जिसमें उनका सर्वोच्च स्कोर नाबाद 77 रन रहा. वह कभी शतक के बहुत करीब तो नहीं पहुंचे, लेकिन निचले क्रम में उनकी छोटी और तेज पारियां कीवी टीम के लिए हमेशा एक्स-फैक्टर साबित हुईं.

5. चेतन चौहान (भारत) – 2,084 रन

इस सूची में भारत के पूर्व दिग्गज सलामी बल्लेबाज चेतन चौहान का नाम सबसे खास है. जहाँ बाकी चारों खिलाड़ी मुख्य रूप से गेंदबाज या विकेटकीपर हैं, वहीं चौहान विशुद्ध रूप से एक स्पेशलिस्ट ओपनर थे. उन्होंने सुनील गावस्कर के साथ मिलकर भारत के लिए कई ऐतिहासिक ओपनिंग साझेदारियां कीं. चेतन चौहान ने 40 टेस्ट मैचों की 68 पारियों में 31.57 की ठोस औसत से 2,084 रन बनाए. अपने करियर में 16 अर्धशतक लगाने वाले चौहान का सर्वश्रेष्ठ स्कोर 97 रन रहा. वह टेस्ट इतिहास में बिना शतक लगाए 2,000 रन का आंकड़ा पार करने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बने थे.

क्रिकेट का यह रिकॉर्ड दिखाता है कि खेल में केवल शतकों की चमक ही मायने नहीं रखती. इन पांचों खिलाड़ियों ने बिना किसी व्यक्तिगत शतकीय उपलब्धि के भी अपनी टीमों की जीत में वो योगदान दिया, जो कई बार बड़े-बड़े शतकवीर भी नहीं दे पाते. इनका जुझारूपन इतिहास के पन्नों में हमेशा सम्मान के साथ याद किया जाएगा.

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