अगर आप मानसून या सावन में आगरा घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो ताजमहल के साथ मेहताब बाग, रामबाग, कीठम झील (सूर सरोवर), आगरा किला, सिकंदरा, गुरु का ताल और प्राचीन कैलाश मंदिर जैसी जगहों को अपनी ट्रैवल लिस्ट में जरूर शामिल करें. बारिश के मौसम में इन स्थलों की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है.
आगरा जिसे ताजनगरी भी कहा जाता है. यह अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर है. आगरा का मौसम इन दिनों बेहद सुहाना बना हुआ है. यदि आप भी बारिश के मौसम में ताजमहल घूमने का प्लान कर रहे है तो हम आपको ताजमहल सहित ऐसे कई लोकेशन बताने जा रहे है जहाँ आप बारिश के सुहाने मौसम में भरपूर इंजॉय कर सकते है. दरअसल बारिश के मौसम में ताजमहल की सौंदर्यता कई गुना बढ़ जाती है. ठंडी हवाएं, हरियाली, बादलों की मनमोहक पृष्ठभूमि और कम गर्मी पर्यटकों को सुकूनभरा अनुभव देती है. फोटोग्राफी और सेल्फी के लिए भी यह मौसम बेहद खास माना जाता है.
ताजमहल के बाद आप मेहताब बाग़ भी घूमने जा सकते है. दरअसल बारिश के मौसम में आगरा का मेहताब बाग घूमना बेहद खास अनुभव होता है. चारों ओर हरियाली से भरपूर बाग, ठंडी हवाएं और बादलों के बीच ताजमहल का मनमोहक दृश्य पर्यटकों को आकर्षित करता है. इस मौसम में प्रकृति की खूबसूरती अपने चरम पर होती है, जिससे फोटोग्राफी के शानदार अवसर मिलते हैं. शांत वातावरण और यमुना किनारे की ताजगी सैर को यादगार बना देती है. यहाँ से आप ताजमहल का पुरा व्यू देख सकते है.
सुहाने मौसम में आप आगरा – दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे पर स्थित रामबाग जोकि मुगलकाल का सबसे प्राचीन उद्यान माना जाता है. इसका निर्माण सन 1528 में मुगल सम्राट बाबर ने कराया था. यह स्थान बारिश के मौसम में यहां की हरियाली, ठंडी हवाएं, रंग-बिरंगे फूल और शांत वातावरण सैर को बेहद सुखद बना देते हैं. यमुना किनारे स्थित यह ऐतिहासिक बाग फोटोग्राफी, प्रकृति प्रेमियों और इतिहास में रुचि रखने वाले पर्यटकों के लिए मानसून में खास आकर्षण का केंद्र बन जाता है.
Add News18 as
Preferred Source on Google
यदि आप भी बारिश के सुहाने मौसम में आगरा की कीठम झील यानि की सूर सरोवर पक्षी विहार, रुनकता जा रहे है जहाँ प्रकृति प्रेमियों और पिकनिक मनाने वालों के लिए यह बेहतरीन स्थान माना जाता है. मानसून में झील का जलस्तर बढ़ने से इसका सौंदर्य और निखर जाता है. चारों ओर हरियाली, ठंडी हवाएं और पक्षियों की चहचहाहट सुकून भरा माहौल बनाती है. परिवार और दोस्तों के साथ पिकनिक, फोटोग्राफी और प्राकृतिक नजारों का आनंद लेने के लिए यह आगरा के सबसे अच्छे मानसूनी पर्यटन स्थलों में से एक माना जाता है.
बारिश के मौसम में सिकंदरा स्थित सम्राट अकबर का मकबरा घूमना बेहद सुखद अनुभव होता है. चारों ओर फैली हरियाली, ठंडी हवाएं और शांत वातावरण इसकी खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देते हैं. यह मकबरा मुगल सम्राट अकबर ने अपने जीवनकाल में बनवाना शुरू कराया था, जिसे उनके पुत्र जहांगीर ने सन 1613 में पूरा कराया. मुगल वास्तुकला का यह शानदार नमूना इतिहास प्रेमियों, प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए मानसून में खास आकर्षण का केंद्र बन जाता है. यहाँ इस मौसम में पर्यटकों की संख्या भी बढ़ जाती है.
बारिश के सुहाने मौसम में आगरा का गुरुद्वारा गुरु का ताल आध्यात्मिक शांति और प्राकृतिक सुंदरता का अनूठा संगम का अहसास दिलाता है. यहाँ चारों ओर हरियाली और ठंडी हवाओं के बीच यहां मत्था टेकने से श्रद्धालुओं को सुकून का अनुभव होता है. यह ऐतिहासिक गुरुद्वारा उस स्थान की याद दिलाता है जहाँ सिखों के नौवें गुरु गुरु तेग बहादुर जी ने मुगल शासन के सामने आत्मसमर्पण किया था. धार्मिक आस्था, इतिहास और शांत वातावरण का आनंद लेने के लिए मानसून में यह एक बेहतरीन स्थल है.
बारिश के सुहाने मौसम में आगरा का प्राचीन कैलाश मंदिर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बन जाता है. चारों ओर हरियाली, ठंडी हवाएं और शांत वातावरण में दर्शन का अलग ही आनंद मिलता है. यमुना किनारे स्थित यह प्राचीन शिव मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और इसकी गिनती क्षेत्र के प्राचीनतम मंदिरों में होती है. सावन और मानसून के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं.
बारिश के मौसम में आगरा किला घूमना यादगार अनुभव बन जाता है. ठंडी हवाएं, बादलों से घिरा आसमान और धुली हुई लाल बलुआ पत्थर की भव्य इमारत इसकी खूबसूरती को और निखार देती है. यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल इस किले का निर्माण मुगल सम्राट अकबर ने 16वीं शताब्दी में कराया था. इतिहास, मुगल वास्तुकला और शानदार फोटोग्राफी का आनंद लेने के लिए मानसून का मौसम सबसे बेहतरीन माना जाता है.
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||



