पीएम मोदी ने कहा, “मानसून का अभी कुछ लाभ नजर आ रहा है और मानसून सत्र भी शुरू हो रहा है. मानसून हो या मानसून सत्र, दोनों सक्रिय हैं तो बहुत ही फायदेमंद होते हैं. दोनों जब फायदेमंद होते हैं तो देश और जीव मात्र का कल्याण होता है. हम प्रार्थना करते हैं कि मानसून सक्रिय और फायदेमंद बना रहे, और मानसून सत्र भी फायदेमंद साबित हो.”
उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने में देश ने अनेक सिद्धियां प्राप्त की हैं. देशवासी गर्व से भर जाएं, इस प्रकार की सिद्धियों का सिलसिला चला है. चाहे राष्ट्रीय हो, अंतरराष्ट्रीय हो या अंतरिक्ष, एक प्रकार से भारत के लिए गर्व के पल रहे हैं. पिछले साल मानसून सत्र के ठीक पहले भारतीय नागरिक इंटरनेशनल स्पेस सेंटर पर पहुंचा था. परसों भारत का एक युवा स्टार्टअप ने बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल की है. विश्व के कम ही देश हैं, जहां इस प्रकार प्राइवेट साहस हुए हैं और भारत के युवाओं ने अंतरिक्ष में नई उड़ान भरी है. यह बड़ी सफलता है.”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि स्काईरूट स्टार्टअप में काम करने वाले नौजवानों की औसत उम्र सिर्फ 28 साल है. ऐसे नौजवानों ने यह काम करके दिखाया है. मैं किसी 56 साल के नौजवान (राहुल गांधी) की बात नहीं कर रहा हूं, बल्कि देश के 28 साल के औसत उम्र के नौजवानों ने अंतरिक्ष में झंडा गाड़ा है.
पीएम मोदी ने उन्हें बधाई देते हुए कहा, “ऐसे क्षण भारत को आत्मविश्वास से भर देते हैं. विश्व में भारत का प्रोफाइल सर्वमान्य और सर्वस्वीकृत बनता जाता है. यह संयोग नहीं, बल्कि संदेश है और यह संदेश मजबूत है. हमारे देश के युवाओं की क्षमता और आकांक्षा अंतरिक्ष जितनी असीम है. इससे बड़ा संदेश देश के लिए और बड़ा परिणाम नहीं दे सकता.”
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि जो रिफॉर्म एक्सप्रेसवे पर सवार होकर आज देश चल पड़ा है, उसी का नतीजा है कि भारत के नौजवान इतना बड़ा साहस कर पाते हैं और सफल भी हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि पिछले दिनों राजस्थान में बहुत बड़ी ऑयल रिफाइनरी देश को समर्पित की गई. कुछ सप्ताह पहले तीसरा सेमीकंडक्टर प्लांट देश को समर्पित किया गया. कुछ दिन पहले ग्रीन हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन चलाई है, जो अन्य देशों के मुकाबले सबसे ताकतवर और सबसे लंबी इंजन वाली है. यह अपने आप में भारत के वैज्ञानिक, इंजीनियर, इनोवेटर्स और उद्यमी, जो एक लक्ष्य लेकर देश के लिए जी रहे हैं और काम कर रहे हैं, यह उसी का परिणाम है.
पीएम मोदी ने कहा कि पूरी दुनिया युद्ध के कारण चिंतित है. भारत जैसा देश, जो ऊर्जा के लिए दूसरा पर निर्भर है, उसके लिए पश्चिम एशिया का युद्ध बहुत बड़ा संकट का कारण रहा है. पेट्रोल-डीजल, एलपीजी, केमिकल, फर्टिलाइजर के लिए अनेक बाधाएं आईं. इसके बावजूद भारत 7.7 प्रतिशत के ग्रोथ से दुनिया की सबसे तेज गति से आगे बढ़ना वाला देश बनकर रहा है. यह भारत के सामर्थ का परिचायक है. भारत किस तरह उत्साह और उमंग के साथ नई ऊंचाइयों को पार करना चाहता है, उसकी इसमें झलक है.
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