नेपाल में लगातार हो रही बारिश के बाद बिहार में कोसी, बागमती समेत कई नदियां उफान पर हैं। इसी बीच सीतामढ़ी के रुन्नीसैदपुर स्थित बागमती नदी में 40 लोगों से भरी एक नाव पलट गई। नाव पलटते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई। घटना के बाद खड़का घाट पर मौजूद स्थानीय लोगों ने नदी में छलांग लगाकर यात्रियों को बचाया। कई लोग खुद तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आए। गनीमत रही कि स्थानीय लोगों की तत्परता के कारण इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। प्रत्यक्षदर्शी अमित ने बताया, “नाव चालक हमलोगों से भी कह रहा था कि आ जाइए, पार करा देंगे। दूसरी बार में देर हो जाएगी, जल्दी पहुंच जाएंगे, लेकिन हमने नाव पर ज्यादा भीड़ देखकर मना कर दिया। थोड़ी ही देर बाद नाव पलटने की जानकारी मिली। हादसे के 2 तस्वीरें देखिए… सुपुर्द-ए-खाक करके लौट रहे थे ग्रामीण बागमती नदी में नाव पलटने का एक वीडियो भी सामने आया है। इसमें देखा जा सकता है कि एक नाव पर क्षमता से अधिक लोग सवार हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, नाव पर सवार सभी लोग सुपुर्द-ए-खाक कर लौट रहे थे। नदी की तेज धारा के बीच नाव पहले डगमगाती है और फिर अचानक पलट जाती है। नाव पलटते ही सभी यात्री नदी में गिर जाते हैं। वहीं, नदी के दूसरे किनारे पर खड़े लोग मदद के लिए चिल्लाते और बचाव की गुहार लगाते नजर आ रहे हैं। नाव की क्षमता 15-20 थी, 40 लोग बैठ गए ग्रामीण इरफान अंसारी ने बताया कि खड़का गांव निवासी मो. फरहान का निधन हो गया था। उन्हें सुपुर्द-ए-खाक करने के लिए शव को नदी पार स्थित कब्रिस्तान ले जाया गया। मृतक के परिजन, शुभचिंतक और ग्रामीणों सहित 40 से अधिक लोग एक ही नाव पर सवार होकर कब्रिस्तान पहुंचे थे, क्योंकि कब्रिस्तान खड़का घाट के उस पार स्थित है। सुपुर्द-ए-खाक की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी लोग उसी नाव से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान नाव पर क्षमता से अधिक लोग सवार होने के कारण उसका संतुलन बिगड़ गया और बीच धारा में नाव पलट गई। लोगों के मुताबिक, नाव की क्षमता सिर्फ 15 से 20 लोगों की थी। सुरक्षित और पर्याप्त क्षमता वाली नावें उपलब्ध नहीं सुरेश ने बताया, “खड़का घाट से हर दिन बड़ी संख्या में लोग नाव के सहारे नदी पार करते हैं। दूर-दराज के गांव है, इसलिए प्रशासन का भी कोई ध्यान बात नहीं है। ना कोई पुल बनाया है, ना कोई ढंग की नाव चलवाई है। यहां जो नाव है, छोटी नाव है और उस पर नाव वाले मनमाना किराया लेकर जरूरत से ज्यादा लोगों को बैठाकर आवागमन कराते हैं। सीतामढ़ी में बागमती उफान पर, प्रशासन अलर्ट नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बागमती नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे सीतामढ़ी और शिवहर जिले के तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। सीतामढ़ी के डीएम रिची पांडे ने संभावित बाढ़ को देखते हुए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं और जिला प्रशासन को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा है। कोसी समेत कई नदियां उफान पर नेपाल में लगातार हो रही बारिश के बाद कोसी बराज पर पानी का दबाव बढ़ गया है। रविवार शाम 4 बजे बराज से 2,09,840 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जबकि डाउनस्ट्रीम डिस्चार्ज 2,06,440 क्यूसेक दर्ज किया गया। वहीं, BKS से 1,56,000 क्यूसेक पानी का प्रवाह हो रहा है। =========================== ये खबर भी पढ़ें… बिहार के 7 जिलों में बारिश, सीवान में अस्पताल, रक्सौल में स्कूल डूबा बिहार में मानसून एक्टिव है। रविवार को जहानाबाद, बगहा, मधेपुरा, गोपालगंज, बक्सर,छपरा और सुपौल में बारिश हुई। लगातार बारिश के बाद बगहा के गांवों में पानी भर गया। बक्सर में कुछ घंटों की बारिश से सड़कें डूब गई। घुटने भर पानी में लोग आने-जाने को मजबूर हैं। वहीं सीवान में बारिश के बाद सदर अस्पताल परिसर में पानी भर गया है। मौसम विभाग ने 17 जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। जबकि 20 जिलों में ऑरेंज अलर्ट है। पूरी खबर पढ़ें…
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