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संसद के आगामी मॉनसून सत्र से ठीक पहले नई दिल्ली में बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के बीच एक बड़ा राजनीतिक संदेश सामने आया है. केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू सरकार का रुख साफ करते हुए कहा कि मोदी सरकार सदन के भीतर विपक्ष की हर बात और रचनात्मक आलोचना को पूरी गंभीरता से सुनने के लिए तैयार है.
किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्ष को सुनने के लिए सरकार तैयार है. (फाइल फोटो)
नई दिल्ली. केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार को कहा कि सरकार विपक्ष की बात सुनने के लिए तैयार है. उन्होंने उम्मीद जताई कि राष्ट्रीय राजधानी में बुलाई गई सभी पार्टियों के फ्लोर लीडर्स की बैठक में विपक्ष भी सकारात्मक रुख अपनाएगा. सर्वदलीय बैठक से पहले पत्रकारों से बात करते हुए रिजिजू ने कहा कि सरकार ने सत्र के दौरान संसद का कामकाज सुचारू रूप से चलाने के लिए फ्लोर लीडर्स की बैठक बुलाई है. रिजिजू ने बैठक में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बागी विधायकों को बुलाए जाने पर भी अपनी राय जाहिर की. उन्होंने कहा कि नियमों के मुताहिक ही टीएमसी सांसदों को बैठक में जगह दी गई.
रिजिजू ने कहा, “संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हो रहा है. सरकार ने आज सभी पार्टियों के फ्लोर लीडर्स की बैठक बुलाई है. हम सभी राजनीतिक दलों से अपील करते हैं कि वे इस मॉनसून सत्र को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करें. संसद सबकी है. सरकार जो विधायी कामकाज और बिल पेश करना चाहती है, उसके बारे में मुझे उम्मीद है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों ही दलों के सदस्य रचनात्मक रूप से भाग लेंगे. संसद जितना बेहतर काम करेगी, देश को उतना ही फायदा होगा.”
किरेन रिजिजू ने सभी दलों से एक सार्थक सत्र के लिए मिलकर काम करने की अपील भी की. उन्होंने आगे कहा, “मैं एक बार फिर सभी पार्टियों के नेताओं से अपील करता हूं कि वे सदन के सुचारू कामकाज को सुनिश्चित करें और इस प्रक्रिया में योगदान दें. हम विपक्ष की बात सुनेंगे और उम्मीद करते हैं कि वे भी हमारी बात सुनेंगे..”
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और कानून राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल समेत कई वरिष्ठ मंत्री संसद एनेक्सी में हो रही सर्वदलीय बैठक में शामिल हो रहे हैं. इसी बैठक के लिए आ रहे विपक्षी सांसदों का मूड उतना अच्छा नहीं था. राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास ने स्पीकर के दफ्तर के कामकाज की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि अब यह स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर रहा है. सर्वदलीय फ्लोर लीडर्स की बैठक से पहले ब्रिटास ने कहा, “स्पीकर सत्ताधारी पार्टी के लिए अधिग्रहण, विलय और टेकओवर का ज़रिया बन गए हैं. संसद के स्वतंत्र संरक्षक या कानून के सेवक जैसी कोई चीज़ नहीं बची है. स्पीकर सत्ताधारी पार्टी के हाथों की कठपुतली बन गए हैं.”
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें
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