सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल में भर्ती कराने की खबर ने इस आंदोलन को और धार दे दी। उनकी तबीयत बिगड़ने की जैसे ही सूचना फैली, दिल्ली के जंतर-मंतर पर समर्थकों का हुजूम उमड़ पड़ा। कुछ ही घंटों में धरना स्थल छात्रों, युवाओं, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और आम नागरिकों से भर गया। उनके समर्थन में अन्ना हजारे भी सामने आए।
हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल था…वांगचुक की सेहत कैसी है और उनकी मांगों पर आगे क्या होगा? प्रदर्शन के दौरान हाथों में तख्तियां और बैनर लिए समर्थकों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी एकजुटता दिखाई। जंतर-मंतर की यह हलचल जल्द सोशल मीडिया तक पहुंच गई। एक्स, इंस्टाग्राम और फेसबुक सहित विभिन्न प्लेटफॉर्म पर दिनभर सोनम वांगचुक से जुड़े हैशटैग चर्चा में रहे। दिनभर #SonamWangchuk समेत कई हैशटैग ट्रेंड करते रहे। बड़ी संख्या में लोगों ने पोस्ट, वीडियो और संदेश साझा कर उनके प्रति समर्थन और चिंता व्यक्त की। देखते ही देखते यह मुद्दा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी व्यापक चर्चा का विषय बन गया।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने बलपूर्वक कार्रवाई कर आंदोलन दबाने की कोशिश की, जबकि वे केवल पेपर लीक के खिलाफ और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से आंदोलन कमजोर नहीं होगा, बल्कि अब और तेज होगा तथा सरकार पर दबाव बढ़ाया जाएगा। घटना के बाद जंतर-मंतर और उसके आसपास पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
चंद्रशेखर पहुंचे जंतर मंतर
आजाद समाज पार्टी-कांशीराम के अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन वाली जगह पर पहुंचे हैं। जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को कल दिल्ली पुलिस ने विरोध प्रदर्शन वाली जगह से हटा दिया। पुलिस ने बताया कि यह कार्रवाई दिल्ली हाई कोर्ट के आदेशों और उनकी सेहत को लेकर विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर की गई।
#WATCH | Delhi | Azad Samaj Party-Kanshiram President and MP, Chandrashekhar Azad at the protest site at Jantar Mantar
Activist Sonam Wangchuk, who had been on a hunger strike at Jantar Mantar, was removed from the protest site by the Delhi Police yesterday. The police stated… pic.twitter.com/FYC9TkUyru
— ANI (@ANI) July 18, 2026
वांगचुक की सहेत पर लगातार रखी जा रही नजर
मैंने दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों और डॉक्टरों की सलाह के अनुरूप कार्रवाई की है। कुछ प्रदर्शनकारियों ने इसमें रुकावट डाली, जिससे थोड़ी अफरातफरी मची। डॉक्टरों ने जांच में पाया कि लंबे समय तक उपवास रखने के कारण वांगचुक कमजोर हो गए हैं। उनकी आगे की जांच की जा रही है और विशेषज्ञों की निगरानी में उनकी सेहत पर लगातार नजर रखी जा रही है।
-सचिन शर्मा, जिला पुलिस उपायुक्त, नई दिल्ली
20 को आंदोलन की तैयारी…
इस बीच वांगचुक की पत्नी ने कहा कि 20 जुलाई को संसद घेरने का कार्यक्रम यथावत है। सोनम को जंतर-मंतर से हटाने के बावजूद 20 तारीख का कार्यक्रम नहीं बदलेगा। इसे देखते हुए शासन ने जंतर-मंतर, संसद भवन और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है। इलाके में लोगों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।
सीपी का तबादला फिर प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई…यह संयोग या प्रयोग : करात
दिल्ली पुलिस कमिश्नर के तबादले के 24 घंटे के भीतर जंतर मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक पर हुई पुलिसिया कार्रवाई से सियासत गरमा गई है। शनिवार को जंतर-मंतर पहुंचीं माकपा की वरिष्ठ नेता वृंदा करात ने भी वांगचुक और छात्रों पर हुई कार्रवाई पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि कल दिल्ली पुलिस कमिश्नर का तबादला हुआ और अगले ही दिन सोनम वांगचुक को धरना स्थल से हटा दिया गया। देश की जनता जानना चाहती है कि यह संयोग है या प्रयोग। करात ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन लोकतंत्र की बुनियाद है, लेकिन केंद्र सरकार संवाद के बजाय पुलिस के जरिए असहमति की आवाज दबाने का रास्ता अपना रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस सीधे केंद्र सरकार के अधीन है, इसलिए इस कार्रवाई की जवाबदेही भी केंद्र सरकार की है। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। वृंदा करात ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध को बलपूर्वक खत्म करना किसी भी सरकार के लिए उचित नहीं है। वृंदा करात ने कहा कि आंदोलनकारी कोई अपराधी नहीं हैं बल्कि अपनी मांगों को शांतिपूर्ण ढंग से रखने आए हमारे ही देश के नागरिक हैं। ऐसे में पुलिस कार्रवाई यह संदेश देती है कि असहमति के लिए इस सरकार में कोई जगह नहीं है।
सोनम वांगचुक ने ड्रिप और दवा लेने से किया इन्कार
एम्स, नई दिल्ली के एक स्वतंत्र विशेषज्ञ ने शनिवार को सफदरजंग अस्पताल पहुंचकर सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य जांच की। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, एम्स के एक डॉक्टर सोनम का इलाज कर रही टीम के साथ 24 घंटे मौजूद रहेंगे। डॉक्टरों ने कई बार वांगचुक को ड्रिप, ओआरएस और आवश्यक दवाएं लेने के लिए समझाया, लेकिन उन्होंने उपचार लेने से इन्कार कर दिया। डॉक्टर और अस्पताल प्रशासन परिवार तथा वांगचुक को उपचार के लिए राजी करने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि स्वास्थ्य संबंधी किसी भी गंभीर जटिलता से बचा जा सके।
अस्पताल के बाहर जुटे समर्थक
वांगचुक के अस्पताल में भर्ती होने की खबर फैलते ही दिनभर सफदरजंग अस्पताल के बाहर समर्थकों और शुभचिंतकों का जमावड़ा लगा रहा। सफदरजंग अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
मनु भाकर भी समर्थन में आईं
ओलिंपियन मनु भाकर ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि इस समय, यह हमारे राष्ट्र के भविष्य के जीवन का सवाल है। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने कहा है कि सरकार को किसी दुखद नतीजे का इंतजार नहीं करना चाहिए और बातचीत करने में कोई बुराई नहीं है। गायक विशाल ददलानी , अभिनेत्री स्पृहा जोशी, सोनाक्षी सिन्हा समेत अन्य लोगों ने भी वांगचुक को समर्थन दिया।
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