खरीफ फसलों को मिला नया जीवन, पशुओं के लिए हरे चारे की उम्मीद बढ़ी
सद्दाम हुसैन
पिनगवां। हाल ही में हुई अच्छी बारिश के बाद क्षेत्र के खेतों में फिर से हरियाली लौट आई है। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरों पर अब राहत और खुशी दिखाई दे रही है। खेतों में खरीफ फसलें फिर से लहलहाने लगी हैं, जिससे किसानों को अच्छी पैदावार की उम्मीद जगी है।करीब एक महीने पहले हुई पहली बारिश के बाद किसानों ने अपने खेतों में बाजरा, ज्वार, ग्वार सहित अन्य खरीफ फसलों की बुवाई कर दी थी। लेकिन इसके बाद लंबे समय तक बारिश नहीं होने से फसलें सूखने लगी थी । इससे किसानों को फसल खराब होने की चिंता सताने लगी थी। कई किसानों को खेतों में दोबारा सिंचाई करनी पड़ी, जबकि जिन किसानों के पास सिंचाई के पर्याप्त साधन नहीं थे, उनकी परेशानी और बढ़ गई थी।
बारिश नहीं होने से पशुओं के लिए हरे चारे की भी कमी होने लगी थी। पशुपालकों को महंगा चारा खरीदकर पशुओं का पालन करना पड़ रहा था। अब हुई बारिश के बाद खेतों में चारे की फसल भी तेजी से बढ़ने लगी है, जिससे पशुपालकों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। किसान अंसार, रफीक, जाहुल, मुफीद, आरिफ और जावेद ने बताया कि समय पर हुई बारिश ने फसलों में नई जान डाल दी है। उनका कहना है कि यदि आने वाले दिनों में भी मौसम इसी तरह अनुकूल रहा और बीच-बीच में बारिश होती रही तो खरीफ फसलों का उत्पादन अच्छा रहेगा। किसानों ने उम्मीद जताई कि इस बार मौसम साथ देता है तो उन्हें अच्छी पैदावार के साथ आर्थिक राहत भी मिलेगी। फिलहाल खेतों में लौट आई हरियाली ने पूरे ग्रामीण क्षेत्र का माहौल खुशहाल बना दिया है।