- बड़े और अनुभवी खिलाडिय़ों को मात देकर डीपीएस गाजियाबाद के छात्र ने फिर बढ़ाया जिले का मान
- फीडे रेटेड युवा खिलाड़ी की सफलता के पीछे माता-पिता का विश्वास और कोच की रणनीति बनी सबसे बड़ी ताकत
- शील्ड और स्मृति चिन्ह से सम्मानित हुए अक्षित, आयोजकों ने बताया भविष्य का राष्ट्रीय खिलाड़ी
उदय भूमि संवाददाता
गाजियाबाद। शतरंज के खेल में जीत केवल मोहरों की नहीं, बल्कि धैर्य, रणनीति और आत्मविश्वास की भी होती है। गाजियाबाद के युवा शतरंज खिलाड़ी अक्षित शर्मा ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि उम्र केवल एक संख्या है, जबकि प्रतिभा और मेहनत ही असली पहचान बनाती है। इंदिरापुरम के नीति खंड-1 स्थित गेम ट्विस्टर्स चेस एकेडमी में आयोजित ओपन चेस टूर्नामेंट में डीपीएस मेरठ रोड के कक्षा-9 के छात्र अक्षित शर्मा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सभी सात मुकाबले जीतकर 7 में 7 अंक हासिल किए और प्रथम स्थान पर कब्जा जमाया। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल विद्यालय और परिवार बल्कि पूरे गाजियाबाद जिले को गौरवान्वित कर दिया। टूर्नामेंट में विभिन्न स्कूलों और क्लबों के कुल 34 खिलाडिय़ों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता ओपन वर्ग की थी, जिसमें अलग-अलग आयु वर्ग के अनुभवी और मजबूत खिलाडिय़ों ने अपनी प्रतिभा दिखाई। लेकिन पूरे टूर्नामेंट के दौरान अक्षित शर्मा का खेल सबसे अलग नजर आया। उन्होंने हर मुकाबले में धैर्य, सटीक रणनीति और शानदार चालों का प्रदर्शन करते हुए अपने प्रतिद्वंद्वियों को कोई मौका नहीं दिया। सातों राउंड जीतकर उन्होंने अपराजेय रहते हुए खिताब अपने नाम किया।
अक्षित शर्मा की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि उन्होंने हमेशा अपनी उम्र से बड़े और अधिक अनुभवी खिलाडिय़ों के खिलाफ मुकाबला करना पसंद किया। यही चुनौती उनके खेल को लगातार निखारती रही। पिछले कई वर्षों से वह जिले, मंडल और राज्य स्तरीय शतरंज प्रतियोगिताओं में लगातार भाग लेते आ रहे हैं। सैकड़ों मुकाबलों का अनुभव रखने वाले अक्षित ने कई प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर अपनी अलग पहचान बनाई है। उनकी प्रतिभा को देखते हुए विश्व शतरंज महासंघ (फीडे) द्वारा उन्हें आधिकारिक रेटिंग भी प्रदान की जा चुकी है, जो किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। टूर्नामेंट के दौरान मौजूद खिलाडिय़ों, अभिभावकों और आयोजकों ने भी अक्षित के खेल की खुलकर सराहना की। कई मुकाबलों में उन्होंने ऐसी रणनीतिक चालें चलीं, जिन्हें देखकर अनुभवी खिलाड़ी भी हैरान रह गए। निर्णायक मुकाबलों में उनका संयम और खेल को अंत तक नियंत्रित रखने की क्षमता उनकी परिपक्व सोच को दर्शाती है। यही कारण रहा कि प्रतियोगिता के अंत में उन्हें विजेता घोषित करते हुए शील्ड और स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।
आयोजन समिति ने कहा कि यदि अक्षित इसी समर्पण के साथ आगे बढ़ते रहे तो आने वाले वर्षों में वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का नाम रोशन कर सकते हैं। अक्षित शर्मा की इस सफलता के पीछे उनके परिवार का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके पिता मनोज शर्मा और माता प्रीति शर्मा ने हमेशा उनकी प्रतिभा पर विश्वास जताया और हर प्रतियोगिता में उनका मनोबल बढ़ाया। पढ़ाई और खेल के बीच संतुलन बनाए रखने में भी परिवार ने हमेशा उनका साथ दिया। यही वजह है कि अक्षित आज लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। अक्षित के कोच अभिमन्यु पोद्दार का मार्गदर्शन भी उनकी सफलता की मजबूत नींव रहा है। नियमित अभ्यास, नई रणनीतियों पर काम और हर मुकाबले का गहन विश्लेषण अक्षित के खेल को लगातार बेहतर बना रहा है। कोच की देखरेख में उन्होंने अपनी कमजोरियों को ताकत में बदला और हर प्रतियोगिता के साथ अपने प्रदर्शन में नया सुधार किया। अक्षित शर्मा के पिता मनोज शर्मा ने कहा कि अक्षित बचपन से ही शतरंज के प्रति बेहद गंभीर रहा है।
हमने हमेशा उसकी रुचि को समझते हुए उसे आगे बढऩे का अवसर दिया। हमारी कोशिश केवल यही रही कि उस पर किसी प्रकार का अनावश्यक दबाव न बने। उसकी हर उपलब्धि हमारे लिए गर्व का विषय है और हमें विश्वास है कि वह आने वाले समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाएगा। माता प्रीति शर्मा ने कहा कि बच्चे की सफलता के पीछे नियमित अभ्यास, अनुशासन और परिवार का विश्वास सबसे बड़ी ताकत होती है। अक्षित रोजाना घंटों अभ्यास करता है और हार से सीखने की आदत रखता है। उसकी मेहनत को सफलता मिलते देख बेहद खुशी होती है। हम चाहते हैं कि वह आगे भी इसी समर्पण के साथ खेलता रहे और देश का नाम रोशन करे। कोच अभिमन्यु पोद्दार ने कहा कि अक्षित केवल प्रतिभाशाली खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि सीखने की अद्भुत क्षमता रखने वाला छात्र भी है। उसकी सबसे बड़ी ताकत यह है कि वह हर मुकाबले के बाद अपनी गलतियों का विश्लेषण करता है और उन्हें दोहराने से बचता है।
उम्र से बड़े खिलाडिय़ों के खिलाफ खेलने का उसका आत्मविश्वास उसे अन्य खिलाडिय़ों से अलग बनाता है। यदि इसी तरह मेहनत जारी रही तो आने वाले वर्षों में वह राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धियां हासिल करेगा। गाजियाबाद के इस होनहार खिलाड़ी ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि लगन, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के दम पर किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। गेम ट्विस्टर्स चेस एकेडमी ओपन टूर्नामेंट में मिली यह जीत केवल एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि अक्षित शर्मा के उज्ज्वल भविष्य की नई शुरुआत मानी जा रही है। उनके इस शानदार प्रदर्शन से जिले के अन्य युवा खिलाडिय़ों को भी प्रेरणा मिलेगी कि मेहनत और आत्मविश्वास के साथ हर बड़ी बाजी जीती जा सकती है।
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||



