26/11 मुंबई आतंकी हमले को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय के पूर्व अंडर सेक्रेटरी आरवीएस मणि ने एक ऐसा दावा किया है, जिसने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है. एक इंटरव्यू में मणि ने आरोप लगाया कि 26/11 हमला कांग्रेस और पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के बीच ‘फिक्स्ड मैच’ था. उन्होंने कहा कि अगर आतंकी अजमल कसाब जिंदा नहीं पकड़ा जाता, तो हमले का नैरेटिव ‘हिंदू आतंकवाद’ की ओर मोड़ने की कोशिश की जा सकती थी. आरवीएस मणि ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह पर भी गंभीर आरोप लगाए. उनका दावा है कि 2006 में दिग्विजय सिंह ने उनसे हिंदू आतंकवाद से जुड़े मामलों की जानकारी मांगी थी, लेकिन उस समय गृह मंत्रालय के रिकॉर्ड में ऐसा कोई मामला दर्ज नहीं था. उन्होंने यह भी कहा कि 2010 तक मंत्रालय के आधिकारिक रिकॉर्ड में ‘हिंदू आतंकवाद’ जैसा कोई शब्द मौजूद नहीं था. मणि ने इशरत जहाँ मामले का भी जिक्र करते हुए दावा किया कि उस केस में तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन गृह राज्य मंत्री अमित शाह को निशाना बनाने की कोशिश की जा रही थी. वहीं, मणि के इन बयानों के बाद बीजेपी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि कांग्रेस की नीतियां राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ रही हैं.
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