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होमताजा खबरकृषितरल खाद का अभी से कर लें इंतजाम, इस बार लगेगी सबसे ज्यादा जरूरत, लेकिन क्यों?

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Liquid Fertilizer Benefits : मानसून की दस्तक के साथ किसान खरीफ सीजन की बुवाई में जुट गए हैं. लेकिन इस बार मौसम की स्थिति किसानों के लिए चिंता की वजह बन सकती है. मौसम विभाग ने सामान्य से कम बारिश या बारिश के बीच लंबे अंतराल की संभावना जताई जा रही है. ऐसे मौसम में फसल को सही समय पर पोषण देना बड़ी चुनौती रहेगा. सुल्तानपुर कृषि वैज्ञानिक डॉ. एके सिंह लोकल 18 से बताते हैं कि ऐसे सूखे में खेतों में डाली जाने वाली ठोस खाद पूरी तरह घुल नहीं पाती और पौधों को उसका पूरा लाभ नहीं मिल पाता. किसानों को ऐसा करने से बचना होगा. डॉ. एके सिंह बताते हैं कि किसानों को अभी से तरल उर्वरकों का प्रबंध कर लेना चाहिए.

सुल्तानपुर. किसी भी फसल की पैदावार के लिए मौसम सबसे प्रभावी कारक है. इस दिनों किसान खरीफ की फसल में जुटे हुए हैं, लेकिन इस बार बारिश पिछले के साल के मुकाबले कम होने के आसार हैं. ऐसे में कृषि वैज्ञानिकों की सलाह है कि खेत में तरल खाद का इस्तेमाल करना जरूरी हो जाएगा. किसान भाई अभी से तरल खाद का प्रबंध कर लें. आइए जानते हैं कि इस बार क्यों तरल खाद का इस्तेमाल करना जरूरी होगा और मौसम का खरीफ सीजन पर कैसा प्रभाव पड़ेगा. खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ धान, मक्का, बाजरा, उड़द और दूसरी फसलों की बुवाई होने लगे हैं, लेकिन इस बार मौसम की स्थिति किसानों के लिए चिंता की वजह बन सकती है. सामान्य से कम बारिश या बारिश के बीच लंबे अंतराल की संभावना जताई जा रही है. ऐसे मौसम में केवल बुवाई करने से ही फसल तैयार नहीं होगी बल्कि फसल को सही समय पर पोषण देना भी बड़ी चुनौती रहेगा.

क्यों होगी कम बारिश

सुल्तानपुर कृषि विज्ञान केंद्र में कार्यरत कृषि वैज्ञानिक डॉ. एके सिंह लोकल 18 से बताते हैं कि इस बार अल-नीनो के प्रभाव रहेगा, जिसकी वजह से बारिश के बीच ड्राई स्पेल यानी लंबे सूखे अंतराल की स्थिति बन सकती है. ऐसे सूखे में खेतों में डाली जाने वाली ठोस खाद पूरी तरह घुल नहीं पाती और पौधों को उसका पूरा लाभ नहीं मिल पाता. डॉ. एके सिंह बताते हैं कि जब हम तरल उर्वरक डालते हैं तो यह सीधे पौधों तक पोषक तत्व पहुंचाता है.

और क्या फायदे
डॉ. एके सिंह बताते हैं कि किसानों को अभी से तरल उर्वरकों का प्रबंध कर लेना चाहिए. इनमें नैनो यूरिया, नैनो डीएपी, 00-50-00, 18-18-18 और 19-19-19 जैसे उर्वरक शामिल हैं. इनका प्रयोग जरूरत और कृषि विशेषज्ञों की सलाह से करें. तरल उर्वरकों का छिड़काव करने से पौधों को पोषक तत्व तेजी से मिलते हैं और कम नमी में भी उनकी पैदावार बराबर बनी रहती है. इससे फसल पर मौसम के प्रतिकूल प्रभाव को भी कम किया जा सकता है.

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Priyanshu Gupta

प्रियांशु गुप्‍ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें

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