बिजनेसमैन दीपक अदमने ने लोकल 18 से कहा कि पहले मैं साइकिल के पंचर की दुकान चलाता था. परिवार चलाना मुश्किल हो गया था मेरे पिता रमेश अदमने से मुझे टेंट के व्यवसाय की प्रेरणा मिली. आइडिया मिला मैंने 10 लाख रुपए का लोन लेकर व्यवसाय की शुरुआत की शुरुआती दौर में मुझे काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा.
बिजनेसमैन ने दी जानकारी
लोकल 18 की टीम ने जब बिजनेसमैन दीपक अदमने से बात की तो उन्होंने बताया कि पहले मैं साइकिल के पंचर की दुकान चलाता था. परिवार चलाना मुश्किल हो गया था मेरे पिता रमेश अदमने से मुझे टेंट के व्यवसाय की प्रेरणा मिली और आइडिया मिला मैंने 10 लाख रुपए का लोन लेकर व्यवसाय की शुरुआत की शुरुआती दौर में मुझे काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा लेकिन मैं जैसे ही आर्ट ऑफ लिविंग परिवार से जुड़ा तो वहां से मुझे काम मिलना शुरू हो गया और उस परिवार में काफी लोग जुड़े हुए थे मेरा संपर्क बनते गया और वहां से मेरे काम शुरू हो गया. जिससे अब मैं हर साल 4 से 5 लाख रुपए की कमाई कर लेता हूं.
कक्षा दसवीं तक की है पढ़ाई
बिजनेसमैन का कहना है कि मैने कक्षा दसवीं तक पढ़ाई की है इसके बाद मेरा पढ़ाई लिखाई में मन नहीं लगता था. मैंने पंचर की दुकान की शुरुआत कर दी थी. लेकिन पिता की प्रेरणा से आज मैं लखपति बन गया मेरे पास करीब 20 लाख रुपए का टेंट का समान हो गया है. और मैं इंदिरा कॉलोनी क्षेत्र में जय अंबे टेंट का संचालन करता हूं. मुझे अच्छे काम मिलते हैं. पहले मैं ठेले से सामान पहुंचाता था. अब में चार पहिया वाहन से सामान पहुंचाता हु.
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