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कोलकाता: बतौर क्रिकेटर पूरा सौरव गांगुली को पूरा देश प्यार करता है. उन्हें सिर आंखों पर बिठाता है, लेकिन उनके उद्योग धंधे में उतरने और उसके शुरू होने में हो रही देरी को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. सौरव गांगुली पश्चिम मेदिनीपुर जिले के गरबेटा में स्टील प्लांट लगवा रहे हैं. इसके शुरू होने को लेकर कई तारीख आई और गुजर गई. इस वजह से कई तरह के सवाल उठ रहे हैं.

टीम इंडिया के पूर्व भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने शालबनी में प्रस्तावित फैक्ट्री को लेकर उठ रहे सवालों पर पहली बार विस्तार से अपनी बात रखी है. एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि किसी भी बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट को पूरा होने में समय लगता है. उन्होंने कहा कि भले ही कई तरह की आलोचना हो रही है, लेकिन वह उसपर ध्यान देने के बजाय अपने कम पर फोकस बनाए हुए हैं.

शालबनी नहीं झारग्राम में है सौरव गांगुली का स्टील प्लांट

सौरव गांगुली ने कहा कि लोगों की हर बात का जवाब देना संभव नहीं है. उन्होंने कहा कि कई बार आलोचनाएं सुनकर दुख होता है, लेकिन यह तय नहीं किया जा सकता कि कौन क्या बोलेगा. ऐसे में बेहतर है कि उसे नजरअंदाज किया जाए और आगे बढ़कर अपना काम किया जाए. उन्होंने बताया कि जिस परियोजना को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, उस पर लगातार काम चल रहा है.

टीम इंडिया के पूर्व कप्तान के मुताबिक यह प्रोजेक्ट शालबनी नहीं, बल्कि झारग्राम में विकसित हो रहा है और अगले एक साल के भीतर इसके पूरा होने की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि किसी फैक्ट्री का निर्माण एक लंबी प्रक्रिया होती है, जिसमें जमीन, सरकारी मंजूरियां, पर्यावरण संबंधी स्वीकृतियां और कई अन्य औपचारिकताएं पूरी करनी पड़ती हैं.

‘फ्लैट खरीदने जितना आसान नहीं फैक्ट्री लगाना’

गांगुली ने आलोचकों को जवाब देते हुए कहा कि फैक्ट्री बनाना फ्लैट खरीदने जैसा आसान नहीं है, जहां पैसे देकर तुरंत मालिकाना हक मिल जाए. किसी भी औद्योगिक परियोजना को आकार लेने में तीन से चार साल तक का समय लग सकता है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह परियोजना साझेदारी में विकसित की जा रही है, इसलिए इसकी पूरी जिम्मेदारी अकेले उनकी नहीं है. हालांकि उन्होंने भरोसा जताया कि यह प्रोजेक्ट पश्चिम बंगाल के लिए फायदेमंद साबित होगा. इसके साथ ही उन्होंने भविष्य में स्कूल और अन्य सामाजिक परियोजनाओं पर भी काम करने की इच्छा जताई और कहा कि जो काम शुरू किया जाता है, उसे अधूरा छोड़ना उनकी सोच नहीं है.

सौरव गांगुली ने स्टील प्लांट के लिए 18-20 महीनों का मांगा था समय

इससे पहले साल 2025 के फरवरी में खबर आई थी कि पश्चिम मेदिनीपुर जिले के गरबेटा में सौरव गांगुली का पार्टनरशिप में शुरू किया जा रहा स्टील प्लांट अगले 18-20 महीनों में चालू हो सकता है. एक अधिकारी के हवाले से बताया गया था कि इस बहुचर्चित प्रोजेक्ट में 0.8 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) क्षमता वाला स्टील प्लांट लगाने के लिए 2,500 करोड़ रुपये का निवेश होने की उम्मीद है.

उस दौरान सौरव गांगुली ने एक कार्यक्रम में कहा था- ‘हम स्टील प्लांट बना रहे हैं. लेकिन प्रॉब्लम यह है कि हर कोई उम्मीद करता है कि यह दो महीने में तैयार हो जाएगा. लेकिन असल में ऐसा नहीं होता है. उम्मीद है कि हम अगले 18-20 महीनों में ऑपरेशन शुरू कर देंगे.’ उन्होंने कहा था, ‘यह हमारा तीसरा और सबसे बड़ा प्लांट होगा. एनवायरनमेंटल, पॉल्यूशन और सरकारी अप्रूवल सहित कई क्लियरेंस की जरूरत होती है, जिसमें समय लगता है.’ यह प्रोजेक्ट शुरू में सालबोनी में प्रपोज किया गया था, लेकिन वह पूरा नहीं हुआ और अब कंपनी ने सालबोनी से लगभग 26 km दूर गरबेटा में जमीन हासिल कर ली है.

गांगुली ने सबसे पहले 2023 में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के स्पेन दौरे के दौरान स्टील प्रोजेक्ट की घोषणा की थी. पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी ने 2025 ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट में, हल्के-फुल्के अंदाज़ में कहा था कि गांगुली राज्य में एक स्टील प्लांट की योजना बनाकर एक इंडस्ट्रियलिस्ट के तौर पर भी बदल रहे हैं.

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