Last Updated:
किसान दिलीप पवार ने लोकल 18 से कहा कि मैं सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी ली. लाल चंदन की खेती कर कर लाखों और करोड़ों रुपए की कमाई कर सकते हैं. मैने इसके बारे में सर्च किया. जो महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में किसानों ने खेती की थी. मैं उनके खेतों पर पहुंचा और वहां पर मैंने वास्तविक स्थिति देखी उससे मैं और भी प्रेरित हो गया. मैं डेढ़ एकड़ में लाल और सफेद चंदन की खेती की है. 700 पौधे लगाए हैं लाल चंदन की खेती 12 साल की होती है
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के किसान खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए लगातार नवाचार बाजार करते जाते हैं. और उससे लाखों रुपए की कमाई भी कर रहे हैं. आज हम आपको बुरहानपुर जिले से 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गारबल्डी के एक किसान की कहानी बता रहे हैं. वह पहले परंपरा गत केले की खेती करते थे. अब उन्होंने डेढ़ एकड़ में लाल और सफेद चंदन की खेती की है.
जिसमें उन्हें लागत 2 से 3 लाख रुपए की लगी है 12 साल में 6 से 7 करोड रुपए की कमाई होगी. किसान का कहना है कि मुझे यूट्यूब से आइडिया मिला मैंने कंपनी से संपर्क किया और महाराष्ट्र के कुछ किसानों के खेतों में यह फसल लगी हुई है मैने वहां पर जाकर देखा और यह फसल लगा दी.
किसान ने दी जानकारी
लोकल 18 की टीम ने जब किसान दिलीप पवार से बात की तो उन्होंने बताया कि मुझे सोशल मीडिया के माध्यम से यह जानकारी लगी की लाल चंदन की खेती कर कर लाखों और करोड़ों रुपए की कमाई कर सकते हैं. मैने इसके बारे में सर्च किया. जो महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में किसानों ने खेती की थी. मैं उनके खेतों पर पहुंचा और वहां पर मैंने वास्तविक स्थिति देखी उससे मैं और भी प्रेरित हो गया. मैं डेढ़ एकड़ में लाल और सफेद चंदन की खेती की है. 700 पौधे लगाए हैं लाल चंदन की खेती 12 साल की होती है 12 साल में यह पौधे मुझे 6 से 7 करोड रुपए कमा कर देंगे. अभी तक में केला कपास गन्ना भी लगता था लेकिन इस बार मैंने नवाचार कर दिया है. जिले के अन्य किसान भी मेरे यहां पर मेरे से इस खेती की प्रेरणा लेने के लिए आ रहे हैं.
किसान को अक्षरों का भी नहीं है ज्ञान
किसान दिलीप पवार का कहना है कि में स्कूल ही नहीं गया हूं मुझे अक्षरों का भी ज्ञान नहीं है लेकिन मैं सोशल मीडिया के माध्यम से कृषि वैज्ञानिक और कृषि अधिकारियों और किसानों के संपर्क में रहता हूं. समय-समय पर मेरे द्वारा प्रशिक्षण भी लिया जाता है डेढ़ एकड़ में मेरे द्वारा 700 पौधे लगाए गए हैं. जिस तरह से किले के पौधों को पानी की जरूरत होती है उसी तरह से मैं इन पौधों की भी सिंचाई कर रहा हूं मुझे दो से तीन लाख रुपए की लागत लगी है.
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||



