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1997 के सहारा कप में सौरव गांगुली ने गेंद और बल्ले दोनों से ऐसा अविश्वसनीय ऑलराउंड प्रदर्शन किया कि पाकिस्तान की मजबूत टीम के पास उनका कोई जवाब नहीं था. इस सीरीज ने दुनिया को दिखा दिया कि सौरव गांगुली सिर्फ एक शानदार बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि संकट के समय मैच का पासा पलटने वाले एक महान ऑलराउंडर भी हैं.

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1997 के सहारा कप में अकेले सौरव गांगुली से हार गया था पाकिस्तान

नई दिल्ली. क्रिकेट के इतिहास में भारत और पाकिस्तान की प्रतिद्वंद्विता हमेशा से ही रोमांच के चरम पर रही है लेकिन साल 1997 में टोरंटो (कनाडा) के मैदान पर एक ऐसा ऐतिहासिक टूर्नामेंट खेला गया, जिसे आज भी ‘सौरव गांगुली बनाम पाकिस्तान’ के रूप में याद किया जाता है. यह था ‘सहारा कप’ जहां भारतीय क्रिकेट के भावी कप्तान और ‘प्रिंस ऑफ कोलकाता’ सौरव गांगुली ने अपनी जादुई बल्लेबाजी और धारदार गेंदबाजी के दम पर अकेले ही पूरी पाकिस्तानी टीम को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था.

1997 के सहारा कप में सौरव गांगुली ने गेंद और बल्ले दोनों से ऐसा अविश्वसनीय ऑलराउंड प्रदर्शन किया कि पाकिस्तान की मजबूत टीम के पास उनका कोई जवाब नहीं था. इस सीरीज ने दुनिया को दिखा दिया कि सौरव गांगुली सिर्फ एक शानदार बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि संकट के समय मैच का पासा पलटने वाले एक महान ऑलराउंडर भी हैं.

बल्ले से उगली आग, बनाई रनों की दीवार

5 मैचों की इस वनडे सीरीज में सौरव गांगुली पाकिस्तानी गेंदबाजों के लिए एक अबूझ पहेली बन गए थे. वसीम अकरम, वकार युनिस, सकलैन मुश्ताक और अकीब जावेद जैसे दिग्गज गेंदबाजों से सजी पाकिस्तानी आक्रमण की गांगुली ने जमकर धज्जियां उड़ाईं. उन्होंने सीरीज के 5 मैचों में शानदार बल्लेबाजी करते हुए सबसे ज्यादा 222 रन बनाए. उनके बल्ले से निकले गगनचुंबी छक्के और ऑफ-साइड में उनके ट्रेडमार्क शॉट्स ने टोरंटो में मौजूद दर्शकों का दिल जीत लिया था. वह हर मैच में भारतीय पारी की रीढ़ साबित हो रहे थे.

गेंद से बरपाया कहर, चटकाए सबसे ज्यादा विकेट

सहारा कप 1997 में गांगुली का असली सरप्राइज पैकेज उनकी मध्यम तेज गेंदबाजी रही. टोरंटो की हरी और मददगार पिचों पर दादा ने अपनी सीम और स्विंग गेंदबाजी से पाकिस्तानी बल्लेबाजों को दिन में तारे दिखा दिए. अमूमन एक बल्लेबाज के रूप में पहचान रखने वाले गांगुली ने इस सीरीज में मुख्य गेंदबाजों को पीछे छोड़ते हुए सबसे ज्यादा 15 विकेट अपने नाम किए. सीरीज के तीसरे मैच में तो उन्होंने महज 16 रन देकर 5 विकेट झटके, जो उस समय उनका सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन था. पाकिस्तानी बल्लेबाज उनकी स्विंग होती गेंदों को पढ़ ही नहीं पा रहे थे.

लगातार 4 बार ‘मैन ऑफ द मैच’ का वर्ल्ड रिकॉर्ड

इस सीरीज में सौरव गांगुली का दबदबा इस कदर था कि उन्होंने एक ऐसा विश्व रिकॉर्ड बना दिया जो आज तक कोई नहीं तोड़ पाया है. गांगुली ने 5 मैचों की सीरीज के लगातार 4 मैचों में ‘मैन ऑफ द मैच’ का खिताब जीता. उनके इस अद्भुत ऑलराउंड खेल की बदौलत भारत ने पाकिस्तान को इस सीरीज में 4-1 से करारी शिकस्त दी. सीरीज खत्म होने के बाद ‘मैन ऑफ द सीरीज’ के अवॉर्ड के लिए सौरव गांगुली के अलावा कोई दूसरा दावेदार दूर-दूर तक नजर नहीं आ रहा था. 1997 का सहारा कप भारतीय क्रिकेट इतिहास का एक टर्निंग पॉइंट था. यह कहना बिल्कुल गलत नहीं होगा कि उस टूर्नामेंट में पाकिस्तान की टीम भारत से नहीं, बल्कि अकेले ‘दादा’ के हौसले और क्लास से हार गई थी.

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Rajeev MishraAssociate editorमैं, राजीव मिश्रा, वर्तमान में नेटवर्क 18 में एसोसिएट स्पोर्ट्स एडिटर के रूप में कार्यरत हूँ. इस भूमिका में मैं डिजिटल स्पोर्ट्स कंटेंट की योजना, संपादकीय रणनीति और एंकरिंग की जिम्मेदारी निभाता हूँ. खेल पत्रका…और पढ़ें

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