बॉलीवुड में चंद फिल्में ही हर नजरिये से परफेक्ट लगती हैं. फिल्म की कहानी, गीत-संगीत, डायलॉग, सिनेमेटोग्राफी सब कुछ परफेक्ट लगता है. ऐसे फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के झंडे गाड़ दिए. 2001 में ऐसी ही एक फिल्म आई थी जिसकी स्क्रिप्ट सुनकर पर्दे पर खूंखार रोल निभाने वाले अमरीश पुरी भी रो पड़े थे. इस फिल्म के गीतकार के साथ भी ऐसा ही कुछ सीन हुआ था. वो भी स्क्रिप्ट सुनकर खूब रोए थे. अमरीश पुरी ने पर्दे पर विलेन का ऐसा रोल निभाया कि दर्शक हिल गए. अमरीश पुरी का लुक, उनके डायलॉग अमर हो गए. फिल्म भी ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर साबित हुई.
90 के दशक में शाहरुख खान-काजोल की फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ (1995) ने हिंदी सिनेमा के लिए टर्निंग प्वॉइंट साबित हुई. इसी फिल्म के बाद आउटडोर शूटिंग, विदेश की खूबसूरत वादियों पर शूटिंग के ट्रेंड बढ़ाया. यह ट्रेंड ‘जीत’, ‘दिल तो पागल है’ और ‘कुछ कुछ होता है’ जैसी फिल्मों में भी खूब दिखाई दिया. रोमांटिक फिल्मों के दौर में 2001 में एक ऐसी पीरियड ड्रामा फिल्म आई जिसमें भारत-पाक विभाजन, प्रेम कहानी, एक्शन ड्रामा सब कुछ था. गाने ब्लॉकबस्टर थे. इस फिल्म की स्क्रिप्ट सुनकर अमरीश पुरी भी रो पड़े थे. फिल्म ने इतिहास रच दिया. यह फिल्म थी : गदर एक प्रेम कथा.
सनी देओल की पीरियड ड्रामा एक्शन फिल्म ‘गदर: एक प्रेम कथा’ 15 जून 2001 में रिलीज हुई थी. इसी फिल्म में तारा सिंह और सकीना की लव स्टोरी दर्शकों को देखने को मिली थी. इसी फिल्म में अमरीश पुरी ने अशरफ अली का कालजयी किरदार निभाया था. फिल्म के डायरेक्टर अनिल शर्मा थे. प्रोड्यूसर्स ने उनके सामने या तो अमरीश पुरी या फिर काजोल को लेने की शर्त रखी थी. दोनों की फीस बहुत ज्यादा थी. ऐसे में डायरेक्टर अनिल शर्मा ने अमरीश पुरी को फिल्म में कास्ट कर लिया. काजोल की जगह अमीषा पटेल को फिल्म में मौका दिया गया.
डायरेक्टर अनिल शर्मा ने हाल में अपने एक इंटरव्यू में खुलासा किया कि अमरीश पुरी फिल्म की स्क्रिप्ट सुनकर खूब रोए थे. बकौल अनिल शर्मा, ‘मुझे याद है कि गदर के समय मैं अमरीश पुरी साहब को कहानी सुनाने उनके घर गया था. कहानी के बीच वो अचानक उठ गए. बोले एक मिनट बाद आता हूं. फिर आए और कहानी सुनी. फिर से एक मिनट का ब्रेक लेकर अंदर चले गए. फिर मेरा हाथ पकड़कर बोले कि कहानी बहुत अच्छी है. बोले कि मैं आंसू पोछने के लिए कमरे के अंदर जा रहा था.’
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ऐसा ही कुछ वाकिया गीतकार आनंद बख्शी के साथ हुआ था, जब उन्होंने ‘गदर’ फिल्म की स्क्रिप्ट सुनी थी. अनिल शर्मा जब कहानी सुना रहे थे तो आनंद बख्शी हर दो मिनट वॉशरूम जा रहे थे. अनिल शर्मा को लगा कि बख्शी साहब को कहानी पसंद नहीं आई है. पूरी स्क्रिप्ट सुनने के बाद आनंद बख्शी ने कहा था कि पिक्चर मुगल-ए-आजम है. बार-बार वॉशरूम जाने की वजह का खुलासा करते हुए बख्शी साहब ने कहा कि वो अपने आंसू नहीं रोक पा रहे थे, इसलिए वॉशरूम जा रहे थे.
‘गदर’ फिल्म कैसे बनी, इसका किस्सा भी कम दिलचस्प नहीं है. दरअसल, डायरेक्टर अनिल शर्मा ने कश्मीरी पंडितों के पलायन, भारत-पाक विभाजन पर आधारित एक फिल्म बनाना चाहते थे. 50 परसेंट कहानी लिख चुके थे. अनिल शर्मा ने अपने राइटर दोस्त शक्तिमान तलवार से फिल्म की कहानी में एक सब प्लॉट रखने को कहा. इस सब प्लॉट में एक भारतीय लड़के और पाकिस्तानी लड़की की कहानी थी. शक्तिमान तलवार ने जब लव स्टोरी का प्लॉट लिखा तो अनिल शर्मा रोमांचित हो उठे. उन्होंने सब प्लॉट पर ही ‘गदर’ फिल्म बनाई.
फिल्म का म्यूजिक उत्तम सिंह ने कंपोज किया था. फिल्म का म्यूजिक ब्लॉकबस्टर था. फिल्म के दो गाने ‘उड़ जा काले कावां’और ‘मैं निकला ओ गड्डी लेके’ खूब पॉप्युलर हुए. गीत आनंद बख्शी ने लिखे थे. ‘उड़ जा काला कांवा…… के 16 अंतरे बख्शी साहब ने लिखे थे. ‘गदर’ फिल्म में सनी देओल लीड रोल में थे. अनिल शर्मा हमेशा देओल फैमिली के करीब रहे. अनिल शर्मा के फेवरेट हीरो धर्मेंद्र रहे. सनी देओल को फिल्म की कहानी सुनाने के लिए अनिल शर्मा हैदराबाद गए थे. रात में तीन घंटे तक कहानी सुनाई थी. कहानी सुनने के बाद सनी ने सिर्फ इतना कहा था कि क्या वो इस फिल्म में शामिल हो सकते हैं. यह संकेत पाकर वो खुश हो गए.
गदर एक प्रेम कथा के डायलॉग और सीन खूब पॉप्युलर हुए. हैंडपंप वाला सीन तो आइकॉनिक माना जाता है. इस सीन पर पूरी यूनिट को ऐतराज था. लखनऊ में दो-तीन घंटे शूटिंग रुकी रही थी. पूरी यूनिट का कहना था कि सीन अतार्किक है. अनिल शर्मा भी अड़ गए. बाद में यही सीन इस फिल्म ना केवल इस फिल्म को बल्कि सनी देओल को अमर पहचान दे गया.
‘गदर एक प्रेम कथा’ ने फिल्म के सभी कलाकारों को अमर पहचान दी. फिल्म का बजट करीब 18.5 करोड़ का था. मूवी ने 133 करोड़ रुपये का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया था. यह एक ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म साबित हुई थी. यह भारत की सबसे ज्यादा देखी फिल्म की लिस्ट में तीसरे नंबर पर है. यह 2001 में सबसे ज्यादा पैसा कमाने वाली फिल्म थी. गदर के नाम सबसे ज्यादा टिकट बेचने का वर्ल्ड रिकॉर्ड है. फिल्म के करीब 10 करोड़ टिकट बिके थे.
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