फिल्म की दुनिया में स्क्रीन पर खूब रंग देखने को मिलते हैं. मगर कैमरे के पीछे भी एक दुनिया होती है. जो किसी दलदल से कम नहीं होता. इस मायानगरी में कुछ सुपरस्टार बनते हैं तो कुछ के हिस्से बदनामी भी आती है. ऐसी ही एक कहानी है बेहद खूबसूरत और मनमोहिनी रेखा की.
रेखा, वो अदाकारा जिन्होंने बचपन में ही काम करना शुरू कर दिया था. कुछ ठोकरे उन्हें किस्मत ने दी तो कुछ इंडस्ट्री के जालिमों ने. एक किस्सा है रेखा की उस फिल्म का, जब कच्ची उम्र में उनके साथ कुछ ऐसा हुआ, जिसने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया था.
दरअसल हम बात कर रहे हैं ‘अंजाना सफर’ की. जिसे कुलजीत पाल ने डायरेक्ट किया था. सालों बाद इस विवादित किस्से की चर्चा इसलिए शुरू हुई क्योंकि एक सीनियर जर्नलिस्ट ने लेटेस्ट इंटरव्यू में इसका जिक्र किया
‘अंजाना सफर’ को लेकर सीनियर फिल्म जर्नलिस्ट ज्योति वेंकटेश ने बात की. हिंदी रश को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि ‘अंजाना सफर’ के डायरेक्टर ने जानबूझकर एक विवाद खड़ा किया था. जिसकी प्लानिंग रची गई थी.
Add News18 as
Preferred Source on Google
‘अंजाना सफर’ में रेखा के अपोजिट बंगाली सिनेमा से करियर की शुरुआत करने वाले बिस्वजीत चटर्जी थे. तब तक बिस्वजीत बंगाली सिनेमा के सुपरस्टार बन चुके थे तो रेखा की ये पहली फिल्म मानी जा रही थी लेकिन सावन भादों पहले रिलीज हो गई.
‘अंजाना सफर’ के दौरान रेखा की उम्र 15 साल तो बिस्वजीत की उम्र 32 साल थी. रेखा की आमत्मकथा ‘रेखा: द अनटोल्ड स्टोरी’ में इसी फिल्म के इंटीमेट सीन का जिक्र किया गया था. जहां एक्ट्रेस की ओर से दावा किया गया था कि बिस्वजीत ने उन्हें बिना उनकी मर्जी के चूमा और विरोध के बावजूद 5 मिनट तक वह चूमते रह गए.
अब इसी विवादित सीन को लेकर सीनियर जर्नलिस्ट ने सच्चाई बताई. उन्होंने कहा कि उस समय रेखा नई नई मुंबई आई थीं. डायरेक्टर खुद एक कॉन्ट्रोवर्सी खड़ा करना चाहते थे. उन्होंने हीरो के कान में जाकर कहा कि लड़की को लिप-टू-लिप किस करना. ये सुनते ही बिस्वजीत ने पूछा- गाल पर किस करूं? तो डायरेक्टर ने साफ इनकार कर दिया.
जर्नलिस्ट के मुताबिक, हीरो ने वही किया, जो उन्हें डायरेक्टर ने किया था. मगर इस सीन ने रेखा को हिलाकर रख दिया था. वह फूट-फूटकर रोने लगी थीं और शूटिंग तक कैंसिल हो गई थी.
इस सीन से 15 साल की रेखा एकदम अंजान थीं. उन्हें बिल्कुल इस बात का अंदाजा नहीं था कि हीरो उन्हें होंठों पर चूमेगा. उनके मना करने के बाद भी ये सीन 5 मिनट तक चलता रहेगा. पूरी फिल्म क्रू सेट पर सीटियां बजा रही थीं तो सब खुश थे. सब चीजें कैमरे में रिकॉर्ड हो रही थीं. मगर एक रेखा ही थीं जो इस तूफान से जूझ रही थीं और उनकी आंखों से टप-टप आंसू गिर रहे थे.
फिल्म ‘अंजाना सफर’ की बात करें तो ये फिल्म काफी समय तक सेंसर बोर्ड में भी लटकी रही थी. कुलजीत पाल द्वारा निर्देशित फिल्म 10 साल तक लटकी रही थी. आखिरकार ये साल 1979 में ‘दो शिकारी’ नाम से रिलीज हुई. फिल्म में शोले के गब्बर यानी अमजद खान से लेकर विनोद खन्ना जैसे कलाकार भी थे. इस फिल्म के बाद रेखा और बिस्वजीत ने कभी साथ में काम नहीं किया.
फिल्म के इंटीमेट सीन को लेकर कुछ साल बाद बिस्वजीत ने एक इंटरव्यू सफाई भी दी थी. उन्होंने पहले तो हंसते हुए प्रश्न को टाल दिया. फिर उन्होंने कहा कि इसे तो मीडिया ने ही तिल का ताड़ बना दिया था. कहानी के लिहाज से किसिंग सीन जरूरी था, जिसे फिल्माना जरूरी थी. शूटिंग के बाद उन्होंने रेखा से बात भी की थी और सब ठीक था.
- व्हाट्स एप के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- टेलीग्राम के माध्यम से हमारी खबरें प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
- हमें फ़ेसबुक पर फॉलो करें।
- हमें ट्विटर पर फॉलो करें।
———-
🔸 स्थानीय सूचनाओं के लिए यहाँ क्लिक कर हमारा यह व्हाट्सएप चैनल जॉइन करें।
Disclaimer: This story is auto-aggregated by a computer program and has not been created or edited by Ghaziabad365 || मूल प्रकाशक ||



